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संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते यात्रा

by Samta Marg
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संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते यात्रा तीसरे दिन लखनऊ पहुंची

गांधीवादी-समाजवादी नेता जुटे, संविधान, लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष का ऐलान

सुश्री मेधा पाटकर, प्रो0 आनंद कुमार, चंदनपाल के नेतृत्व में पैदल मार्च और जनसभा

समर्थन में पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष समेत सैकड़ों नेता, जनसंगठन, आंदोलनों के प्रतिनिधि

स्ंविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते ˮविरासत बचाओ यात्राˮ तीसरे दिन लखनऊ पहुंची। सुबह 11 बजे कौल हाऊस में गांधीवादी-समाजवादी नेताओं-कार्यकर्ताओं का जमावड़ा जुटा। जहां 1936 में राष्ट्पिता महात्मा गांधी द्वारा रोपे गए वट वृक्ष के नीचे बैठकर सभा का आयोजन हुआ।

इसके बाद वरिष्ठ समाजवादी चिंतक प्रोफेसर आनंद कुमार, सुविख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री सुश्री मेधा पाटकर के नेतृत्व में कौल हाउस से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ चार किलोमीटर लंबा पैदल मार्च निकाला गया, जो हजरतगंज स्थित बाबा साहेब डा. अंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए शहीद स्मारक तक गई। कौल हाउस में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दिनेश सिंह समेत कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता यात्रा के समर्थन में पहुंचे।

वक्ताओं ने यूपी समेत देश में सत्ता घंमड में चूर खास विचारधारा की सरकारों द्वारा संविधान, लोकत्रंत, सामाजिक तानेबाने और गांधी की विरासत को खत्म करने के लगातार हो रहे नापाक प्रयासों पर चिंता व्यक्त करते हुए ऐसी तानाशाही सरकारों को सत्ता से उखाड़ फैंकने का आह्वान किया।

वरिष्ठ समाजवादी चिंतक प्रोफेसर आनंद कुमार और सर्व सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदनपाल लगातार तीसरे दिन भी यात्रा में शामिल रहे। यात्री स्वतंत्रता संग्राम सैनानी मौलाना बारी और गांधीजी की यादों से जुड़े “फिरंगी महल” गए और उनके परिजनों से मुलाकात की।

कौल हाउस से शहीद स्मारक तक आयोजित रैली के दौरान साथियों ने जमकर नारेबाजी की और जनगीत गाए। पैदल मार्च में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाने के लिए मेधा पाटकर और प्रोफेसर आनंद कुमार भी पैदल चले।

मेधा पाटकर ने पैदल मार्च शुरू होने से लेकर मार्च के आखिरी पड़ाव तक स्वयं नारे लगाते, गीत गाते हुए लोगों का उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान यात्रा के मकसद बताते पर्चे, पोस्टर भी आम जनता में बांटे गए। रेड ब्रिगेड लखनऊ, घरेलू महिला कामगार यूनियन, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने खासतौर पर पैदल मार्च में शिरकत की।

दोपहर को शहीद स्मारक पर विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। सभा को वरिष्ठ समाजवादी विचारक प्रोफेसर आनंद कुमार, मेधा पाटकर, संदीप पांडे, पूर्व विधायक डा.सुनीलम्, सीपीआई (एमएल) नेता सलीम ने संबोधित करते हुए कहा कि जनता को जाति-मजहब की गंदी सियासत में बांटकर और हिंसा, झूठ-फरेब के बल पर सत्ता कब्जाने वाली बीजेपी सरकार गांधी के विचार से डरती है।

इसलिए कायदे कानूनों को ताक पर रखकर उनकी विरासत को हर हाल में ध्वस्त करना चाहती है। सत्ता का दुरूपयोग करके वाराणसी में सर्वसेवा संघ का भवन बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त करना इसका ताजा उदहारण है।

नापाक बंसूबे पाली ये फिरकापरस्त फासिस्ट सरकारें गांधी की विरासत को तो नुकसान पहुंचा सकती है, पर उनके विचार नहीं मिटा सकती।

जनता ऐसे लोगों को सबक सिखाएगी। कहा कि वाराणसी में तानाशाही से गांधी-जेपी की विरासत सर्वसेवा संघ का भवन ध्वस्त करना गांधीवादियों को खुली चुनौति है, जिसका आने वाले समय में गांधीवादी तरीके से ही जवाब दिया जाएगा।

रेड ब्रिगेड की नेत्री उषा विषश्वकर्मा, समाजवादी विचारक संतोष तिवारी, डा0 हरिओम श्रीवास्तव, सुधाकर शाही, अनिल सिंह, रिहाई मंच के मोहम्मद सुहैल आदि ने बीजेपी सरकारों द्वारा प्रायोजित अन्याय, अत्याचार, हिंसा के खिलाफ देश के पिछड़े, दलित-आदिवासी, अल्पसंख्यक और महिलाओं को एकजुट होकर व्यापक संघर्ष की मुहिम छेड़ने और आगामी लोकसभा चुनाव में इन जुल्मी तानाशाही सरकारों को सत्ता से बेदखल करने का आह्वान किया।

कहा कि जाति-धर्म निरपेक्षता, समानता, सामाजिक न्याय भारतीय संविधान की आत्मा है। संविधान इस देश की बुनियाद है, जिसके साथ छेड़छाड़ होने पर देश बिखर जाएगा और हमारी एकता, अंखडता और भाईचारा ध्वस्त हो जाएगी। जिन्हें महात्मा गांधी-डा. अंबेडकर के संविधान से दिक्कत है।

सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजी से परहेज है। वो इस देश के हितैशी कभी नहीं हो सकते।

यात्रा के तीसरे दिन भी महात्मा गांधी के समातामूलक, समावेशी, सत्य, अहिंसा के रास्ते पर चलकर गांधी की विरासत आगे बढ़ाने और लोकतंत्र की मजबूती के लिए शांति, सद्भाव तथा जाति-धर्म निरपेक्ष सामाजिक न्याय की स्थापता का संकल्प दौहराया गया।

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राहुल राजभर, कांग्रेस प्रदेश लीगल सेल उपाध्यक्ष अजहर, उषा विश्वकर्मा, सागर यादव, जितेंद्र पटेल, लक्ष्मी, अखिलेश यादव आदि नेता संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते यात्रा को समर्थन देने अलग अलग जगहों पर पहुंचे। समाजवादी साथी आलोक कुमार ने स्थानीय स्तर पर यात्रा संयोजन की जिम्मेदारी निभाई।

बता दें कि संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते यात्रा का शुभारंभ 7 अक्टूबर 2023 को राजघाट नई दिल्ली से हुआ। तीन दिन पहले राजघाट दिल्ली से शुरू यात्रा गाजियाबाद, संभल, बिलारी, रामपुर, बरेली होते हुए सोमवार 9 अक्टूबर को लखनऊ पहुंची थी। देर शाम को यात्री ईलाहाबाद के लिए रवाना हुए।

वरिष्ठ समाजवादी चिंतक प्रा0 आनंद कुमार और सर्व सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदनपाल लगातार तीसरे दिन भी यात्रा में शामिल रहे।

दोनों समाजवादी विचारक बिना रूके, बिना थके यात्रा में शामिल हैं, जिससे यात्रियों में भी उत्साह और जोश है। यात्रा संयोजक गुड्डी बहन ने बताया कि 10 अक्टूबर 2023 को यात्रा का पढ़ाव इलाहाबाद होगा।

संविधान के वास्ते, गांधी के रास्ते यात्रा में दिल्ली, महाराष्ट, कर्नाटक, बंगाल, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड से प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं।

यात्रा गांधी-विनोबा-जेपी विरासत बचाओ संघर्श समिति, सेर्व सेवा संघ, युसुफ मेहरअली सेंटर, लोक समिति, लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान, जनआंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, खुदाई खिदमतगार, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित की जा रही है।

महाराष्ट्र से भगवान अवघड़े, अमोल संकूडे, उत्तराखंड से जबरसिंह वर्मा, राजेश कुमार, बिहार से रविंद्र कुमार, अनुपम आशिश, बैंगलोर से क्लाईमस आदि शामिल हैं।

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