हमें हीरे की नहीं, आक्सीजन की जरूरत है – किसान संघर्ष समिति

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12 जून। शुक्रवार को मप्र किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुनीलम की अध्यक्षता में ऑनलाइन 282वीं किसान पंचायत सम्पन्न हुई। किसान पंचायत को प्रदेश के विभिन्न जिले के किसान नेताओं ने संबोधित किया। किसान पंचायत का संचालन किसान संंघर्ष समिति की उपाध्यक्ष आराधना भार्गव ने किया।

ऑनलाइन किसान पंचायत को संबोधित करते हुए डॉ सुनीलम ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में दिल्ली के बॉर्डरों पर गत 198 दिन से धरना चल रहा है। जिसमें अब तक 502 से अधिक किसान शहीद हो गए हैं। उन्होंने बताया कि तेलंगाना में ज्वार की खेती करनेवाले किसानों की ज्वार 900 रुपये प्रति क्विंटल से खरीद की जा रही थी। तेलंगाना के हजारों किसानों ने पिछले दो महीने तक एमएसपी की मांग को लेकर आंदोलन किया। तेलंगाना के किसान संगठन रैयतु स्वराज्य वेदिका द्वारा एमएसपी पर खरीद किए जाने की मांग को लेकर 1 जून 2021 को उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर 9 जून को उच्च न्यायालय ने सरकार को 2620 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की एमएसपी में वृद्धि देश में महंगाई दर के बराबर भी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कि 25 जून को आपातकाल दिवस के अवसर पर देशभर में किसान संगठनों द्वारा खेती बचाओ,लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ दिवस मनाया जाएगा।

किसान संघर्ष समिति की उपाध्यक्ष आराधना भार्गव ने कहा कि हमें गांव गांव जाकर किसानों को समझाना पड़ेगा कि समर्थन मूल्य के नाम पर सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। रीवा से किसान संघर्ष समिति के संयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि विंध्य के समाजवादी नेता, पूर्व सांसद यमुना प्रसाद शास्त्री, जिनकी आंखों की ज्योति गोवा मुक्ति आंदोलन में घायल होने के बाद चली गई थी, उनकी 20 जून को पुण्यतिथि है, इस अवसर पर रीवा की सभी तहसीलों में कार्यक्रम आयोजित करने का हम विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीमा की किस्तें किसानों के खातों से कट चुकी हैं लेकिन कई किसानों को अभी तक फसल खराब होने पर क्लेम नहीं मिला है ।

औरंगाबाद, महाराष्ट्र के खेतिहर मजदूरों के बीच काम करनेवाले नेता सुभाष लोमटे ने बताया कि सरकार लालफीताशाही के चलते मनरेगा योजना का भी लोगों को लाभ नहीं पहुंचा पा रही है। खेतिहर मजदूरों और किसानों को मिलकर लड़ना होगा। इंदौर से किसान संघर्ष समिति के मालवा निमाड़ क्षेत्र संयोजक रामस्वरूप मंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों की दोहरी लूट जारी है, एक ओर किसानों को अपनी उपज का पूरा दाम नहीं मिलना तथा दूसरी ओर व्यापारियों द्वारा किसानों की उपज लूट कर फरार होना। सरकार ने भावांतर योजना 2017 में लागू की थी लेकिन भावांतर की राशि किसानों के खाते में नहीं पंहुची है। लॉकडाउन की आड़ में किसानों को डराया जा रहा है, उन्हें अपनी सब्जी ,फल, दूध शहरों तक बेचने से रोका गया जिससे किसानों को सब्जियां जानवरों को खिलानी पड़ रही है।

सिलवानी से किसान संघर्ष समिति के प्रदेश सचिव श्रीराम सेन ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा। संवैधानिक मूल्य बचेंगे तभी किसानी बचेगी। जल, जंगल, जमीन की लूट का खतरा अंग्रेजों के शासनकाल से कई गुना वर्तमान समय में बढ़ गया है।

सिवनी से किसंस के प्रदेश सचिव डॉ राजकुमार सनोडिया ने कहा कि बुआई शुरू हो गई है लेकिन किसानों को खाद व बीज नहीं मिल रहा है। कमलनाथ सरकार के समय वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की थी लेकिन अब उनकी सरकार है तब फसल नुकसानी के प्रकरण तक तैयार करके बीमा कंपनी को नहीं भेजे जा रहे हैं।

सिवनी के किसान नेता राजेश पटेल ने कहा कि बैंकों के द्वारा किसानों से जबरन वसूली की जा रही है। खाद की कालाबाजारी करनेवालों को प्रशासन संरक्षण दे रहा है। मक्का किसानों को 20 पैसे प्रतिकिलो एमएसपी बढ़ाकर देने से सरकार किसानों की आय कैसे दुगनी करेगी ? विदिशा से किसान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष राजेश तामेश्वरी ने कहा कि सरकार किसान हित की उपेक्षा कर रही है।

अलीराजपुर से किसान संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नवनीत मंडलोई ने कहा कि कपिलधारा योजना, मनरेगा योजना में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। हमें किसानों, मजदूरों के हित में जमीनी स्तर पर काम करना होगा। बैतूल से किसान संघर्ष समिति के महामंंत्री भागवत परिहार ने कहा कि मध्यप्रदेश के पांच जिले रायसेन, इंदौर, धामनोद,भिंड, भोपाल में किसानों की करोड़ों रुपये की उपज खरीदकर व्यापारी फरार हो गए हैं। मंडियां बंद होने से किसानों को मजबूरन व्यापारियों को अपनी उपज बेचनी पड़ती है। सरकारी मंडी में किसानों के भुगतान की व्यवस्था सुरक्षित थी लेकिन निजीकरण से भुगतान व्यवस्था असुरक्षित हो गई है इसलिए तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने के आंदोलन से जुड़ना हर किसान के लिए जरूरी है।

सिवनी के किसान नेता रघुवीर पटेल ने कहा कि सरकार समर्थन मूल्य देने का सिर्फ आश्वासन देती है खरीद की गारंटी नही देती। हरदा से किसंस के जिलाध्यक्ष योगेश तिवारी ने कहा कि शिवराजसिंह चौहान सरकार अवैध खनन रोकने में असफल रही है जिससे राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में प्रशासन द्वारा सब्जी-फल विक्रेताओं और किसानों को अपनी उपज बेचने से रोका जाता रहा लेकिन शराब की दुकानों के आगे भीड़ पर कोई अंकुश नहीं लगाने से क्षेत्र में कोरोना फैला। ग्वालियर के जिलाध्यक्ष शत्रुघन यादव ने कहा कि किसान आंदोलन को गांव गांव पहुंचाना जरूरी है।

मुलताई तहसील उपाध्यक्ष भूपेंद्र मकोड़े ने कहा कि पूर्ण कर्जमाफी के मुद्दे को तेजी से उठाया जाना चाहिए। सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा तो कर दी लेकिन अभी तक किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ है, हर किसान कर्ज में डूबा हुआ है। छिंदवाड़ा से श्रीकांत वैष्णव ने कहा कि अडानी ने छिंदवाड़ा के किसानों को गुमराह कर जमीन हथियाई है। सतीश जैन ने कहा कि अडानी पॉवर प्लांट से 24 गांवों पर भूजल प्रदूषित होने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि हीरा निकालने के लिए बकस्वाहा के जंगल को उजाड़ा जा रहा है। हमें आज हीरे की नहीं पेड़ों से मिलनेवाली ऑक्सीजन की जरूरत है। इसलिए हमें छतरपुर के ढाई लाख पेड़ों की कटाई को रोकना होगा।

सिवनी के किसान नेता डीडी वासनिक ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य के संस्थानों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए। सिवनी से जिलाध्यक्ष रामकुमार सनोडिया ने कहा कि किसानों को 1 हेक्टेयर जमीन पर मात्र 50 किलो डीएपी खाद दिया जा रहा है। खाद व बीज के दुकानदार किसानों को पक्के बिल नहीं देते हैं। ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिवनी से किसंस के सचिव महेंद्रसिंह बघेल ने भी खाद बीज का मुद्दा उठाया।

झाबुआ से किसंस के प्रदेश सचिव राजेश बैरागी, मंडला से किसंस के जिलाध्यक्ष रामसिंह कुलस्ते, सिवनी से करण शाह उइके, परसराम सनोडिया, महेंद्र कुमार राय, दुर्गेश सनोडिया, अशोकनगर से महेंद्रसिंह यादव, उ.प्र. से हरेंद्र यादव आदि किसान नेताओं ने भी ऑनलाइन किसान पंचायत को संबोधित किया।क
किसान पंचायत में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित हुए-

1. तीनों किसान विरोधी कृषि कानून रद्द किये जाएं।
2. बिजली संशोधन बिल 2020 वापस लिया जाए तथा अवैध बिजली बिल वसूली बंद की जाए।
3. सभी कृषि उत्पादों की स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार लागत से डेढ़ गुना दाम पर खरीद की गारंटी दी जाए।
4. किसानों को आवश्यकतानुसार खाद, बीज,कीटनाशक उप्लब्ध कराया जाए।
5. सभी किसानों का कर्जा माफ किया जाए।
6. छतरपुर में बकस्वाहा के ढाई लाख पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगाई जाए।
7. 25 जून को आपातकाल दिवस के अवसर पर ‘खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ दिवस मनाएंगे किसान संगठन।

भागवत परिहार
कार्यालय सचिव
किसंस,कार्यालय मुलतापी
9752922320

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