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राजनीति

Cockroach Janata Party.

मेरा काक्रोच जनता पार्टी के बारे में कुछ भिन्न मत है – शंभू नाथ

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1) एक नया, विचित्र और व्यंग्यात्मक चेहरा लेकर उभरी यह पार्टी एक गैर–राजनीतिक उभार है। यह सभी स्थापित राजनीतिक दलों से लोगों की खिन्नता का चिह्न है, खासकर विपक्षी दलों की व्यर्थता और उनका...
CJP

डिजिटल असहमति और युवाओं का ‘कॉकरोच मोर्चा’: जब अपमान ही सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार...

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— अम्बेदकर कुमार साहु — जब राज्य अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए अपने ही नागरिकों के अस्तित्व को कीड़े-मकौड़ों की तरह देखने लगे, तो इतिहास गवाह है कि वही अपमान एक इंकलाब की...
Retired judge's troubles

धर्म और जाति के बीच फँसा न्याय – अमित कोहली

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आम धारणा है कि अनुसूचित जातियां और जनजातियां कानून, समाज और सरकार की नजर में कमोबेश एक नहीं तो आसपास ही हैं। इसी के चलते बरसों अनुसूचित जाति, जनजाति आयोग और उनसे जुड़े कानून...

नेहरू के पुण्य स्मरण के बहाने ‘भारतीयता’ की खोज! – श्रवण गर्ग

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शायद यही सही समय है पूछे जाने का कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आज़ादी के पहले अहमदनगर क़िले के कारावास के दौरान अपनी महान रचना ‘डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया’ के ज़रिए...
Failed Experiments in Foreign Policy Through Flattery and Flimflam!

चापलूसी और झूलेबाज़ी के ज़रिए विदेश नीति के असफल प्रयोग ! – श्रवण गर्ग

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डॉनल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा की विफलता के कारणों को लेकर अमेरिकी मीडिया में जो विश्लेषण प्रकाशित हो रहे हैं हमारे लिए इस नज़रिए से चौंकानेवाले हो सकते हैं कि उनके निष्कर्षों को विदेश...

कौन सा विपक्ष, किसका विपक्ष और कैसा विपक्ष?

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— अरुण कुमार त्रिपाठी — स्वतंत्र भारत के इतिहास में कई बार विपक्ष की स्थिति कमजोर रही है। वह निष्प्रभावी रहा है और वैचारिक और सांगठनिक विखराव का शिकार रहा है। लेकिन जब भी मौका...

नए समय की राजनीति : विचार नहीं, प्रभाव चाहिए

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— परिचय दास — आज की राजनीति का सबसे बड़ा परिवर्तन शायद यही है कि उसका वैचारिक केंद्र लगातार धुँधला होता जा रहा है और "शक्ति" उसका एकमात्र स्थायी आकर्षण बनती जा रही है। पहले...
Modi and trump

ट्रम्प ने उड़ाया फिर भारत का मज़ाक़! – प्रोफेसर पंकज मोहन

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जिस देश की जनता का जीवन-स्तर जितना ऊंचा होता है, दुनिया उस देश को भी उतना ही अधिक महत्व देती है। ट्रम्प ने खुलेआम भारत को अपमानित किया। उसने कहा, भारत के लोग नारकीय...
Tamil Nadu at the Crossroads of Dravidian Politics

द्रविड़ राजनीति के चौराहे पर तमिलनाडु – परिचय दास

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तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक ऐसे चौराहे पर खड़ी दिखाई देती है जहाँ केवल सरकार गठन का संकट नहीं है बल्कि एक पूरे राजनीतिक युग के बदलने की बेचैनी भी उपस्थित है। लंबे...

चुनाव बाद बंगाल में हिंसा का शमन कैसे संभव है? – परिचय दास

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चुनाव के बाद हिंसा का सवाल हर बार ऐसे सामने आता है जैसे लोकतंत्र एक दिन का उत्सव हो और बाकी दिन उसकी कीमत चुकाने के लिए छोड़ दिए गए हों। पश्चिम बंगाल में...