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राजनीति

Will this halt the chariot of the Hindu Rashtra?

क्या इससे रुक जाएगा हिंदू राष्ट्र का रथ? – अरुण कुमार त्रिपाठी

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर से पूरे देश में फैल चुका युवाओं का आंदोलन क्या हिंदू राष्ट्र के रथ को रोक...
The authorities' high-handedness against a non-violent movement.

अहिंसक आंदोलन पर सत्ता की दबंगई – डॉ योगेन्द्र

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पहले वह दृश्य याद कीजिए जो जंतर- मंतर पर घटित हुआ । किस तरह पहले सादे ड्रेस में पाँच- छह पुलिस सोनम वांगचुक के पास पहुँचे । फिर सफेद चादर लेकर सादे ड्रेस में...
Cockroach Movement; Awakened citizens and confused political party workers

कॉकरोच आंदोलन ; जागृत नागरिक और कन्फ्यूज्ड राजनीतिक दलीय कार्यकर्ता

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— रणधीर कुमार गौतम — जब भी आंदोलनों का दौर आता है, तब हमारी राजनीतिक अभिव्यक्ति यह बताती है कि हम अपनी आशाओं में कितने दृढ़ हैं और परिवर्तन के विज्ञान को समझने में कितने...
Sonam Wangchuk

सोनम को लिखे एक पत्र के बहाने जनांदोलनों की नैतिक राजनीति पर विमर्श

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— कुमार कृष्णन — भारतीय लोकतंत्र का इतिहास केवल चुनावों, संसद और सरकारों का इतिहास नहीं है। यह उन जनांदोलनों का भी इतिहास है जिन्होंने समय-समय पर सत्ता को आईना दिखाया, समाज की चेतना को...
Satluj/Punjab 95: History and Imagination

सतलुज/पंजाब 95: इतिहास और कल्पना

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— परमजीत एस. जज — कॉन्ट्रोवर्शियल फिल्म "पंजाब 95" सेंसर बोर्ड की आपत्ति के कारण अभी तक रिलीज़ नहीं हो सकी है। लेकिन इसका टाइटल बदल कर "सतलुज" नाम से ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर दिखाया...
Sonam Wangchuk

जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन ‌पर मेरा नज़रिया! – राजकुमार जैन

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किसी भी इंसान की जान ‌जब खतरे में हो तो इंसानियत का तकाजा है की सबसे पहले उसकी हिफाजत की जाए। सवाल है ‌ की क्या कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से बनी इस पार्टी...
Sonam Wangchuk

सोनम वांगचुक का जंतर मंतर पर आमरण अनशन या युवाओं तथा विद्यार्थियों का विरोध...

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— शंभू नाथ — सोनम वांगचुक का जंतर मंतर पर आमरण अनशन या युवाओं तथा विद्यार्थियों का विरोध एक बड़ा साहस है और हम इसे दुर्लभ भी कह सकते हैं, क्योंकि पहली बार आंदोलनकारी स्थानीय...
Sonam Wangchuk

भारत में समकालीन युवा आंदोलन: परिवर्तन की राजनीति और राजनीति का परिवर्तन

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— Randhir Gautam — यह संतोष की बात है कि लंबे समय के बाद जन आंदोलनों में युवाओं की भूमिका और महत्त्व को फिर से केंद्रीय स्थान मिला है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1942 के...
A devious scheme to create an impression of honesty even amidst dishonesty!

बेईमानी में भी ईमानदारी का आभास दिलाने का कुचक्र! – अन्ना दुराई

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लगता है आजकल बड़े से बड़े घोटाले भी मात्र हंसी मजाक का विषय बनकर रह गए हैं। जहां देखो, लीपापोती के अलावा कुछ नहीं। कारस्तानियों के पक्ष में तर्क ऐसे ऐसे कि आँख शर्म...
Sonam Wangchuk

सोनम वांगचुक: सत्य के लिए संघर्ष – डॉ योगेन्द्र

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क्या भारत में एक अनशनकारी शहीद हो जायेगा? क्या सरकार अंधी- बहरी हो गई है? क्या शांतिपूर्ण आंदोलन का कोई मतलब नहीं रह जाएगा? बारह- तेरह दिन बीत गये । लद्दाख के सोनम वांगचुक...