Tag: अरुण कुमार त्रिपाठी
अब घृणा और युद्ध पर टिका होगा नया विश्व – अरुण...
अमेरिका और इजराइल ने रमजान के पवित्र महीने में ईरान पर हमला करके सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति मोहम्मद पेजस्कियां, ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी...
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
एपस्टीन फाइल्स यानी पूंजीवाद का घिनौना चेहरा – अरुण कुमार त्रिपाठी
जिन्हें पूंजीवाद से प्रेम है और जो मानवता का भविष्य इसी व्यवस्था में देखते हैं उन्हें एपेस्टीन फाइल्स की रोशनी में अपनी मान्यताओं पर...
क्या निहत्थे पैगंबर से डर गए थे कट्टरपंथी? – अरुण कुमार...
चिंतक और लेखक सच्चिदानंद सिन्हा अपनी पुस्तक ‘द अनआर्मड प्राफेट’ ( निहत्था पैगंबर) के आखिरी अध्याय में एक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाते हैः—क्या गांधी कामयाब...
सत्य और अहिंसा से ही बचेगा सनातन धर्म – अरुण कुमार...
उत्तर प्रदेश में सनातन धर्म को बचाने की जंग छिड़ी हुई है तो दुनिया में सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों को बचाने और नई व्यवस्था की...
इक्कसवीं सदी में निराशा के नए कर्तव्य – अरुण कुमार त्रिपाठी
आज के चौंसठ साल पहले डॉ राम मनोहर लोहिया ने नैनीताल में 23 जून 1962 को एक व्याख्यान दिया था, जिसका शीर्षक था ‘निराशा...
ऐसे तो नहीं बनेगी भारतीय ज्ञान प्रणाली : अरुण कुमार त्रिपाठी
एक ओर भारत सरकार देश में भारतीय ज्ञान प्रणाली कायम करने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर भारतीय विश्वविद्यालयों में विद्वता का...
अच्छाई का मार्केट इतना डाउन क्यों – अरुण कुमार त्रिपाठी
देश दुनिया बुरे दौर से गुजर रही है। पिछला साल काल की लंबी डोर में कई गांठें लगा गया। अच्छाई ने उन्हें खोलने की...
राष्ट्र प्रेरणा स्थल और हमारा राष्ट्रीय चरित्र – अरुण कुमार त्रिपाठी
लखनऊ के लोगों ने उद्घाटन के दिन ही राष्ट्र प्रेरणा स्थल से 7000 गमले चुरा कर यह साबित कर दिया कि राष्ट्रीय चरित्र न...
क्रोधित लोकतंत्र में हम लोगों का भविष्य – अरुण कुमार त्रिपाठी
लोकसभा में गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच चुनाव सुधारों पर बहस के दौरान जिस प्रकार क्रोध का लेन देन हुआ वह हमारे लोकतंत्र...




















