एक ओर भारत सरकार देश में भारतीय ज्ञान प्रणाली कायम करने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर भारतीय विश्वविद्यालयों में विद्वता का वातावरण निरंतर पतित होता जा रहा है। अभी हाल में विलासपुर के घासीराम केंद्रीय विश्वविद्यालय...
— परिचय दास —
हिंदी कोई एक भाषा नहीं, वह एक चलता हुआ समय है~जिसमें स्मृति है, स्वप्न ; सत्ता और प्रतिरोध भी। वह केवल व्याकरण की अनुशासित पंक्तियों में नहीं रहती बल्कि गली के मोड़ पर, खेत की मेड़...
प्रकृति कितनी रहस्यमय है! एक छिपकली है - जीला मान्स्टर। वह साल भर में मात्र एक या दो बार खाती है। वैज्ञानिकों ने उसकी आदतों को देखा- परखा और उन्होंने वजन घटाने वाली दवाओं का आविष्कार करना प्रारंभ किया।...
— डॉ योगेन्द्र —
मेरी आंखों के सामने नरेंद्र मोदी की एक चमकती तस्वीर तैर रही है। लंबे बाल, आत्मविश्वास से भरा चेहरा और आवाज में खनक। वे सार्वजनिक मंच से तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पूछ रहे हैं -”...
राष्ट्रीय प्रेस दिवस भारतीय लोकतांत्रिक चेतना के उस उजले क्षण की याद दिलाता है, जब शब्दों को स्वतंत्रता मिली और समाज को अपनी आवाज़। इस दिन का अर्थ केवल किसी तिथि का स्मरण नहीं बल्कि उस जिम्मेदारी की पुनर्स्मृति...
— परिचय दास —
बिरसा मुंडा की स्मृति में कोई भी दिन साधारण नहीं रह सकता। जंगलों की नमी, पत्तों की सरसराहट, पहाड़ों की ढलानों पर बिखरी हुई सुबह की रोशनी—सब मिलकर जैसे एक अदृश्य ढोलक की थाप में बदल...
शिक्षक के बिना दुनिया की कल्पना अधूरी है। वह वही है जो दृष्टि देता है—दृष्टि से भी अधिक, दृष्टि की दिशा देता है। विश्व शिक्षक दिवस केवल किसी पेशे या पद का उत्सव नहीं बल्कि मनुष्य की चेतना के...
— हिमांशु जोशी —
एआई प्लेटफॉर्म 'चैट जीपीटी' पर महात्मा गांधी के कैरेक्टर से उनके जन्मदिन पर हमने आज के भारत से जुड़े कुछ सवालों पर बातचीत की-
1- नमस्कार, भारत में हिन्दू और मुसलमानों के बीच बढ़ती खाई को पाटने...
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अनुवाद दिवस अपने भीतर शब्दों का एक गहरा संगीत लिए हुए आता है। यह केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि उन असंख्य पुलों की स्मृति है, जो भाषा से भाषा, संस्कृति से संस्कृति और मनुष्य से मनुष्य...
हिंदी में कितना कमाते हो ? लिखकर क्या मिलता है ? कितनी रॅायल्टी मिली ? आदि सवाल लेखक से खूब पूछे जाते हैं.ये सवाल क्यों पूछे जाते हैं ,हम नहीं जानते.पूछने वालों का मंशा एक ही होती है कि...

















