— परिचय दास — ।। एक ।। मानविकी विषयों में विद्यार्थियों के घटते प्रवेश को अगर आप केवल अपने आसपास के कॉलेज या विश्वविद्यालय की समस्या मान रहे हैं, तो यह थोड़ा वैसा ही है जैसे कोई किसान अपने खेत की...
— परिचय दास — ज्येष्ठ की कठोर धूप में जब पृथ्वी की देह तपकर लगभग धातु जैसी हो जाती है, तब भारतीय स्त्रियाँ वट वृक्ष की छाया के नीचे एक ऐसे अनुष्ठान का निर्वाह करती हैं जिसे आधुनिक समय अक्सर...
— अम्बेदकर कुमार साहु — गौरी और दीपक की पहली मुलाकात किसी कैफे या लाइब्रेरी में नहीं, बल्कि मुनिरका की एक बदबूदार गली के उस कोने पर हुई थी जहाँ एक पुराना फोटोकॉपी वाला बैठता था। दीपक वहाँ अपनी बगल...
— चंद्रभूषण — एक पूरी तरह गेय ग्रंथ में- न केवल गाने योग्य, बल्कि पूरा का पूरा व्यवस्थित रागों ही में गाने के निर्देश के साथ संकलित-संपादित गुरु ग्रंथ साहिब में- उतनी अमूर्त दार्शनिक बहसें मौजूद होने की अपेक्षा नहीं...
— पंकज मोहन — आजादी के कुछ वर्ष बाद बाबा नागार्जुन ने एक कविता लिखी थी: "घुन खाये शहतीरों पर की बारहखड़ी विधाता बांचे फटी भीत है, छत चूती है आले पर बिसतुइया नाचे बरसा कर बेबस बच्चों पर मिनट-मिनट में पांच तमाचे इसी...
— परिचय दास — बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर लिखना किसी शांत झील का वर्णन करना नहीं है; यह उस जल को पढ़ना है जिसमें सतह पर स्थिरता का भ्रम है, और भीतर निरंतर हलचल, अव्यवस्था और अदृश्य खिंचाव। “सुधार”...
बाबा साहेब अम्बेडकर की 14 अप्रैल को जयंती पर हर साल उनके अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमि डॉ. अम्बेडकर नगर, मध्य प्रदेश, बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, नागपुर, उनके समाधि स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानीय जगहों पर उन्हें...
— परिचय दास — विश्वविद्यालय की इमारतें दूर से जितनी भव्य दिखती हैं, भीतर से उतनी ही खामोश होती जाती हैं। यह खामोशी किसी ध्यानस्थ ऋषि की नहीं, बल्कि धीरे-धीरे थकते हुए मनुष्यों की है। गलियारों में चलते हुए कदमों...
— बी. के. नागला — जर्मन दार्शनिक और सामाजिक सिद्धांतकार युर्गेन हाबर्मास (Jürgen Habermas) बीसवीं और इक्कीसवीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली विचारकों में से एक रहे हैं। उनके कार्यों ने लोकतंत्र, सार्वजनिक विमर्श, संचार और आधुनिकता की आलोचनात्मक समझ को...
भारत गणराज्य के स्वधर्म की इस शृंखला के पहले लेख में हमने सर्वधर्मसमभाव यानी सेकुलरवाद की चर्चा की थी। अब हम स्वधर्म के दूसरे सूत्र यानी समता या समाजवाद की चर्चा करेंगे। समता एक आधुनिक विचार है। सभी इंसान...