हलचल
Citizens for Democracy का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न।
— केतन कुमार —
Citizens for Democracy का राष्ट्रीय अधिवेशन महाराष्ट्र के पुणे स्थित एस. एम. जोशी फाउंडेशन में 12 और 13 सितंबर 2026 को...
विचार
हिंदुत्व और सामाजिक न्याय की सीमाएं
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
उत्तर भारत की राजनीति ने वहां के समाज को त्रिशंकु की तरह अधर में लटका दिया है। यह राजनीति अपने...
आखिर नक्सली दिमागी क्यों होते हैं – अरुण कुमार त्रिपाठी
नक्सली दिमागदार होते हैं यह धारणा पुलिसिया सोच से उत्पन्न हुई है। इसलिए प्रधानमंत्री जब इस साल पंद्रह अगस्त को लाल किले के प्राचीर...
वीडियो
सवाल पूछने की आजादी बनाम सोशल मीडिया की अराजकता – राज...
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को मध्य प्रदेश के बालाघाट में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा घेरे जाने और उनके साथ तीखी बहस...
अन्य स्तम्भ
वासुदेवशरण अग्रवाल : साहित्य में संस्कृति की खोज
— परिचय दास —
।। एक ।।
हिंदी आलोचना का इतिहास केवल उन नामों से नहीं बनता जिन्हें इतिहास ने अपने मुख्य पृष्ठ पर जगह दी...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
आज क्यों जरूरी हैं – महर्षि महेश योगी और स्वामी विवेकानंद के विचार?
— परिचय दास —
स्वामी विवेकानंद और महर्षि महेश योगी के विचार केवल भारत तक सीमित नहीं हैं; उनकी शिक्षाएँ वैश्विक मानवता के लिए आज...
प्रधानमंत्रियों के चुनावी भाषण : तब और अब
— राजू पाण्डेय —
वैसे तो प्रधानमंत्री के संसद में दिए गए भाषण भी चुनावी भाषणों की भांति होते हैं और इनमें कटुता तथा व्यक्तिगत...
Doctrine of Equality and a Common Civil Code
— MOHAN GURUSWAMY —
The comer stone of a democratic society is equality. Everything that characterises a democracy flows from this notion of equality. Without...
Voices Without Fear: Reclaiming Democracy on the Streets
— Manisha Kumar —
Jutice A P Shah began by addressing the audience as “friends and fellow defenders of the Republic” and described the occasion...
साप्ताहिकी
“यह देश सभी का है” : मधु लिमये
— राजगोपाल सिंह वर्मा —
मधु लिमये भारतीय जनतंत्र के उन गिने-चुने वैचारिक योद्धाओं में थे, जिन्होंने विचारधारा के साथ नीति, और राजनीति के साथ...
राखी की डोरी और मनुष्य की स्वतंत्रता
— परिचय दास —
रक्षाबंधन आते ही घर के भीतर एक बहुत पुरानी ध्वनि लौट आती है। कहीं थाली में रोली सजती है, कहीं अक्षत की...


























































































