हलचल
मधु लिमये जन्मदिवस समारोह को यादगार तरीके से मनाया गया
समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और भारतीय समाजवाद के...
विचार
वामदलित प्रश्न पर सोशलिस्ट सोच एवं संघर्ष! – प्रो राजकुमार जैन
हिंदुस्तान के सोशलिस्टों के प्रेरणा स्रोत महात्मा गांधी, आचार्य नरेंद्रदेव, जयप्रकाश नारायण, युसूफ मेहर अली, डॉ राममनोहर लोहिया, मधु लिमए, राजनारायण इत्यादि रहे हैं।...
मजदूर आंदोलन में सोशलिस्ट तहरीक की भूमिका!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
भाग (1)
सोशलिस्ट तहरीक में मजदूर किसान आंदोलन की अहमियत, अहम मुकाम रखती है। बरतानिया हुकूमत के खिलाफ जंगे-आजादी की लड़ाई...
वीडियो
द्रविड़ राजनीति के चौराहे पर तमिलनाडु – परिचय दास
तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक ऐसे चौराहे पर खड़ी दिखाई देती है जहाँ केवल सरकार गठन का संकट नहीं है बल्कि एक पूरे...
अन्य स्तम्भ
मधु जी को याद करते हुए – हरीश खन्ना
आज महान समाजवादी चिंतक , चार बार लोक सभा के सांसद रहे मधु लिमये जी का जन्म दिन है । उनके साथ मेरी कई...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
तुलसी के लिए चाहिए मोती कूड़ा विवेक
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
तुलसी को पढ़ें या न पढ़ें? पढ़ें तो कैसे पढ़ें? तुलसी नफरत फैलाने वाले कवि हैं या समाज को हौसला...
धार्मिक नौकर
— राजेन्द्र राजन —
मेरे एक पड़ोसी हैं। पेशे से वकील। व्यस्तता, कामयाबी और पैसा उन्हें घेरे रहते हैं। उनके घर में एक मंदिरनुमा कोना...
बिहार में नदियों का घटता प्रवाह और जाल बन रहा गंगा डॉल्फिन की मौत...
14 मार्च। विलुप्तप्राय डॉल्फिन के संरक्षण के लिए सरकार ने 1991 में बिहार के सुल्तानगंज से लेकर कहलगांव तक के करीब 60 किलोमीटर क्षेत्र...
MODI KEEPS RAISING THE GODHRA INCIDENT AGAIN AND AGAIN!
— Mohan Guruswamy —
He would do well to remember the old saying about three inward pointing fingers if one is pointed at someone else....
साप्ताहिकी
हूबनाथ की कविता
सुकरात ने कहा -
जब आप पर
लोकतांत्रिक व्यवस्था ने
ग़लत आरोप लगाए
तो उस सभा में
किसी ने भी
किसी एक ने भी
आगे बढ़कर
प्रतिवाद क्यों नहीं किया
जब आपने
सभी आरोपों...
पंडित रामकिशन: जीवन चलने का नाम… – राजेंद्र बोरा
बहुत कम राजनेता आम जन में अपनी पैठ लंबे समय तक बनाई रख पाते हैं। वे यदि लंबी उम्र पा लेते हैं तो भी...



























































































