हलचल
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने सुखबीर सिंह जौनपुरिया के भेदभाव...
टोंक जिले की निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के द्वारा गरीब...
विचार
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
अपने अर्थ, संदर्भ और मिजाज़ में भारतीय है हमारा लोकतंत्र –...
गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की...
वीडियो
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : जेंडर और नस्ल के सवाल
— डॉ. शुभनीत कौशिक —
एआई आधारित सॉफ्टवेयर और एल्गोरिद्म में अंतर्निहित जेंडर और नस्ल सम्बन्धी पूर्वाग्रह की विस्तृत पड़ताल करते हुए टिमनिट गेब्रू और...
अन्य स्तम्भ
कर्पूरी ठाकुर : भारतीय राजनीति में सात्विक चरित्र के दुर्लभ प्रतिमान
— सुज्ञान मोदी —
भारत की राजनीतिक संस्कृति का जब भी मूल्यांकन होता है तब प्रायः उसके अप्रिय प्रसंग ही ज्यादा सामने आते हैं। औपनिवेशिक...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
संविधान ने प्राकृतिक संसाधन एवं उनकी विविधता बचाने के निर्देश दिए हैं – मेधा...
13 अप्रैल। जल-जंगल-जमीन देश के आमलोगों के जीने का आधार हैं। इसीलिए ये देश के जीने का अधिकार भी हैं। आज इन्हें नहीं बचाया...
हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल है देवा शरीफ की अनोखी होली
19 मार्च। होली रंगों का त्योहार है। यह त्योहार हर जगह अपने अंदाज से मनाया जाता है। मथुरा-वृन्दावन और बरसाने की होली को देखने...
राजस्थान में विद्या संबल योजना सवालों के घेरे में
10 अप्रैल। विद्या संबल योजना के तहत गहलोत सरकार के वित्त मंत्रालय ने 30 मार्च को आदेश जारी करके स्कूलों में भी गेस्ट फैकल्टी...
Report of the ‘PUCL Delhi Lawyers’ Roundtable on Legal Responses to...
At a time when constitutional values are increasingly strained by rising communal polarisation, hate speech, and targeted violence, the People's Union for Civil Liberties...
साप्ताहिकी
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
गांधी की ज़रूरत क्या है? – परिचय दास
गांधी की ज़रूरत किसी मूर्ति के लिए नहीं है। न चौराहे के लिए, न साल में दो दिन के पुष्पांजलि-अनुष्ठान के लिए। गांधी की...

























































































