हलचल
वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति और हमारा दायित्व
विगत वर्ष 2025 के जुलाई में हमने अपने द्वितीय प्रांतीय सम्मेलन में प्रस्ताव पारित कर बिहार विधान सभा चुनाव में एन.डी.ए. सरकार को सत्ता...
विचार
बहुत अंतर है नेहरू-मोदी और उनके युग में – अरुण कुमार...
हरिवंश राय बच्चन की रचना मधुशाला की कुछ पंक्तियां पंडित जवाहर लाल नेहरू और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री कार्यकाल की तुलना पर एकदम सटीक...
काकरोच का समर्थन विपक्ष का विरोध नहीं – अरुण कुमार त्रिपाठी
कुछ लोग विपक्ष को व्यक्ति वाचक संज्ञा मानते हैं। कुछ लोग दलवाचक संज्ञा मानते हैं तो कुछ लोग गठबंधन वाचक। वे लोग महीने भर...
वीडियो
विश्वविद्यालय कैंपसों में घटती बहसें
— परिचय दास —
कभी विश्वविद्यालयों की पहचान केवल उनकी इमारतों, विभागों और परीक्षाओं से नहीं होती थी। उनकी पहचान उन आवाज़ों से होती थी...
अन्य स्तम्भ
दयाकृष्ण का सभ्यता विमर्श – डॉ आलोक टण्डन
बीसवीं शताब्दी के भारतीय दार्शनिकों में अग्रणी स्थान रखने वाले प्रो. दयाकृष्ण की जन्मशती के अवसर पर जब मैं उनके अवदान पर दृष्टि डालता...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
गांधी विरासत पर हो रहे हमले के खिलाफ भागलपुर में गांधीजनों ने किया प्रतिवाद...
20 अगस्त। सर्वोदय मंडल भागलपुर, गांधी शांति प्रतिष्ठान, लोकसमिति भागलपुर, लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान, माध्यम, माइनॉरिटी डेवलपमेंट सोसायटी, दलित विकास समिति आदि संगठनों के...
आज सामंती अगडों के पेट में दर्द भयानक उठेगा
— रमाशंकर सिंह —
केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना के फ़ैसले का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ लेकिन आबादी के अनुपात में पिछड़ों वंचितों दलितों...
सवाल बचाव का है, परम्परा का नहीं
— ईशान चौहान —
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया, यह कहते हुए कि आम जनता के स्वास्थ्य के...
A TRIBUTE TO CHANDRASHEKHAR
— MOHAN GURUSWAMY —
I wrote this on the late Chandrashekhar's 75th birthday. He would have been 101 now. I think of him often. He...
साप्ताहिकी
विष्णु नागर जी की कविता
मोदी - मोदी : कितना अकेला है मोदी
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मोदी के घर में उसके कई सेवक हैं
उसका वहाँ कोई भाई, कोई बहन नहीं
उसके आँगन में...
‘सब मज़ेदारी है! कथा नीलगढ़’
— डॉ संजय जोठे —
कोई तीस बरस पहले की बात है। चौबीस साल का एक उत्साही नवयुवक दिल्ली से चलकर भोपाल से 36 किलोमीटर...




















































































