हलचल
अल्बर्ट एक्का चौक पर SIR के खिलाफ प्रदर्शन, नागरिकता जांच का...
रांची, झारखंड: आज राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर SIR (Special Intensive Revision) की कथित गैर-लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों...
विचार
भगवान के भरोसे है हमारी नागरिकता – अरुण कुमार त्रिपाठी
भारतीय नागरिकता पर विदेश मंत्रालय के बयान के बाद देश में एक नए किस्म का भ्रम पैदा हो गया है। अब पासपोर्ट धारी लोग...
जब शब्द गिरफ्तार हुए और कविता मुक्त रही!
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं था बल्कि वह भारतीय भाषाओं की आत्मा की परीक्षा का समय भी था।...
वीडियो
जल क्रांति से भी संपूर्ण क्रांति संभव है – जलपुरुष राजेंद्र...
देश भर में 1975 के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में शामिल रहे साथी इस दिवस को बड़े उत्साह से मनाते हैं। यह दिवस उन सभी...
अन्य स्तम्भ
राजकमल चौधरी: विखंडित समय का बेचैन रचनाकार
— परिचय दास —
राजकमल चौधरी का साहित्य हिन्दी की उस बेचैन चेतना का साहित्य है जो किसी व्यवस्थित नैतिक संसार में अपने लिए स्थान नहीं...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
बशीर बद्र : धीमी रोशनी का शायर
— परिचय दास —
।।एक।।
बशीर बद्र की ग़ज़लों में शब्द केवल अर्थ नहीं रखते, वे अपने भीतर एक हल्की-सी धूप, एक ठंडी छाया और एक...
दूसरे संप्रदायों के खिलाफ धर्मान्धता की राजनीति करना विवेकानंद की विरासत का अपमान है
— योगेन्द्र यादव —
स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो की विश्व धर्म महासभा में 11 सितम्बर 1893 को दिए भाषण को याद कर हर हिंदू और...
बुनकरों की बदहाली : दवा के साथ दुगुना होता मर्ज
— अशोक शरण —
सात अगस्त, 1905 को कोलकता टाउनहॉल में आयोजित एक विराट सभा में विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव पारित...
Kishan Patnaik: A Life of Uncompromising Values and Independent Socialist Thought...
On the 86th birth anniversary of Kishan Patnaik, who upheld his life values without any compromise even in the face of adverse circumstances, I...
साप्ताहिकी
मैं वापस आऊँगा: घर की ओर लौटती स्मृतियाँ और विभाजन का...
— परिचय दास —
भारतीय सिनेमा में विभाजन पर अनेक फिल्में बनी हैं। अधिकांश फिल्मों ने उसे इतिहास की एक विराट राजनीतिक घटना के रूप में...
विष्णु नागर जी की कविता
मोदी - मोदी : कितना अकेला है मोदी
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मोदी के घर में उसके कई सेवक हैं
उसका वहाँ कोई भाई, कोई बहन नहीं
उसके आँगन में...

























































































