हलचल
कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के स्थापना दिवस पर समाजवादी समागम द्वारा एक...
कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के स्थापना दिवस पर समाजवादी समागम द्वारा एक यादगार वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
17 मई 2026 को समाजवादी समागम के...
विचार
भाषा में संयम बनाम आचरण की भाषा – अरुण कुमार त्रिपाठी
अच्छा हुआ कि भारत के मुख्य न्यायाधीश ने तुच्छ याचिकाएं डालने और सोशल मीडिया पर न्यायपालिका की आलोचना करने वालों को अंग्रेजी में ‘काकरोच...
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर – परिचय दास
भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल परीक्षाएँ नहीं रह गई हैं, वे सामाजिक आकांक्षाओं, आर्थिक असुरक्षाओं, पारिवारिक दबावों और राजनीतिक व्यवस्थाओं का एक विशाल...
वीडियो
तमिलनाडु और भारत में जेनजी की दस्तक −अरुण माहेश्वरी
तमिलनाडु में टीवीके की जीत एक असाधारण घटना है। द्रमुक और अन्नाद्रमुक की दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति के भीतर वहां अचानक एक ऐसा राजनीतिक...
अन्य स्तम्भ
पाकिस्तान को 55 करोड़ रुपये देने का मामला: इतिहास, नैतिकता और...
भारतीय राजनीति में कुछ नारे ऐसे हैं जो बार-बार दोहराए जाते हैं, लेकिन उनके पीछे का पूरा इतिहास शायद ही कभी बताया जाता है।...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
अब्दुल हमीद का पराक्रम
— रमेश यादव —
पाकिस्तान ने 1947-49 के दौरान हुई कश्मीर जंग के अनुभवों से सबक न लेकर 1965 में एक बार फिर जंग छेड़...
केदारनाथ धाम : आपदा का एक दशक
— वीरेन्द्र कुमार पैन्यूली —
बहुत कुछ सीखने को मजबूर कर गई थी 15-16 जून 2013 की उत्तराखंड आपदा, पर अब तो उसका भूलना ही...
गांधी के घर में सावरकर की घुसपैठ
— डॉ सुरेश खैरनार —
गांधी स्मृति राजघाट के द्वारा 'अंतिम जन' का सावरकर विशेषांक निकालने का मतलब? महात्मा गांधी की शारीरिक हत्या के बाद...
The Misunderstanding of Secularism by Hindus and Muslims.
— MOHAN GURUSWAMY —
Pakistan, the land of the pure, was carved out of India as a homeland for Muslims, a fact that was doubly...
साप्ताहिकी
मधु लिमये को समझना क्यों ज़रूरी है?
1977 का बजट सेशन चल रहा था। मोरारजी देसाई की सरकार थी। लिम्का और गोल्ड स्पॉट बनाने वाली कंपनी पार्ले के एक प्रतिनिधि ने...
कॉक्रोच पर कविता!
— डॉ राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी —
सांस में जिसकी निवसती क्रांति है,
वह युवा ही शांति का बल है महा ।
सृष्टि का निर्माण जिस संकल्प में
उसी...



























































































