हलचल
जनांदोलनों की राष्ट्रीय बैठक ने दी राकेश रफीक को भावभीनी श्रद्धांजलि।
मार्क्स, गांधी और जे पी के विचारों के साथ अनवरत संघर्ष करने वाले साथी थे राकेश रफीक
लखनऊ के गांधी भवन में जनांदोलनों की अखिल...
विचार
मनुष्यता के बीहड़ों में जयप्रकाश
— परिचय दास —
1. अमेरिका में अंगूर तोड़ने वाला विद्यार्थी
जयप्रकाश नारायण की कहानी की शुरुआत किसी राजभवन, राजनीतिक मंच या प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के दीक्षांत...
सनातन : पुराने से चिरंतन तक
— परिचय दास —
‘सनातन’ शब्द से हमारा परिचय इतना पुराना है कि कभी-कभी हम उसके अर्थ को जानने की आवश्यकता ही नहीं समझते। जैसे घर...
वीडियो
महात्मा गांधी और भारत की लोकचेतना – राजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी
महात्मा गांधी अर्थात् भारत की सामान्यजन-चेतना, समष्टिजन-चेतना, सर्वजन-चेतना और भारत के सामाजिक जीवन की अविच्छिन्न-निरंतरता। यह ठीक है कि गांधी एक व्यक्ति थे, किन्तु...
अन्य स्तम्भ
नवनीतम पिल्लै को शांति का नोबल ( 2026)
—परिचय दास —
।। एक।।
मनुष्य होने की जगह
इतिहास समुद्रों को नापता है, मनुष्य की स्मृति उन्हें पार करती है। समुद्र के इस पार कोई घर...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
एका एक मिलै गुरु पूरा
— मेधा —
भारतीय भक्ति और सूफ़ी परंपरा में गुरु की महिमा का बहुत अधिक बखान हुआ है। यूँ तो व्यक्ति यदि सचेत हो और...
केरल में दलितों ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न करने का आरोप, राज्य एससी-एसटी आयोग...
6 जून। केरल राज्य अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग ने रविवार को पुलिस से उन आरोपों को लेकर एक रिपोर्ट माँगी, कि उसके अधिकारियों ने...
ओड़िशा में कारपोरेट की चॉंदी और जनता की बरबादी
— प्रफुल्ल सामंतरा —
1. ओड़िशा में पोस्को के खिलाफ 2005 से 2016 तक लंबा संघर्ष चला था। सरकार ने 2700 एकड़ वनभूमि जबरदस्ती अधिग्रहीत कर...
Lohia’s realization of a vibrant and active Gandhi
— Prem Singh —
"The greatest revolution of our time is, therefore, a procedural revolution, removal of injustice through a mode of action characterised by...
साप्ताहिकी
शहीदे आज़म भगत सिंह
मुझे यकीन है
कुछ लोगों के जाने के बाद भी
दुनिया में रह जाएगी
अन्याय और
अत्याचार के विरुद्ध
उनकी बुलंद आवाज़
मज़बूत हाथ
तनी हुई मुट्ठियाँ
अदम्य साहस
मानवीय संवेदनाएँ
संघर्ष की कहानियाँ
उम्मीदों...
“यह देश सभी का है” : मधु लिमये
— राजगोपाल सिंह वर्मा —
मधु लिमये भारतीय जनतंत्र के उन गिने-चुने वैचारिक योद्धाओं में थे, जिन्होंने विचारधारा के साथ नीति, और राजनीति के साथ...
























































































