हलचल
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान ने ईरान पर किये गये हमले का...
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान गत शनिवार को अमेरिका और इज़राएल द्वारा ईरान पर किये गये ज़बरदस्त हमले का सख़्त विरोध करता है। यह लड़ाई...
विचार
ईरान व अमरीका: विश्व राजनीति में ध्रुवीकरण का अध्याय
— परिचय दास —
इतिहास को कभी-कभी दो व्यक्तियों के नाम से याद किया जाता है लेकिन सच यह है कि उनके निर्णयों का भार...
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
वीडियो
अब घृणा और युद्ध पर टिका होगा नया विश्व – अरुण...
अमेरिका और इजराइल ने रमजान के पवित्र महीने में ईरान पर हमला करके सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति मोहम्मद पेजस्कियां, ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी...
अन्य स्तम्भ
महात्मा गांधी और सरोजिनी नायडू: ‘बापू’ और ‘भारत कोकिला’ की अमर...
सरोजिनी नायडू, जिन्हें 'भारत कोकिला' (The Nightingale of India) के नाम से जाना जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की एक प्रखर सेनानी, प्रख्यात कवयित्री...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
आज के भारत में स्वामी विवेकानंद को याद करने का अर्थ क्या है
— शैलेन्द्र चौहान —
भारतीय समाज में ऐसे कई समाज सुधारक हुए जिन्होंने समाज के ढाँचे को पूरी तरह बदल कर रख दिया। ऐसे ही...
माँगी नौकरी मिलीं लाठियाँ
1 सितंबर। बिहार से एक बार फिर नौकरी माँगनेवाले अभ्यर्थियों पर पुलिस के लाठीचार्ज की तस्वीरें आई हैं। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के...
Why the Swachh Bharat Abhiyan was Bound to Fail – MOHAN GURUSWAMY
Reading out last year’s PMO JS budget Nirmala Sitharaman happily announced that the Swachh Bharat Abhiyan was a complete success and once again announced...
A Charter for a New India! – MOHAN GURUSWAMY
The Indian Union of States has reached a critical impasse. Its diversity bound together by the Constitution that was meant to make us a...
साप्ताहिकी
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
गांधी की ज़रूरत क्या है? – परिचय दास
गांधी की ज़रूरत किसी मूर्ति के लिए नहीं है। न चौराहे के लिए, न साल में दो दिन के पुष्पांजलि-अनुष्ठान के लिए। गांधी की...



























































































