हलचल
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान ने ईरान पर किये गये हमले का...
लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान गत शनिवार को अमेरिका और इज़राएल द्वारा ईरान पर किये गये ज़बरदस्त हमले का सख़्त विरोध करता है। यह लड़ाई...
विचार
ईरान व अमरीका: विश्व राजनीति में ध्रुवीकरण का अध्याय
— परिचय दास —
इतिहास को कभी-कभी दो व्यक्तियों के नाम से याद किया जाता है लेकिन सच यह है कि उनके निर्णयों का भार...
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
वीडियो
होली : जहाँ रंग उतरते हैं, वहाँ स्मृति ठहरती है
— परिचय दास —
।। एक ।।
होली ऋतु का वह क्षण है जहाँ समय अपने अनुशासन से फिसलकर रस में बदल जाता है। यह केवल...
अन्य स्तम्भ
संसदीयशास्त्र के समाजवादी पुरोधा रवि राय को इसलिए भी जानना जरूरी!
— जयराम शुक्ला —
समाजवाद के दिग्गज स्तंभ रवि राय की आज पुण्यतिथि है। 6 मार्च 2017 के दिन कटक में उन्होंने ने इहलोक से...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
चीन को पीछे छोड़, भारत आबादी में पहले नंबर पर
19 अप्रैल। भारत 29 लाख की आबादी के अंतर से चीन को पछाड़ कर दुनिया में सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका है। यूनाइटेड...
अर्थशास्त्री अभिजीत सेन नहीं रहे
प्रख्यात अर्थशास्त्री और योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. अभिजीत सेन का कल 29 अगस्त की देर रात को हृदयाघात से निधन हो गया।...
समाजवादी एकजुटता सम्मेलन के लिए संदेश – जी. जी. पारीख
मुझे खुशी है कि मैं समाजवादी आन्दोलन के 90 वीं सालगिरह देखने के लिये जिन्दा हूं। जो कार्यक्रम पुणे में हो रहा है उसमें...
H.K. Dua (88) A byword for integrity – AJ Philip
Mr Har Kishan Dua—known to generations of journalists simply as Mr H.K. Dua—passed away at Escorts Hospital this afternoon after being admitted there for...
साप्ताहिकी
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
गांधी की ज़रूरत क्या है? – परिचय दास
गांधी की ज़रूरत किसी मूर्ति के लिए नहीं है। न चौराहे के लिए, न साल में दो दिन के पुष्पांजलि-अनुष्ठान के लिए। गांधी की...




























































































