हलचल
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने सुखबीर सिंह जौनपुरिया के भेदभाव...
टोंक जिले की निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के द्वारा गरीब...
विचार
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
अपने अर्थ, संदर्भ और मिजाज़ में भारतीय है हमारा लोकतंत्र –...
गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की...
वीडियो
डॉ. रामचंद्र प्रधान का अनंत में महाप्रस्थान – प्रोफेसर राजकुमार जैन
तकरीबन साठ वर्षों तक प्रधान जी से मेरे आत्मीय संबंध बने रहे। समाजवादी विचारधारा में गहरी आस्था रखने वाले डॉ. प्रधान ताउम्र समाजवादी तवारीख...
अन्य स्तम्भ
प्रोफेसर T. K. Oommen को विनम्र श्रद्धांजलि!
— रणधीर गौतम —
भारतीय समाजशास्त्र के साधकों की एक लंबी परंपरा रही है, जिसने व्यक्ति, समाज और संस्कृति के बोध को विकसित करते हुए...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
Pandit Nehru vs. Sardar Patel Brothers in Arms!
— MOHAN GURUSWAMY —
On October 30, 2018 Narendra Modi inaugurated the giant Sardar Patel statue facing the Narmada Dam. It is 3.2 km away...
देश में 5 साल में सांप्रदायिक हिंसा के 2900 मामले हुए दर्ज
8 दिसंबर। देश में वर्ष 2017 से 2022 के दौरान पाँच साल में सांप्रदायिक हिंसा और धार्मिक दंगों के 2900 मामले दर्ज किए गए...
Remembering Professor T. K. Oommen: A Pluralist Architect of Indian Sociology
The passing of Professor T. K. Oommen on 26 February 2026 in Gurugram marks the end of a distinguished intellectual journey that significantly shaped...
साप्ताहिकी
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
गांधी की ज़रूरत क्या है? – परिचय दास
गांधी की ज़रूरत किसी मूर्ति के लिए नहीं है। न चौराहे के लिए, न साल में दो दिन के पुष्पांजलि-अनुष्ठान के लिए। गांधी की...



























































































