हलचल
मत देने के अधिकार की रक्षा करें। विरोध के अधिकार की...
सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी उन सभी नागरिकों, छात्रों, नागरिक समाज संगठनों और लोकतांत्रिक समूहों के साथ खड़ा है जो भारत निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की...
विचार
सनातन : पुराने से चिरंतन तक
— परिचय दास —
‘सनातन’ शब्द से हमारा परिचय इतना पुराना है कि कभी-कभी हम उसके अर्थ को जानने की आवश्यकता ही नहीं समझते। जैसे घर...
स्वैच्छिक दासता, चुनाव और आंदोलन – अरुण कुमार त्रिपाठी
विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर पूरे देश में चल रही वोट चोरी (नहीं डकैती) के समक्ष देश के पास तीन विकल्प हैं। पहला...
वीडियो
महात्मा गांधी और भारत की लोकचेतना – राजेन्द्र रंजन चतुर्वेदी
महात्मा गांधी अर्थात् भारत की सामान्यजन-चेतना, समष्टिजन-चेतना, सर्वजन-चेतना और भारत के सामाजिक जीवन की अविच्छिन्न-निरंतरता। यह ठीक है कि गांधी एक व्यक्ति थे, किन्तु...
अन्य स्तम्भ
नवनीतम पिल्लै को शांति का नोबल ( 2026)
—परिचय दास —
।। एक।।
मनुष्य होने की जगह
इतिहास समुद्रों को नापता है, मनुष्य की स्मृति उन्हें पार करती है। समुद्र के इस पार कोई घर...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
सूडान में फंसे भारतीय मजदूरों को जल्द निकालने की माँग
20 अप्रैल। अफ्रीकी देश सूडान में पिछले हफ्ते शुरू हुई भीषण लड़ाई में फँसे 180 भारतीयों को निकालने के लिए मोदी सरकार पर चौतरफा...
देश भर में उत्तराखंड की आवाज विमल भाई नहीं रहे
15 अगस्त। विमल भाई के अस्पताल में भर्ती होने की खबर साथी फैसल ख़ान जी से मिली थी। उन्होंने बतलाया था कि कभी भी...
नामवर सिंह के आलोचना-संसार की नई संदर्भों में पड़ताल
नव नालंदा महाविहार में जन्म-शताब्दी समारोह के दौरान नामवर सिंह के साहित्य, आलोचना और वैचारिकी पर विमर्श
हिंदी आलोचना के अप्रतिम व्यक्तित्व नामवर सिंह की...
Lohia’s realization of a vibrant and active Gandhi
— Prem Singh —
"The greatest revolution of our time is, therefore, a procedural revolution, removal of injustice through a mode of action characterised by...
साप्ताहिकी
शहीदे आज़म भगत सिंह
मुझे यकीन है
कुछ लोगों के जाने के बाद भी
दुनिया में रह जाएगी
अन्याय और
अत्याचार के विरुद्ध
उनकी बुलंद आवाज़
मज़बूत हाथ
तनी हुई मुट्ठियाँ
अदम्य साहस
मानवीय संवेदनाएँ
संघर्ष की कहानियाँ
उम्मीदों...
“यह देश सभी का है” : मधु लिमये
— राजगोपाल सिंह वर्मा —
मधु लिमये भारतीय जनतंत्र के उन गिने-चुने वैचारिक योद्धाओं में थे, जिन्होंने विचारधारा के साथ नीति, और राजनीति के साथ...
























































































