हलचल
प्रधानमंत्री के नाम पत्र
माननीय प्रधानमंत्री
भारत सरकार
विषय: NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटना के बाद युवाओं द्वारा शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के त्यागपत्र की मांग के...
विचार
सभ्य समाज को ही मिलती है अच्छी पुलिस – अरुण कुमार...
साहित्य अकादेमी पुरस्कार विजेता, जाने माने शायर और इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रहे आनंद नारायण मुल्ला ने 1961 में भारतीय पुलिस व्यवस्था को...
जसवंत खालड़ा की याद – अरविंद मोहन
फिल्म ‘सतलज’ पर प्रतिबंध के बाद मानवाधिकार कार्यकर्त्ता जसवंत सिंह खालड़ा आज फिर चर्चा में हैं तो रह रहकर उनसे जुड़ी यादें जोर मार...
वीडियो
भारत में समकालीन युवा आंदोलन: परिवर्तन की राजनीति और राजनीति का...
— Randhir Gautam —
यह संतोष की बात है कि लंबे समय के बाद जन आंदोलनों में युवाओं की भूमिका और महत्त्व को फिर से...
अन्य स्तम्भ
रामनंदन मिश्र की वह बात, जो आज भी याद आती है...
बहुत पुरानी बात है। वर्ष 1967 की। बिहार में पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी थी। केवल बिहार ही नहीं, देश के कई राज्यों में...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
बेरहमी से बर्बाद किया जाता हिमालय
— कुलभूषण उपमन्यु —
वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन ने अपना क्रूर चेहरा दिखाना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में जुलाई में 200 फीसद ज्यादा बारिश...
सुंदरबन में पर्यावरण संरक्षण को ताक पर रखकर बन रहे रिसॉर्ट, एनजीटी नाराज
28 दिसंबर। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के मामले में अतिसंवेदनशील पश्चिम बंगाल के सुंदरवन क्षेत्र में निजी कंपनी द्वारा विकसित किये जा रहे अमलामेथी...
चित्तूर की कागज प्लेट फैक्ट्री में भीषण आग, तीन मजदूरों की जिंदा जलने से...
25 सितंबर। आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित एक फैक्टरी में रविवार देर रात आग लग गई। इसमें तीन मजदूरों जिंदा जल गए। कुछ श्रमिक...
The economic strangulation of Bihar! – MOHAN GURUSWAMY
The Prime Minister in the run up to the last Bihar assembly elections announced a Rs.50,000 crores package for Bihar. Just as he announced...
साप्ताहिकी
चन्द्रशेखर : यादें बेतरतीब (असंपादित किश्त-1)
— अनिल अत्री —
आज चन्द्रशेखर जी का जन्मदिन है. सुबह से मन उदास है. उसके अपने कारण हैं. परसों ही चन्द्रशेखर जी के सचिव...
मैं वापस आऊँगा: घर की ओर लौटती स्मृतियाँ और विभाजन का...
— परिचय दास —
भारतीय सिनेमा में विभाजन पर अनेक फिल्में बनी हैं। अधिकांश फिल्मों ने उसे इतिहास की एक विराट राजनीतिक घटना के रूप में...



























































































