हलचल
‘सामाजिक क्रांति के प्रणेता’ जोतिबा फुले को अपने भीतर खोजते हुए...
समाज के निर्माताओं,नीति निर्धारकों और महानायकों को कैसे याद किया जाए! उनकी फोटो पर हार चढ़ा कर,परिचर्चा आयोजित कर या परिचर्चा में भाषण ठोक...
विचार
विश्व युद्ध की तबाही से बचना है तो जिद छोड़ें और...
— रामबाबू अग्रवाल —
अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की आग पश्चिमी एशिया तक फैल चुकी है। यदि यह युद्ध जल्दी नहीं...
ईरान–अमेरिका–इज़राइल तनाव : भविष्य की दिशा और गहन परिप्रेक्ष्य
— परिचय दास —
समकालीन वैश्विक राजनीति में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव केवल एक क्षेत्रीय विवाद नहीं बल्कि एक जटिल...
वीडियो
ईरान व अमरीका~इज़राइल युद्ध में ईरान को क्या~ क्या नुकसान हुए...
— परिचय दास —
ईरान और अमरीका–इज़राइल के बीच प्रत्यक्ष “पूर्ण युद्ध” बार-बार नहीं हुआ लेकिन लगातार टकराव, प्रॉक्सी संघर्ष, साइबर हमले, लक्षित हत्याएँ और...
अन्य स्तम्भ
बा(कस्तूरबा गांधी) : जिनके बिना ‘मोहन’ का ‘महात्मा’ होना अधूरा था
कस्तूरबा गांधी, जिन्हें स्नेह से पूरा भारत 'बा' कहता है, भारतीय स्वाधीनता संग्राम की एक ऐसी मूक शक्ति थीं जिन्होंने अपने आत्म-बलिदान और दृढ़...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
भीषण गर्मी में एयर वॉशर न चलाए जाने से मजदूरों में आक्रोश
17 अप्रैल। हरियाणा के आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी की कंपोनेंट मेकर कंपनी बेलसोनिका प्रा. लि. में शुक्रवार की सुबह मजदूरों ने प्लांट के...
आम जन के संघर्ष की ‘दुर्गम’ कहानियॉं
— विशाख राठी —
ऋत्विक घटक ने कहानियां भी लिखी हैं, शायद कम लोगों को यह बात पता है। सत्यजित राय फिल्मकार के अलावा कहानीकार...
चेन्नई में फोर्ड के दोनों प्लांटों में मजदूरों की हड़ताल
3 जून। गुरुवार को वाहन निर्माता कंपनी फोर्ड के चेन्नई प्लांट में दो हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे 30 मई से...
The Panama Papers: No questions asked, Nothing done
— MOHAN GURUSWAMY —
The Panama Papers illuminate a key aspect of why the system isn’t working–because globalization has allowed the capital and assets of...
साप्ताहिकी
पुस्तक का नाम : संस्कृति
— नीरज कुमार पाण्डेय —
मानव अपने जीवन में प्रायः अनेक प्रश्नों तथा समस्याओं से टक राता है और उसका समाधान तलाशता है। यद्यपि इस...
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है…
— डॉ. शुभीत कौशिक —
अरुंधति रॉय द्वारा उनकी माँ मैरी रॉय और उनके इर्द-गिर्द फैले हुए जीवन-संसार के बारे में लिखी गई भावपूर्ण पुस्तक...



























































































