हलचल
राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन संगठनात्मक मजबूती और जनसंघर्षों को तेज...
लुगू बुरु घंटाबाड़ी धोरोम गढ़, ललपनिया (गोमिया, बोकारो) में 13–14 अप्रैल 2026 को आयोजित झारखंड जनाधिकार महासभा राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन के विमर्श...
विचार
राष्ट्रीय राजनीति में चंद्रशेखर जी का अनूठा स्थान — प्रो. आनन्द...
1) श्री चंद्रशेखर (१७ अप्रैल १९२७८ जुलाई २००७) भारत के समाजवादियों की अगली कतार के आकर्षक नेता थे. उनकी उपलब्धियों में भारत का प्रधानमंत्री...
विश्व युद्ध की तबाही से बचना है तो जिद छोड़ें और...
— रामबाबू अग्रवाल —
अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की आग पश्चिमी एशिया तक फैल चुकी है। यदि यह युद्ध जल्दी नहीं...
वीडियो
सामाजिक इंजीनियरिंग की अग्निपरीक्षा: बीजेपी के सामने बिहार का सवाल
— परिचय दास —
।।एक ।।
सत्ता का गणित कभी सीधा नहीं होता। लोग हर बार उम्मीद करते हैं कि राजनीति कोई स्कूल की जोड़-घटाव है।...
अन्य स्तम्भ
डॉ प्रेम सिंह को 70वें जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं!
— राजेश कुमार —
दिग्गज पत्रकार प्रभाष जोशी ने कभी डॉ प्रेम सिंह के बारे में ‘जनसत्ता’ के अपने लोकप्रिय कॉलम ‘कागद कारे’ में लिखा...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
मधु लिमये : आनंद के लिए शास्त्रीय संगीत, सिद्धांत के लिए संघर्ष!
— प्रो. राजकुमार जैन —
शास्त्रीय संगीत, एक अति कठिन विधा है, परंतु हिंदुस्तान के सियासतदानों में शायद मधुजी जैसे कम लोग ही रहे होंगे...
एचआईवी के नए संक्रमण दर में गिरावट क्यों थमी?
— बॉबी रमाकांत —
2023 और 2024 में वैश्विक स्तर पर एचआईवी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में और एड्स से मृत होने...
किसान मोर्चा ने फिर कहा, थोपे गए कानून वापस ले सरकार
23 अप्रैल। सयुंक्त किसान मोर्चा की बैठक में निर्णय लिया गया कि किसानों के मोर्चों पर सेनिटेशन व साफ सफाई का विशेष तौर पर...
A conversation about secularism, conversion and the nature of religion.
— MOHAN GURUSWAMY —
Modern religions are akin to great commercial enterprises like Coke and Pepsi, or even TCS, constantly seeking greater market share while...
साप्ताहिकी
पुस्तक का नाम : संस्कृति
— नीरज कुमार पाण्डेय —
मानव अपने जीवन में प्रायः अनेक प्रश्नों तथा समस्याओं से टक राता है और उसका समाधान तलाशता है। यद्यपि इस...
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है…
— डॉ. शुभीत कौशिक —
अरुंधति रॉय द्वारा उनकी माँ मैरी रॉय और उनके इर्द-गिर्द फैले हुए जीवन-संसार के बारे में लिखी गई भावपूर्ण पुस्तक...





























































































