हलचल
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने सुखबीर सिंह जौनपुरिया के भेदभाव...
टोंक जिले की निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व टोंक सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के द्वारा गरीब...
विचार
एआई की बुद्धिमत्ता और हमारी मूर्खताएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
भगवती चरण वर्मा की कहानी है ‘वसीयत’। उसमें पंडित चूड़ामणि मिश्र के परिवार के लोग जीते जी उनकी उपेक्षा करते हैं लेकिन उनकी मृत्यु...
अपने अर्थ, संदर्भ और मिजाज़ में भारतीय है हमारा लोकतंत्र –...
गणराज्य के स्वधर्म की शिनाख्त करती हुई इस श्रृंखला में हम आज हम तीसरे सूत्र यानी लोकतंत्र की चर्चा करेंगे। सेकुलरवाद और समाजवाद की...
वीडियो
वैश्वीकरण : समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य — वैश्वीकरण का विशद विश्लेषण
— डॉ. हेमेन्द्र चंडालिया —
सन् 1991 में विश्व व्यापार संगठन के प्रस्तावों पर भारत ने हस्ताक्षर किए, जिसके बाद हम उस वैश्विक व्यवस्था का...
अन्य स्तम्भ
भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद! – परिचय दास
भारतीय संविधान के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं जो स्वयं ग्रंथ नहीं लिखते पर उनके मौन में एक महाग्रंथ की गूंज रहती है।...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
सूरजमुखी के एमएसपी की मॉंग हुई तेज, किसानों ने किया चंडीगढ़-दिल्ली नेशनल हाइवे जाम
12 जून। हरियाणा में विभिन्न माँगों को लेकर किसान एक बार फिर सड़कों पर उतर आए हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में सोमवार को किसानों...
मेधा पाटकर ने गुजरात की एक कोर्ट में दिल्ली के उप-राज्यपाल की अर्जी का...
10 मार्च। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने गुजरात की एक अदालत में दिल्ली के उप-राज्यपाल वी.के.सक्सेना की उस अर्जी का विरोध किया है, जिसमें...
Remembering Professor T. K. Oommen: A Pluralist Architect of Indian Sociology
The passing of Professor T. K. Oommen on 26 February 2026 in Gurugram marks the end of a distinguished intellectual journey that significantly shaped...
साप्ताहिकी
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
गांधी की ज़रूरत क्या है? – परिचय दास
गांधी की ज़रूरत किसी मूर्ति के लिए नहीं है। न चौराहे के लिए, न साल में दो दिन के पुष्पांजलि-अनुष्ठान के लिए। गांधी की...


























































































