हलचल
बिहार में लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के तीसरे राज्य सम्मेलन का...
पटना के माध्यमिक शिक्षक संघ भवन में आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन भाषण देते हुए लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक शशि शेखर...
विचार
काकरोच का समर्थन विपक्ष का विरोध नहीं – अरुण कुमार त्रिपाठी
कुछ लोग विपक्ष को व्यक्ति वाचक संज्ञा मानते हैं। कुछ लोग दलवाचक संज्ञा मानते हैं तो कुछ लोग गठबंधन वाचक। वे लोग महीने भर...
संपूर्ण क्रांति का प्रस्थान बिंदु – शिवदयाल
अगर उम्र के लिहाज से विचार करें तो संपूर्ण क्रांति सामाजिक परिवर्तन की सर्वथा नई अवधारणा है। इसकी उद्घोषणा और आह्वान(5 जून 1974) को...
वीडियो
नैतिक क्रांति के अग्रदूत : श्रीचन्द्र मोदी
कर्त्तव्यनिष्ठा
श्री श्रीनाथजी मोदी बाली स्कूल में मास्टर थे। गाँव में प्लेग फैल गया। स्कूल की पन्द्रह दिनों की छुट्टी कर दी गई। शिक्षा-विभाग को...
अन्य स्तम्भ
विजयदेव नारायण साही की कबीर पर दृष्टि
— परिचय दास —
।। एक ।।
कबीर हिंदी साहित्य की उन विरल काव्य-उपस्थितियों में हैं जिनके बारे में जितना लिखा गया है, उतना ही उन्हें...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
आज के संदर्भ में स्वराज के सूत्र
— सुनील सहस्रबुद्धे और चित्रा सहस्रबुद्धे —
वर्तमान शासन के बारे में समझ यह बन रही है कि यह अधिनायकवादी है, भारतीय संविधान का सम्मान...
यह जॉंच है या जाल?
— डॉ सुरेश खैरनार —
मौजूदा सत्ताधारी दल जांच एजेंसियों को 2014 के पहले पिंजरे का तोता कहता था। लेकिन 2014 में केंद्र की सत्ता...
एचएमएस महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू ने श्रमिकों के हकों की रक्षा के लिए निर्णायक...
1 मई। हिंद मजदूर सभा के महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू ने अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई) के अवसर पर श्रमिकों के अधिकारों, मानवाधिकारों, लोकतंत्र,...
CASTE: THE SHADOW OF BIRTH – Abhigya Modi
Abstract
In this modern Indian society, where people sit as a set of opinions and thought processes in a café over coffee, distressed about the...
साप्ताहिकी
सम्पूर्ण क्रांति दिवस पर धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव की कविता!
एक मांग है बन्द दमन
हो किसी शर्त पर
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खुशबू से गुलज़ार चमन
हो किसी शर्त पर।
ख़ुशियों से लबरेज वतन
हो किसी शर्त पर।
पीला, लाल, सफेद, हरा
हो या...
जयप्रकाश मानस की कविताएँ!
मेरा बेटा कॉकरोच नहीं है
मेरा बेटा उन लाखों लड़कों में है
जो हर साल
फॉर्म भरते हैं, फीस भरते हैं
और फिर किसी घोटाले, किसी पेपर लीक,...
























































































