हलचल
मधु लिमये जन्मदिवस समारोह को यादगार तरीके से मनाया गया
समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और भारतीय समाजवाद के...
विचार
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर – परिचय दास
भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल परीक्षाएँ नहीं रह गई हैं, वे सामाजिक आकांक्षाओं, आर्थिक असुरक्षाओं, पारिवारिक दबावों और राजनीतिक व्यवस्थाओं का एक विशाल...
बिहार के मंत्रिमंडल का विस्तार : जातियों का गणित, सत्ता,...
— परिचय दास —
बिहार की राजनीति को यदि किसी एक शब्द में समझना हो तो वह शब्द “प्रतिनिधित्व” नहीं, “गणना” होगा। यहाँ सत्ता विचारधारा...
वीडियो
तमिलनाडु और भारत में जेनजी की दस्तक −अरुण माहेश्वरी
तमिलनाडु में टीवीके की जीत एक असाधारण घटना है। द्रमुक और अन्नाद्रमुक की दशकों पुरानी द्रविड़ राजनीति के भीतर वहां अचानक एक ऐसा राजनीतिक...
अन्य स्तम्भ
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और देशज पसमांदा समाज – डॉ फैयाज अहमद...
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी के अवसर पर उन्हें याद करना केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि भर नहीं है,बल्कि उनके विचारों को पुनः...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
लोहिया का सुप्रसिद्ध भाषण ‘मार्क्सवाद और समाजवाद’
— विनोद कोचर —
1952 तो क्या,1967 तक भी आरएसएस के असली चरित्र को लोहिया नहीं पहचान पाए थे। लोहिया कम्युनिस्टों और कांग्रेसियों पर ही...
पत्रकारों के लिए सबसे हिंसक देशों में भारत भी शामिल
1 जनवरी। इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट (आईपीआई) द्वारा 29 दिसंबर को जारी की गयी सूचना के मुताबिक वर्ष 2021 में कुल 45 पत्रकार मारे गये।...
कुनबा कबीर का
— सूर्यनाथ सिंह —
कबीर के दर्शन, उनकी सामाजिक चेतना, फक्कड़ अलमस्ती आदि को लेकर तो खूब लिखा गया है। तमाम भाषाओं में। दुनिया के अनेक देशों...
The Importance of being the Dalai Lama. – MOHAN GURUSWAMY
Despite a historical political identity entwined with China, Tibet has traditionally looked towards India for economic and spiritual sustenance. Tibet has also had a...
साप्ताहिकी
मधु लिमये को समझना क्यों ज़रूरी है?
1977 का बजट सेशन चल रहा था। मोरारजी देसाई की सरकार थी। लिम्का और गोल्ड स्पॉट बनाने वाली कंपनी पार्ले के एक प्रतिनिधि ने...
कॉक्रोच पर कविता!
— डॉ राजेंद्र रंजन चतुर्वेदी —
सांस में जिसकी निवसती क्रांति है,
वह युवा ही शांति का बल है महा ।
सृष्टि का निर्माण जिस संकल्प में
उसी...



























































































