हलचल
भारत की विदेश एवं व्यापार नीति तथा ऊर्जा-कृषि-खाद्यान्न संकट
दुनिया आज गहरे संकट के दौर से गुजर रही है। यूक्रेन और ईरान से जुड़े युद्धों में बड़ी शक्तियों की भागीदारी ने वैश्विक अस्थिरता...
विचार
डॉ. अंबेडकर: अंधेरे में रोशनी की तलाश
— वेदव्यास —
भारत इस दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है इसीलिए यहां लोक की अपनी अलग कहानी है और तंत्र की अपनी कहानी है।...
क्या महिला आरक्षण में धार्मिक कोटा संभव है? – परिचय दास
भारतीय लोकतंत्र की खासियत यह है कि यहाँ हर नीति अपने साथ एक नई उलझन मुफ्त में लेकर आती है। महिला आरक्षण भी इससे...
वीडियो
स्मृतियों के कैमरे में क़ैद रघु रॉय! – श्रवण गर्ग
रघु राय को लेकर मन में कई तरह की स्मृतियाँ हैं। शुरुआत अनुपम मिश्र से करते हैं। साल 1971 में इंदौर छोड़कर प्रभाष जोशीजी...
अन्य स्तम्भ
अमल खलील की पत्रकारिता से हम क्या सीखें! – अरुण कुमार...
हिंदी पत्रकारिता जब अपने उद्भव के दो सौ वर्ष पूरा करके विकास की ऐसी अवस्था में पहुंच गई है जब उसके चीखने और उछलने...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
ट्रेड यूनियनों ने भी किया पहलवानों के आंदोलन का समर्थन; बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार...
8 मई। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साझा मंच ने महिला पहलवानों की माँग का समर्थन किया है। साझा मंच ने कहा है कि आरोपी...
जुगनू जहां भी रहे उजाला ही फैलाते रहे
— श्रवण गर्ग —
जुगनू शारदेय को याद करने के लिए सैंतालीस साल पहले के ‘बिहार छात्र आंदोलन’ (1974 )के दौरान पटना में बिताये गये...
दुनिया में भारत की मान-मर्यादा भंग करने का दोषी कौन?
— योगेन्द्र यादव —
छाज बोले तो बोले, छननी भी बोली जिसमें सत्तर छेद।’ राहुल गांधी ने अपने इंगलैंड दौरे में जो बयान दिए उनपर...
स्मृतियों के कैमरे में क़ैद रघु रॉय! – श्रवण गर्ग
रघु राय को लेकर मन में कई तरह की स्मृतियाँ हैं। शुरुआत अनुपम मिश्र से करते हैं। साल 1971 में इंदौर छोड़कर प्रभाष जोशीजी...
साप्ताहिकी
पुस्तक का नाम : संस्कृति
— नीरज कुमार पाण्डेय —
मानव अपने जीवन में प्रायः अनेक प्रश्नों तथा समस्याओं से टक राता है और उसका समाधान तलाशता है। यद्यपि इस...
जब आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है…
— डॉ. शुभीत कौशिक —
अरुंधति रॉय द्वारा उनकी माँ मैरी रॉय और उनके इर्द-गिर्द फैले हुए जीवन-संसार के बारे में लिखी गई भावपूर्ण पुस्तक...


























































































