हलचल
मधु लिमये जन्मदिवस समारोह को यादगार तरीके से मनाया गया
समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और भारतीय समाजवाद के...
विचार
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने पर – परिचय दास
भारत में प्रतियोगी परीक्षाएँ अब केवल परीक्षाएँ नहीं रह गई हैं, वे सामाजिक आकांक्षाओं, आर्थिक असुरक्षाओं, पारिवारिक दबावों और राजनीतिक व्यवस्थाओं का एक विशाल...
बिहार के मंत्रिमंडल का विस्तार : जातियों का गणित, सत्ता,...
— परिचय दास —
बिहार की राजनीति को यदि किसी एक शब्द में समझना हो तो वह शब्द “प्रतिनिधित्व” नहीं, “गणना” होगा। यहाँ सत्ता विचारधारा...
वीडियो
कौन सा विपक्ष, किसका विपक्ष और कैसा विपक्ष?
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
स्वतंत्र भारत के इतिहास में कई बार विपक्ष की स्थिति कमजोर रही है। वह निष्प्रभावी रहा है और वैचारिक और...
अन्य स्तम्भ
1857 के एलाननामे और हुक्मनामे — इंकबाल हुसैन
सन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत मेरठ से आज के ही दिन हुई थी। यूपी सरकार और केंद्र इस संग्राम से शिक्षा...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
100 से अधिक पूर्व नौकरशाहों का लोकसभा अध्यक्ष के नाम खुला पत्र, प्रज्ञा ठाकुर...
10 जनवरी। अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाली भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ देश के 100 से ज्यादा पूर्व नौकरशाहों...
नमामि गंगे परियोजना : नौ दिन चले अढ़ाई कोस
— पंकज चतुर्वेदी —
पिछले दिनों, कोई तीन साल बाद प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा बैठक में यह बात...
एचएमएस के महासचिव हरभजन सिंह सद्धू ने आईएलओ के महानिदेशक को लिखा पत्र
7 दिसंबर। हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सद्धू ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ के महानिदेशक गिल्बर्ट होंगबो को एक पत्र लिखकर...
India: A. gated nation as the State! – MOHAN GURUSWAMY
A government job is highly sought after as it assures unbroken employment till retirement and pension after that till death do us part. Not...
साप्ताहिकी
हूबनाथ की कविता
सुकरात ने कहा -
जब आप पर
लोकतांत्रिक व्यवस्था ने
ग़लत आरोप लगाए
तो उस सभा में
किसी ने भी
किसी एक ने भी
आगे बढ़कर
प्रतिवाद क्यों नहीं किया
जब आपने
सभी आरोपों...
पंडित रामकिशन: जीवन चलने का नाम… – राजेंद्र बोरा
बहुत कम राजनेता आम जन में अपनी पैठ लंबे समय तक बनाई रख पाते हैं। वे यदि लंबी उम्र पा लेते हैं तो भी...


























































































