हलचल
डॉ. लोहिया की जयंती तथा भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के...
समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा डॉ. राममनोहर लोहिया की 116वीं जयंती तथा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के 95वें शहादत दिवस के...
विचार
बहुलता की खोज: लोहिया बनाम मार्क्स का सांस्कृतिक विमर्श
— परिचय दास —
इतिहास में कुछ लोग बहस नहीं करते, वे बहस की पूरी ज़मीन ही बदल देते हैं। राममनोहर लोहिया उन्हीं में थे।...
ईरान पर चुप्पी हमें शर्मसार करेगी – योगेन्द्र यादव
‘आप सुनिए मेरी बात। नैतिकता, आदर्श, सिद्धांत ये सब अपने घर-समाज के नियम हैं। विदेश नीति इनसे नहीं चलती है। वहां हर कोई अपना...
वीडियो
ज़िन्दा कौम पांच साल इंत़जार नहीं करती – डॉ. राममनोहर लोहिया
— डॉ. सुभाष खंडेलवाल —
23 मार्च डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्म दिवस है। उन्होंने कभी अपना जन्मदिन नहीं मनाया, वो इसे राजा-महाराजाओं की परम्परा...
अन्य स्तम्भ
इंकलाब और अहिंसा: स्वतंत्रता के दो विपरीत ध्रुव
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में भगत सिंह और महात्मा गांधी दो ऐसी विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो मार्ग में भिन्न होकर भी...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
भारत जोड़ो यात्रा का 69वां दिन मंगलवार सुबह छह बजे फलेगांव से शुरू हुआ
15 नवंबर। मंगलवार को महानिरधर संगठन के 50 से अधिक युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुआ। समानता, लोकतंत्र और संविधान...
भारत में मीडिया की आजादी के लिए क्या करना होगा?
— रामशरण —
भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में प्रेस (मीडिया) ही जनता और सत्ता के बीच संपर्क सूत्र होता है। इसीलिए इसे लोकतंत्र का चौथा...
विकास की उलटी गंगा
— कुमार कृष्णन —
आज 22 फरवरी है। आज ही के दिन बिहार में अस्सी के दशक में गंगा को पानीदारों यानी जलकर जमींदारों से...
India: Historic nationwide strike
India: Historic nationwide strike sees millions of workers and farmers mobilise for decent work and social justice Millions of workers and farmers across India...
साप्ताहिकी
डॉ. लोहिया : देशज समाजवाद और समाजवादी आंदोलन की विचारधारा
23 मार्च को डॉ. राममनोहर लोहिया की 116वीं जयंती तथा शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के 95वें शहादत दिवस के अवसर पर, इस बार...
भगत सिंह … 23 मार्च! – मंजुल भारद्वाज
ऐ दोस्त तू कमाल कर गया
गांधी की आंधी से उठा और
देश को मार्क्स दे गया
क्रांति के लिए हिंसा भी ज़रूरी है
को नकारते हुए तू...























































































