हलचल
जांबाज साथी बृजेंद्र तिवारी चला गया!
साथी बृजेंद्र तिवारी के असामयिक निधन की खबर से बेहद तकलीफ हुई। कुछ दिन पहले ही मैं और साथी रमाशंकर सिंह उनसे मिलने के...
विचार
संवाद और संग्राम के बीच हमारी सभ्यता – अरुण कुमार त्रिपाठी
वैसे तो पूरी मानव सभ्यता ही संवाद और संग्राम के बीच उलझी हुई है लेकिन भारत विशेष तौर पर इसका शिकार है। जंतर मंतर...
गालियां मोहब्बत की, गालियां नफरत की और गालियां गुस्से की
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
जंतर मंतर प्रदर्शन और अनशन के दौरान जेन-जी के बयानों और पोस्टरों में सरकार और उसके पदाधिकारियों के लिए गालियां...
वीडियो
सबसे बड़ा जन आंदोलन था बयालीस का भारत छोड़ो आंदोलन
— अरविंद मोहन —
डॉ. लोहिया मानते थे कि बयालीस के आंदोलन की वर्षगांठ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस से भी ज्यादा धूमधाम से मनाई...
अन्य स्तम्भ
9 अगस्त: भारत की जनता का दिन – प्रेम सिंह
‘‘नौ अगस्त का दिन जनता की महान घटना है और हमेशा बनी रहेगी। पंद्रह अगस्त राज्य की महान घटना थी। लेकिन अभी तक हम...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
राहुल गांधी सरकार के खिलाफ जन-आंदोलन खड़ा करेंगे?
— श्रवण गर्ग —
‘भारत जोड़ो यात्रा’ दो सप्ताह बाद तीन महीने पूरे कर लेगी। राहुल गांधी तब तक यात्रा के निर्धारित लक्ष्य का आधे...
संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखनेवालों को खुलकर बोलना होगा – डॉ. सुनीलम
26 अगस्त। संविधान हमारा राष्ट्रीय ग्रन्थ है। अगर हम समानता, धर्मनिरपेक्षता, स्वतंत्र अभिव्यक्ति का अधिकार जैसे संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं तो हमें...
क्या उत्तर प्रदेश में 2024 की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं?
— श्रवण गर्ग —
पूरे देश को अगर माफिया गिरोहों की दहशत से मुक्त कर विश्व का आदर्श राष्ट्र बनाना हो तो क्या उत्तर प्रदेश...
J&K bifurcation. Another Modi failure
— MOHAN GURUSWAMY —
Seven years ago the Narendra Modi government’s abrogated Article 370 followed by the bifurcation of the erstwhile state of Jammu and...
साप्ताहिकी
चन्द्रशेखर : यादें बेतरतीब (असंपादित किश्त-1)
— अनिल अत्री —
आज चन्द्रशेखर जी का जन्मदिन है. सुबह से मन उदास है. उसके अपने कारण हैं. परसों ही चन्द्रशेखर जी के सचिव...
मैं वापस आऊँगा: घर की ओर लौटती स्मृतियाँ और विभाजन का...
— परिचय दास —
भारतीय सिनेमा में विभाजन पर अनेक फिल्में बनी हैं। अधिकांश फिल्मों ने उसे इतिहास की एक विराट राजनीतिक घटना के रूप में...



























































































