हलचल
मधु लिमये जन्मदिवस समारोह को यादगार तरीके से मनाया गया
समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और भारतीय समाजवाद के...
विचार
बिहार के मंत्रिमंडल का विस्तार : जातियों का गणित, सत्ता,...
— परिचय दास —
बिहार की राजनीति को यदि किसी एक शब्द में समझना हो तो वह शब्द “प्रतिनिधित्व” नहीं, “गणना” होगा। यहाँ सत्ता विचारधारा...
वामदलित प्रश्न पर सोशलिस्ट सोच एवं संघर्ष! – प्रो राजकुमार जैन
हिंदुस्तान के सोशलिस्टों के प्रेरणा स्रोत महात्मा गांधी, आचार्य नरेंद्रदेव, जयप्रकाश नारायण, युसूफ मेहर अली, डॉ राममनोहर लोहिया, मधु लिमए, राजनारायण इत्यादि रहे हैं।...
वीडियो
सिनेमाई चश्मा और सामाजिक यथार्थ: ‘दो दीवाने शहर में’ और जातिगत...
— अम्बेदकर कुमार साहु —
यह लेख फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ (पात्र: ईशान/शशांक और रौशनी/मृणाल ठाकुर) का एक आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। भारतीय...
अन्य स्तम्भ
मधु जी को याद करते हुए – हरीश खन्ना
आज महान समाजवादी चिंतक , चार बार लोक सभा के सांसद रहे मधु लिमये जी का जन्म दिन है । उनके साथ मेरी कई...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
अंजलि जी पंचतत्व में विलीन
बोधगया आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली छात्र युवा संघर्ष वाहिनी की साथी अंजलि जी का अंतिम संस्कार धनबाद के बास्ताकोला श्मशान घाट में...
सोशलिस्ट घोषणापत्र : अठारहवीं किस्त
(दिल्ली में हर साल 1 जनवरी को कुछ समाजवादी बुद्धिजीवी और ऐक्टिविस्ट मिलन कार्यक्रम आयोजित करते हैं जिसमें देश के मौजूदा हालात पर चर्चा होती...
एक ऐसा पत्र जिसने इतिहास बदल दिया
9 नवम्बर 1908 की बात है जब गांधीजी बोल्कस्ट्रस्ट (Volksrust) जेल, ट्रांसवाल दक्षिण अफ्रीका में थे। फ़ीनिक्स फार्म से जुड़े सहयोगी अल्बर्ट वेस्ट ने...
MODI KEEPS RAISING THE GODHRA INCIDENT AGAIN AND AGAIN!
— Mohan Guruswamy —
He would do well to remember the old saying about three inward pointing fingers if one is pointed at someone else....
साप्ताहिकी
हूबनाथ की कविता
सुकरात ने कहा -
जब आप पर
लोकतांत्रिक व्यवस्था ने
ग़लत आरोप लगाए
तो उस सभा में
किसी ने भी
किसी एक ने भी
आगे बढ़कर
प्रतिवाद क्यों नहीं किया
जब आपने
सभी आरोपों...
पंडित रामकिशन: जीवन चलने का नाम… – राजेंद्र बोरा
बहुत कम राजनेता आम जन में अपनी पैठ लंबे समय तक बनाई रख पाते हैं। वे यदि लंबी उम्र पा लेते हैं तो भी...



























































































