हलचल
लोहिया विचार मंच ने पुण्यतिथि पर आयोजित की विचार गोष्ठी वक्ताओं...
इंदौर। समाजवादी आंदोलन के पुरोधा एवं प्रखर चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 59वीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोहिया विचार मंच, मध्यप्रदेश द्वारा इंदौर...
विचार
सामाजिकता के नाम पर इतिहास, दर्शन और साहित्य का एकांगीकरण
— परिचय दास —
1. प्रतिरोध की विचारधारा आलोचना से ऊपर कैसे हो गई?
आधुनिक भारतीय बौद्धिक जीवन की एक विडंबना यह है कि सामाजिकता के...
मनुष्यता के बीहड़ों में जयप्रकाश
— परिचय दास —
1. अमेरिका में अंगूर तोड़ने वाला विद्यार्थी
जयप्रकाश नारायण की कहानी की शुरुआत किसी राजभवन, राजनीतिक मंच या प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के दीक्षांत...
वीडियो
युवा आंदोलन और परिवर्तन की राजनीति: क्या युवाओं की एकजुटता भारतीय...
— मनीषा कुमारी —
समता मार्ग न्यूज़ पोर्टल और न्यूज़लेंस इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में ‘युवा आंदोलन और परिवर्तन की राजनीति’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में...
अन्य स्तम्भ
नवनीतम पिल्लै को शांति का नोबल ( 2026)
—परिचय दास —
।। एक।।
मनुष्य होने की जगह
इतिहास समुद्रों को नापता है, मनुष्य की स्मृति उन्हें पार करती है। समुद्र के इस पार कोई घर...
संवाद
“दादा धर्माधिकारी के जीवन-दर्शन में भारतीयता का बोध एवं गांधी-दर्शन”
— प्रिया कुमारी —
भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात गांधीवादी चिंतक एवं गांधी-विचार के प्रमुख व्याख्याकार दादा धर्माधिकारी की जयंती के अवसर पर विश्वनिधन...
अन्य लेख पढ़ें
नेहरू का सपना
— कुमार शुभमूर्ति —
हम गांधीवादी लोग नेहरू की कुछ बातों के कटु आलोचक रहे हैं। खासकर उनकी जो औद्योगिक-आर्थिक नीति थी उसे हम गांधी...
धनबाद में कोयला मजदूरों ने दी आंदोलन की चेतावनी
28 दिसंबर। बीसीकेयू की आमसभा 28 दिसंबर को ईसीएल मुगमा क्षेत्र 10 नंबर आउटसोर्सिंग के समीप मैदान में हुई। यूनियन के महामंत्री पूर्व विधायक...
कैलाश मानसरोवर यात्रा तो मुक्त हो
— कृष्णनाथ —
कैलाश मानसरोवर यात्रा आखिरी तीर्थ यात्रा है। आखिरी इस अर्थ में कि कैलाश मानसरोवर हिमालय के तीर्थों का तीर्थ है। ये तीर्थ...
Lohia’s realization of a vibrant and active Gandhi
— Prem Singh —
"The greatest revolution of our time is, therefore, a procedural revolution, removal of injustice through a mode of action characterised by...
साप्ताहिकी
आपातकाल से अमृतकाल तक : लोकतंत्र के सवाल!
— Raj Gopal verma —
जयशंकर की पुस्तक पर परिचर्चा में इतिहास, सत्ता, पत्रकारिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर विमर्श
आपातकाल के पचास वर्ष बाद भारतीय...
शहीदे आज़म भगत सिंह
मुझे यकीन है
कुछ लोगों के जाने के बाद भी
दुनिया में रह जाएगी
अन्याय और
अत्याचार के विरुद्ध
उनकी बुलंद आवाज़
मज़बूत हाथ
तनी हुई मुट्ठियाँ
अदम्य साहस
मानवीय संवेदनाएँ
संघर्ष की कहानियाँ
उम्मीदों...


























































































