हलचल
चवदार तालाब पानी सत्याग्रह के सौंधे वर्ष का आरंभ उत्सव मनाया...
संघर्ष के गौरवशाली इतिहास को याद करने के इस कार्यक्रम के सहभागी रहे- रवींद्र प्रसाद, गणेश राम, राम पलक चौधरी, सुरेश प्रसाद, राजकुमार दास...
विचार
ईरान पर चुप्पी हमें शर्मसार करेगी – योगेन्द्र यादव
‘आप सुनिए मेरी बात। नैतिकता, आदर्श, सिद्धांत ये सब अपने घर-समाज के नियम हैं। विदेश नीति इनसे नहीं चलती है। वहां हर कोई अपना...
तिब्बत जन विद्रोह दिवस – परिचय दास
इतिहास की कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं जो कैलेंडर में दर्ज होकर भी केवल तिथि नहीं रहतीं। वे धीरे-धीरे स्मृति का प्रदेश बन जाती...
वीडियो
युर्गेन हाबर्मास (1929–2026): समालोचनात्मक सिद्धांत, सार्वजनिक तर्क और आधुनिकता की वैश्विक...
— बी. के. नागला —
जर्मन दार्शनिक और सामाजिक सिद्धांतकार युर्गेन हाबर्मास (Jürgen Habermas) बीसवीं और इक्कीसवीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली विचारकों में से एक...
अन्य स्तम्भ
महात्मा गांधी : एक ‘उपन्यासकार’ जिसने आधुनिक भारत का आविष्कार किया
अक्सर हम महात्मा गांधी को एक राजनेता, समाज सुधारक या दार्शनिक के रूप में देखते हैं। लेकिन प्रसिद्ध लेखक और आलोचक अमित चौधरी ने...
संवाद
संंघ पर जेपी की राय
आज जेपी यानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती है। १९७४ के आंदोलन में उन्होंने सभी कांग्रेस विरोधी दलों को संपूर्ण क्रांति के लिए अपने...
अन्य लेख पढ़ें
ऋषि सुनक की कामयाबी पर हमें क्यों खुश होना चाहिए?
— राजू पाण्डेय —
ऋषि सुनक के ब्रिटिश प्रधानमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया में एक अजीब सा उन्माद देखा गया। कुछ बड़े ही रोचक...
भीलों के गांधी : मामा बालेश्वर दयाल – दूसरी किस्त
— रामस्वरूप मंत्री —
आदिवासियों में आयी इस जन जागृति को मामा बालेश्वर दयाल ने मुख्यधारा की राजनीति से जोड़ा जिसके फलस्वरूप आजादी के बाद...
कुंभ में मृत्यु स्नान और संघ
— जागृति राही —
अखाड़ों से लेकर बाबाओं के आश्रम बड़ी सी जमीन पर काबिज हैं वीआईपी लोगों के लिए सारी व्यवस्था बना रखी थी,...
A TRIBUTE TO CHANDRASHEKHAR – Mohan Guruswamy
I wrote this on the late Chandrashekhar's 75th birthday. He would have been 100 now. I think of him often. He has sunk from...
साप्ताहिकी
महेन्द्र ममहेन्द्र मद्धेशिया की कविताएँ!
मंज़िल की ओर
कविता— 01
खुली आँखों के सपनों को
साकार किया जाए
घर से निकले हैं, तो बस
घर का मान बढ़ाया जाए।
माता-पिता की आशाओं को
बहन-भाइयों की अभिलाषाओं...
गणराज्य का स्वधर्म: देश की नब्ज़ पर हाथ
— अच्युदानंद किशोर नवीन —
परसों से पहले के दिन योगेंद्र यादव जी की किताब मिली और आज उसका आद्यंत अवलोकन भी कर डाला। स्वधर्म...
























































































