Tag: केयूर पाठक
बशीर बद्र: कल चांद उन्हें साथ ले गया – केयूर पाठक
'खूबसूरत हैं बहुत रास्ते खो जाऊँगा
अब मुझे नींद जहां आएगी सो जाऊँगा'
बशीर बद्र की शायरी के साथ हमारा संबंध काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)के छात्र...
समझदारी न समझे जाने में हैं!
— केयूर पाठक —
उत्तर-आधुनिकता का दौर है- अबूझ और अपरिभाषित वास्तविकताओं का दौर. कला, धरम-करम, समाज, संस्कृति, ज्ञान, विज्ञान सब संदिग्ध और सशंकित. अनगिनत...
‘शिव’- आधुनिक पूंजीवाद के प्रतिवाद
— केयूर पाठक और रणधीर गौतम —
बिहार के मिथिला क्षेत्र में महिलाओं के लिए आदर्श वर शिव है. वहां वर के रूप में न...













