Tag: जयंत जिज्ञासु
मधु लिमये: संसदीय राजनीति के महान प्रहरी
— जयंत जिज्ञासु —
आज भारतीय लोकतंत्र का जिस्म तो बुलंद है, पर इसकी रूह रुग्ण हो चली है. ऐसे में जोड़, जुगत, जुगाड़ या...
तेजस्वी यादव के नाम एक ख़त – मार्फत जयंत जिज्ञासु
— राजकुमार जैन —
प्रिय जयंत,
मैं इस पत्र को इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि आप समाजवादी विचारधारा से प्रतिबद्ध एक जागरूक साथी हैं। दूसरे, मुझे...












