Tag: ‘यंग इंडिया
द्रोह का दायित्व / मो.क.गांधी
सक्रिय निष्ठा और सक्रिय द्रोह के मध्य कोई बीच का रास्ता नहीं हुआ करता है । ' यदि किसी व्यक्ति को खुद को मनमुटाव...
औरंगजेब के प्रति महात्मा गांधी का नजरिया
— अव्यक्त —
1 नवंबर, 1931 की सुबह थी. लंदन में गुलाबी ठंड पड़ने लगी थी. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के पेम्ब्रोक कॉलेज में एकदम सुबह से...












