Tag: सत्याग्रह
वांगचुक को कोसिए, सत्याग्रह को नहीं – अरुण कुमार त्रिपाठी
कृतघ्नता दिल्ली के स्वभाव में है। चूंकि दिल्ली भारत की राजधानी है इसलिए वह स्वभाव एक चरित्र बनकर पूरे देश में व्याप्त हो गया...
जनतंत्र में सत्याग्रह और विघ्नसंतोषी – अरुण कुमार त्रिपाठी
जंतर मंतर के शिक्षा सत्याग्रह ने अजीब स्थिति पैदा कर दी है। यह स्थिति अन्यायी निजाम ने तो पैदा की ही, लेकिन अन्याय का...












