किसान मोर्चा ने चौ. अजीत सिंह के निधन पर जताया शोक

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6 मई। देश के पूर्व कृषिमंत्री व किसानों के नेता चौधरी अजीत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि अजीत सिंह ने हमेशा साम्प्रदायिकता से परे किसानों के दर्द को मुख्यधारा की राजनीति में रखा था। अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के विचारों को आगे ले जाते हुए अजीत सिंह ने इस किसान आंदोलन को भी खुले मन से समर्थन दिया था।

संयुक्त किसान मोर्चा के बयान में आगे कहा गया है कि वर्तमान किसान आंदोलन को कवर रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सरकार द्वारा लगातार हमला किया जा रहा है। पूर्व में किसान एकता मोर्चा के फेसबुक व इंस्टाग्राम पेज को बंद किया गया था। इसके बाद आंदोलन से संबंधित अन्य स्वतंत्र पेज को भी सस्पेंड किया गया था। इंटरनेट बैन करके सरकार ने एकतरफा एजेंडा भी फैलाया। कल amaanbali ट्विटर हैंडल को भारत सरकार के दबाव में सस्पेंड कर दिया गया। यह एकाउंट किसान मोर्चे में हो रहे शहीदों की जानकारी समेत किसान आंदोलन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी लोगों के साथ साझा करता रहा है। इस एकाउंट से कोरोना महामारी से संबंधित भी लोगों की मदद की जा रही है। किसान आंदोलन में लगातार लंगर और अन्य जरूरी सामान की सेवा करनेवाले और कोरोना महामारी में आम लोगों की बढ़-चढ़कर मदद करनेवाले सामाजिक कल्याण संगठन खालसा एड के प्रमुख रवि सिंह का फेसबुक अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया गया है। स्वतंत्र पत्रकारिता और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर सरकार के हमले की हम निंदा व विरोध करते हैं और इन एकाउंट्स को तुरंत एक्टिव करने की मांग करते हैं।

कटाई सीजन के लगभग पूरा होते ही किसानों ने वापस दिल्ली मोर्चों पर पहुंचना शुरू कर दिया है। आज सिंघु बॉर्डर पर किसान अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली में बड़ी संख्या में पहुँचे हैं। आनेवाले दिनों में भी दिल्ली मोर्चों पर इकट्ठा होकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।


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