रिकार्ड स्तर पर पहुँचीं खाद्य पदार्थों की कीमतें

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11 अप्रैल। खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि फरवरी की तुलना में मार्च में विश्व खाद्य कीमतों में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसे अब तक की सबसे अधिक वृद्धि बताया गया है।

एफएओ ने 8 अप्रैल को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “विश्व खाद्य वस्तुओं की कीमतों ने मार्च में अपने उच्चतम स्तर तक पहुँचने के लिए एक महत्त्वपूर्ण छलांग लगाई।” रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इसमें वृद्धि की पहले से ही संभावना जताई जा रही थी।

एफएओ ने अपने नवीनतम खाद्य मूल्य सूचकांक रिपोर्ट में कहा, “काला सागर क्षेत्र में युद्ध की वजह से अनाज और वनस्पति तेलों के बाजार को बड़ा झटका लगा है।”

रिपोर्ट के मुताबिक मार्च में औसत सूचकांक 159.3 अंक था, जो फरवरी के स्तर से 12.6 प्रतिशत अधिक है। फरवरी 1990 में जब से एफएओ विश्व खाद्य वस्तुओं की कीमतों की निगरानी कर रहा है, तब से लेकर अब तक का सबसे उच्चतम स्तर बताया गया है। अगर इसकी तुलना मार्च 2021 से की जाए तो यह अभूतपूर्व 33.6 प्रतिशत अधिक है।

एफएओ अनाज (सेरेल) मूल्य सूचकांक फरवरी की तुलना में मार्च में 17.1 प्रतिशत अधिक था, जो यूक्रेन में युद्ध के परिणामस्वरूप गेहूँ और सभी मोटे अनाज की कीमतों में बड़े पैमाने पर बढ़ोत्तरी की वजह से हुआ।

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि रूस और यूक्रेन मिलकर विश्व के गेहूँ और मक्के के निर्यात में क्रमश: 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत का योगदान करते हैं। एफएओ के मुताबिक मक्के की कीमत भी बढ़ रही है। इसमें फरवरी से 19.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

एफएओ ने कहा, “यूक्रेन में बंदरगाह बंद होने से देश से निर्यात सीमित हो रहा है, जबकि रूसी संघ से निर्यात में भी बाधाएँ आ रही हैं।” यह स्थिति आगे भी जारी रहने का अनुमान लगाते हुए कहा गया है कि अभी आनेवाले दिनों में कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं।

खाद्य मूल्य सूचकांक पर अपने विस्तृत नोट में एफएओ ने कहा, काला सागर क्षेत्र में शिपमेंट की आवाजाही में आयी कमी की वजह से निर्यात का नुकसान हुआ और इस वजह से जहाँ वैश्विक कीमतें बढ़ी, वहीं आयात में कमी आयी और माँग में वृद्धि हुई। खासकर उन देशों में कीमतों में अधिक वृद्धि हुई, जहाँ अनाज का स्टॉक कम था।

युद्ध के कारण हुए व्यवधान ने सूरजमुखी के बीज के तेल की कीमतों को भी बढ़ा दिया है। एफएओ ने कहा, “एफएओ वनस्पति तेल मूल्य सूचकांक 23.2 प्रतिशत बढ़ा। इसमें सूरजमुखी के बीज के तेल की मात्रा अधिक है, क्योंकि यूक्रेन पूरी दुनिया में सूरजमुखी के बीज का तेल निर्यात करता है।

एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंग्यु ने मार्च में एक बयान में कहा था कि खाद्य वस्तुओं के दो प्रमुख निर्यातक देशों के बीच छिड़े युद्ध की वजह से वैश्विक स्तर पर खाद्य असुरक्षा बढ़ सकती है।

(Down to earth से साभार)

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