मोदी पर भरोसा करके बर्बाद हुए में इस दौर के दो...
प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ मुनी सानंद और थ्री इडियट फेम सोनम वांगचुक
आइए देखते हैं दोनों केस,
पहला केस
गंगा की रक्षा में शहादत: स्वामी सानंद और...
दस और पांच का शर्मनाक खेल
— कुमार प्रशांत —
कलम में जितनी संभव है, शर्म की उतनी स्याही भर कर, अपने देश ने नाम जितने संभव हैं उतने खून के...
स्वतन्त्रता का आन्दोलन, लोकतन्त्र का आन्दोलन था – डॉ राजेंद्र रंजन...
पन्द्रह अगस्त, स्वतन्त्रता-दिवस आ रहा है। स्वतन्त्रता की अमृत-जयन्ती भी चल रही है, उसे अमृत-काल भी कहा जा रहा है। घर-घर तिरंगा फहरे यह...
15अगस्त की आत्मा है लोकतंत्र
आज 15अगस्त है और इसे हम स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाते हैं।यह स्वाधीनता बहुत बड़ी कुर्बानियां देकर मिली है,इतिहास के तमाम दुर्गम पहाडों...
आखिर बच गया तिरंगा एक रंगी राजनीति से
— राकेश अचल —
देश में पिछले एक दशक से ' एक ' को लेकर जबरदस्त कोशिशें हो रही हैं, एक को अंग्रेजी में '...
धर्मनिरपेक्षता के बिना संघियों का तिरंगा प्रेम !
— प्रोफेसर जगदीश चतुर्वेदी —
मेरी सहानुभूति आरएसएस के उन कार्यकर्ताओं के साथ है जो तिरंगा फहरा रहे हैं ! हे भगवान इनकी रक्षा करना...
घिर गई है भारत माता
— प्रेम सिंह —
(भारतमाता एक बार फिर चर्चा में है। सौजन्य फिर से आरएसएस का है। केरल के उपराज्यपाल ने एक सरकारी आयोजन में...
क्या आपके पास है नागरिकता प्रमाणपत्र?
— राकेश अचल —
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों के विवादास्पद सघन अभियान के बाद से मै परेशान हूँ और सोच रहा हूँ...
इमरजेंसी तब और अब : आपातकाल के 50 वर्ष के बाद...
— डॉ सुनीलम —
50 साल पहले 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा रायबरेली का चुनाव रद्द किए जाने के बाद...
पत्रकारिता/मीडिया दिवस
— परिचय दास —
धूप जब शब्दों की तरह फैलती है और छायाएँ जैसे संपादकीय रेखाएँ खिंच जाती हैं—उस समय हम समझ पाते हैं कि...














