Tag: राममनोहर लोहिया
निराशा के कर्तव्य : चौथी किस्त
— राममनोहर लोहिया —
हथियारों के अलग-अलग स्वरूप को न बताकर, खाली इतना कह दूँ कि आज 8 खरब रुपया हर साल दुनिया हथियारों पर...
निराशा के कर्तव्य : तीसरी किस्त
— राममनोहर लोहिया —
अब अंतरराष्ट्रीय निराशा वाली बात। जिस तरह से आज का संसार चल रहा है, उसमें मुझे निराशा की दो खास बातें...
निराशा के कर्तव्य : दूसरी किस्त
— राममनोहर लोहिया —
इधर एक वक्ती निराशा की भी बात मैं बताऊँ कि साधारण तौर पर किसी भी जनता के युग हुआ करते हैं।...
निराशा के कर्तव्य : पहली किस्त
— राममनोहर लोहिया —
कभी–कभी मैंने हार के दर्शन या निराशा के कर्तव्य जैसे शब्द इस्तेमाल किये तो मुझसे कहा गया कि निराशा के कर्तव्य...











