Tag: नाथ परंपरा
योगी की दृष्टि : ब्राह्मण और श्रमण से आगे
— परिचय दास —
।। एक ।।
नाथ परंपरा को केवल वैदिक, तांत्रिक, योगिक और श्रमण तत्त्वों का मिश्रण कह देना पर्याप्त नहीं है। प्रश्न यह...
उत्तर औपनिवेशिक संदर्भ में नाथ परंपरा: साहित्य और विमर्श
— परिचय दास —
नाथ पंथ भारतीय आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है, जिसकी जड़ें प्राचीन योग और तांत्रिक परंपराओं में...











