Tag: प्रोफेसर राजकुमार जैन
समाजवादी आंदोलन के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समाजवादी...
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
मांग रहा है हिंदुस्तान
रोजी-रोटी और मकान।
धन और धरती बट के रहेगी
भूखी जनता अब ना सहेगी।*कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा,नया...
रूस -यूक्रेन जंग और राजनारायण !
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
अंग्रेज़ी भद्र समाज और उसके समाचार पत्रों ने सोशलिस्ट नेता राजनारायणजी की तस्वीर, एक गंवार, अशिक्षित, हुल्लड़बाज़, असभ्य नेता के...
विचारधारा की आग आज भी सुलग रही है!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
1934 में स्थापित "कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी" से पैदा हुआ समाजवादी विचार दर्शन का लावा कभी ठंडा नहीं पड़ा, यह दीगर...
अब वक्त है, कर्ज उतारने का! – प्रोफेसर राजकुमार जैन
कुदरती कहर की तबाही से हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब में दर-बदर होकर अपने ही घर में इंसान, बेजुबान पशु, जानवर बेबसी से अपनी बर्बादी को...
9 अगस्त 1942 : महात्मा गांधी का ऐलान, ‘करो या मरो’...
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
सैकड़ों साल की गुलामी के खिलाफ़ कांग्रेस पार्टी के झण्डे के नीचे महात्मा गाँधी की रहनुमाई में अंग्रेज़ी सल्तनत के...
सत्यपाल मलिक नहीं रहे!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
दिल्ली के डॉ राममनोहर लोहिया अस्पतांल के आईसीयू में मौत से संघर्ष करते हुए साथी मलिक हार गए। मैं और...
जो जीता वही सिकंदर!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
ऐसे कार्यकर्ता जिन्होंने तमाम उम्र अपनी पार्टी के सिद्धांतों, झंडे के साथ बंध कर गुजारे हो अगर उसका कोई वली...
टैन्ट वाला कॉफी हाउस
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
कनाट प्लेस (अब राजीव चौक) का इन्डियन कॉफी हाउस, जहाँ अब नई दिल्ली का भूमिगत पालिका बाज़ार है, पहले वहाँ...
प्रोफेसर किरण सेठ : एक अकेले इंसान ने नामुमकिन को...
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
1978 मैं दिल्ली सरकार की कला, साहित्य, संगीत परिषद की सलाहकार समिति का मैं सदस्य था। साहित्य कला परिषद् के...
विचार की टकसाल के सिक्के!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
"शक्ति-विहीन सिद्धांत बाझं होता है, उसी तरह विचारहीन शक्ति राक्षस बन जाती है।"
यह सूक्ति डॉक्टर लोहिया ने कही थी। बदकिस्मती...




















