Tag: समाज
आत्मरति, अवसाद और प्रहसन में घिरा समाज – अरुण कुमार त्रिपाठी
मशहूर समाजशास्त्री आशीष नंदी ने कुछ साल पहले एक पुस्तक लिखी थी जिसका शीर्षक था—रिजीम्स आफ नारसिसिज्म, रिजीम्स आफ डेस्पेयर। यानी आत्मरति और अवसाद...
राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज: बदलते समय की कथा
— परिचय दास —
।। एक ।।
वैश्विक परिदृश्य में इन दिनों जो बदलाव तेज़ी से घटित हो रहे हैं, उनमें सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि...












