Tag: सरला माहेश्वरी
विवेकानंद के जन्मदिन पर!
आज विवेकानंद के जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए उनका वो कथन याद आ रहा है जो उन्होंने सन् 1900 के आठ अप्रैल को...
पेड़ और आदमी
— सरला माहेश्वरी —
पेड़
चाहे जितना ऊँचा हो जाए
जड़ें उसकी ज़मीन में ही रहती हैं
जिस दिन
छूट जाती है ज़मीन से जड़ें उसकी
मर जाता है पेड़...
आज अगर राममोहन राय होते …
— सरला माहेश्वरी —
अंधविश्वास के अंधेरों से बाहर निकलने का आह्वान करने वाले, रवीन्द्रनाथ के शब्दों में भारत पथिक, नवजागरण की ज्योति जलाने के...













