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‘लोकतंत्र को बचाने के लिए चुनाव व्यवस्था में करना होगा सुधार’
17 दिसंबर। प्रख्यात पत्रकार, स्वाधीनता सेनानी एवं पूर्व सांसद स्व कन्हैयालाल वैद्य की 48वीं पुण्यतिथि के अवसर पर राजेंद्र जैन सभागृह उज्जैन (मध्यप्रदेश) में...
भारत दे सकता है आजादी को विशेष अर्थ
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
भारत की आजादी की लड़ाई विशिष्ट रही है इसलिए उससे विशिष्ट किस्म की आजादी निकलनी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति...
लोकतंत्र के सलीब पर साइबर जासूसी की कील!
— श्रवण गर्ग —
टेक्नॉलाजी ने आदमी और प्रजातंत्र दोनों को ही खत्म कर देने की कोशिशों को आसान कर दिया है। दुनिया के कुछ...
पेगासस मोदी की तानाशाही का सबूत है
— अनिल सिन्हा —
पेगासस जासूसी कांड ने देश को इस हद तक हिला दिया है कि अमूमन मोदी सरकार को अप्रिय लगनेवाले समाचारों को...
देश के लोकतंत्र की भी आवाज बनता किसान आंदोलन – योगेन्द्र...
एक ऐसे अँधेरे वक्त में जब लोकतंत्र की संस्थाएं और लोकतंत्र के आचार-विचार गिरावट की ओर हैं, संयुक्त किसान मोर्चा का वोटर्स व्हिप जारी करना एक लोकतांत्रिक...
पेगासस प्रोजेक्ट : लोकतंत्र की जासूसी करनेवाली सरकार
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
मुक्तिबोध अपनी प्रसिद्ध कविता ‘अंधेरे में’ लिखते हैं —
गहन मृतात्माएं इसी नगर की
हर रात जुलूस में चलतीं
परंतु, दिन में
बैठती हैं मिलकर करती हुई षड्यंत्र
विभिन्न...
हमारी निर्वाचन प्रक्रिया कितनी जनतांत्रिक है?
— शशि शेखर प्रसाद सिंह —
महज निर्वाचन का होना या जनता द्वारा सरकार में परिवर्तन देश में अत्याचार के विरुद्ध गारंटी नहीं है... उच्चतम...
भारतीय लोकतंत्र और संस्कृति का अंतर्विरोध
— रामप्रकाश कुशवाहा —
इसमें सन्देह नहीं कि भारतीय संविधान को विश्व के अनेक देशों के संविधान से तुलनात्मक श्रेष्ठता हासिल है। इस संविधान की संकल्पना...
क्या हमारी दूसरी आजादी कायम है?
— अनिल सिन्हा —
आपातकाल को लेकर मौजूदा पीढ़ी को ज्यादा मालूम नहीं है। इसने भारतीय लोकतंत्र को एक नहीं भूलने लायक झटका दिया था।...
यह तो सुपर आपातकाल है – डॉ सुनीलम
देश आपातकाल से गुजर रहा है। इससे देश के आम नागरिक सहमत हैं क्योंकि वे इसे भुगत रहे हैं। लेकिन मोदीभक्त और गोदी मीडिया...