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Modern Hindi Poetry
Tag: Modern Hindi Poetry
समता मार्ग
कुंवर नारायण की कविता
May 9, 2021
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अंतिम ऊंचाई कितना स्पष्ट होता आगे बढ़ते जाने का मतलब अगर दसों दिशाएं हमारे सामने होतीं, हमारे चारों ओर नहीं। कितना आसान होता चलते चले जाना यदि केवल हम...
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