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किसान धरना स्थलों पर बनेंगे शहीद स्मारक

by Rajendra Rajan
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4 अप्रैल। 129 दिनों से दिल्ली में चल रहे अनिश्चितकालीन किसान आंदोलन के समर्थन में देश भर में मिट्टी सत्याग्रह यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने, सभी कृषि उत्पादों की एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी का प्रावधान किए जाने, बिजली संशोधन बिल और 4 लेबर कोड को वापस लेने की मांग को लेकर जन-जागरण अभियान चलाया गया।

मिट्टी सत्याग्रह यात्रा 30 मार्च को दांडी (गुजरात) से शुरू होकर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब होते हुए 4 अप्रैल को शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंची। 23 राज्यों के करीब डेढ़ हजार गांवों की मिट्टी लेकर किसान संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे तो धरने पर बैठे किसानों ने उनका जोशीला स्वागत किया।

शहीद भगत सिंह के गांव खटखट कलां, शहीद सुखदेव के गांव नौघरा (जिला लुधियाना),  उधमसिंह के गांव सुनाम (जिला संगरूर), शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाभरा, झाबुआ, मामा बालेश्वर दयाल की समाधि बामनिया,  साबरमती आश्रम, सरदार पटेल के निवास, बारदोली किसान आंदोलन स्थल, असम में शिवसागर, पश्चिम बंगाल में सिंगूर और नंदीग्राम, उत्तर दिनाजपुर, कर्नाटक के वसव कल्याण तथा बेलारी, गुजरात के तैंतीस जिलों की मंडियों, आठ सौ गांवों, महाराष्ट्र के डेढ़ सौ गांवों, राजस्थान के करीब दो सौ गांवों, आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना के कोई डेढ़ सौ गांवों, उत्तर प्रदेश के पचहत्तर और बिहार के तीस गांवों, हरियाणा के साठ गांवों, पंजाब के अठहत्तर गांवों, उड़ीसा के नवरंगपुर जिले के ग्राम पापडाहांडी की मिट्टी (जहां 1942 में अंग्रेजों ने 19 सत्याग्रहियों की हत्या की थी), संबलपुर के शहीद वीर सुरेंद्र साय, लोअर सुकटेल बांध विरोधी आंदोलन के गांव तथा ओड़िशा के अन्य बीस जिलों के बीस गांव की मिट्टी, बस्तर के भूमकाल आंदोलन के नेता शहीद गुंडाधुर ग्राम नेतानार, दल्ली राजहरा के शहीद शंकर गुहा नियोगी सहित 12 शहीदों के स्मारक स्थल और धमतरी जिले के नहर सत्याग्रह की धरती कंडेल से मिट्टी, सोनाखान के शहीद वीर नारायण सिंह और जंगल सत्याग्रह आंदोलन तमोरा की मिट्टी, मुलताई जहां 24 किसानों की फायरिंग में शहादत हुई थी, मंदसौर से 6 किसानों की शहादत स्थल की मिट्टी, ग्वालियर में वीरांगना लक्ष्मीबाई के शहादत स्थल, छतरपुर की चरणपादुका जहां गांधीजी के असहयोग आंदोलन के समय 21 आंदोलनकारी शहीद हुए उन शहीदों की भूमि की मिट्टी सहित मध्यप्रदेश के 25 जिलों के 50 गांवों की मिट्टी लेकर मिट्टी सत्याग्रह यात्रा शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंची।

दिल्ली के नागरिक बीस स्थानों की मिट्टी के साथ बॉर्डर पर पहुंचेंगे। कई राज्यों से मिट्टी सत्याग्रह यात्राएं भी बोर्डरों पर पहुंचेंगी।

इस यात्रा में मेधा पाटकर, प्रफुल्ल सामंतरा, डॉ सुनीलम,शबनम हाशमी, फिरोज मीठीबोरवाला और गुड्डी सहित 7 राज्यों के 50 यात्री शामिल हुए।

5 अप्रैल को शाहजहांपुर बॉर्डर पर 9 से 11 बजे तक, टिकरी बॉर्डर (पकौड़ा चौक), बहादुरगढ़ पर 2 बजे, टिकरी बॉर्डर मेट्रो के पास 4 बजे तथा 6 अप्रैल को गाजीपुर बॉर्डर पर 9 से 11 बजे, सिंघु बॉर्डर पर 2 बजे शहीद स्मारक स्थापित किए जाएंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा के नेता योगेंद्र यादव  शाहजहांपुर बॉर्डर पर, टिकरी बॉर्डर पर जोगेंद्र सिंह उग्राहां और गुरनाम सिंह चढूनी, गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह, तेजिंदर सिंह विर्क, सिंघु बॉर्डर पर बलबीर सिंह राजेवाल, हनान मोला डॉ दर्शन पाल, जगमोहन सिंह, सतनाम सिंह सहित देशभर के किसान संगठनों, मजदूर संगठनों और अन्य जनसंगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

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