“ऑनलाइन डेटिंग”: सच, झूठ के बीच प्रेम की तलाश
— अरुण कुमार गोंड —
पढ़ना दरअसल महसूस करना है; और जब बात अपने आस-पास की हो, तो वो बात सीधे दिल में उतरती है।...
बहुमत का शासन ?
— डॉ मंगल मेहता —
साबूत पैर
आदमी के दो साबूत पैर हैं साबूत ईमान तो परवाह नहीं समस्या जूझता जी लेगा, जिला देगा जमाना। अतीत...
स्त्री, स्वतंत्रता और अपराध : एक विचाराधीन कथा
— परिचय दास —
राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी एक प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आई हैं। पुलिस...
आदिवासी अनाथ नहीं मालिक होने का जय घोष है
— कनक तिवारी —
इक्कीसवीं सदी के संवैधानिक गणराज्य में आदिवासियों को अजायबघर की दर्शनीय वस्तु बनाकर नहीं रखा जा सकता-ऐसा विकास समर्थकों का तर्क...
विचार की टकसाल के सिक्के!
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
"शक्ति-विहीन सिद्धांत बाझं होता है, उसी तरह विचारहीन शक्ति राक्षस बन जाती है।"
यह सूक्ति डॉक्टर लोहिया ने कही थी। बदकिस्मती...
विज्ञान प्रसार, जन भाषाएं और जयंत नार्लीकर
— शुभनीत कौशिक —
भारत में जिन वैज्ञानिकों ने विज्ञान को लोकप्रिय बनाने और जनता के बीच वैज्ञानिक चेतना का प्रसार करने में प्रमुख भूमिका...
अलविदा लैला !
— चंचल —
लैला ( लीला , लइला ) कबीर फर्नांडिस का कल निधन हो गया । लैला कबीर फर्नांडिस मशहूर समाजवादी , मजदूर नेता...
सोशलिस्ट, कॉलमकार के. विक्रम राव अब नहीं रहे!
— राजकुमार जैन —
के. विक्रम राव मेरे पुरानें वरिष्ठ सोशलिस्ट साथी थे। आंध्र के एक बहुत ही नामवर, ब्यूरोक्रेट, पत्रकारों के परिवार में जन्मे...
के विक्रम राव : श्रद्धांजलि
— प्रेमकुमार मणि —
वरिष्ठ पत्रकार और हमारे मित्र के विक्रम राव नहीं रहे. उनके बेटे के विश्वदेव राव द्वारा भेजे गए व्हाट्सप सन्देश से...
आधुनिक युग में समाजवाद की प्रासंगिकता – समय की पुकार
लेखक: जॉन जी. कैनेडी "मानवता के समाजवादी स्वप्नद्रष्टा"
1. भूमिका - समाजवाद क्या है? :-
समाजवाद का मतलब केवल एक राजनीतिक विचारधारा नहीं है, बल्कि यह...
















