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संघ का अनुशासन और मनुष्य का विवेक – शिवानन्द
संघ का अनुशासन मनुष्य को किस हद तक अविवेकी बना सकता है, इसका एक अनुभव मुझे बहुत पहले हुआ था। गोलवलकर साहब यानी संघ...
हिटलर के मुरीद गोलवलकर हिंदुओं का अमानवीयकरण करना चाहते थे
— प्रभाकर सिन्हा —
जर्मनी हिटलर के शासनकाल में यहूदियों का कत्लगाह बन गया था। 25 लाख यहूदियों को गली के कुत्तों की तरह झुंडों...
सच कहने का जोखिम उठाने की मिसाल बन गये हैं कन्नड़...
— अनिल सिन्हा —
स्वतंत्रता दिवस और घर-घर तिरंगा कार्यक्रम का शोर है। ऐसे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की याद आना स्वाभाविक है जो आजादी...













