Tag: jp
इमरजेन्सी में झटका इस्तेमाल किया गया था, अब हलाल किया जा...
पैंतालीस वर्ष पहले 25/26 जून 1975 की प्रायः मध्यरात्रि में भारत के राष्ट्रपति ने एक उद्घोषणा की, “संविधान के अनुच्छेद 352 के खंड (1)...
जब जेपी की हुंकार से सिंहासन हिल उठा
— जयराम शुक्ल —
कांग्रेस के अध्यक्ष देवकांत बरुआ का नारा ‘इंदिरा इज इंडिया’ गली-कूचों तक गूँजने लगा। इसी बीच मध्यप्रदेश में पीसी सेठी को...
छियालीस साल पहले का अनुभव और आज का अघोषित आपातकाल
— डॉ सुरेश खैरनार —
छियालिस साल पहले 26 जून को एक घोषित आपातकाल लगा था। लेकिन पिछले सात साल से भी ज्यादा समय से अघोषित आपातकाल बदस्तूर...
क्या हमारी दूसरी आजादी कायम है?
— अनिल सिन्हा —
आपातकाल को लेकर मौजूदा पीढ़ी को ज्यादा मालूम नहीं है। इसने भारतीय लोकतंत्र को एक नहीं भूलने लायक झटका दिया था।...
जेपी की कारावास की कहानी – पाँचवीं और अंतिम किस्त
(26 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा हुई तो जयप्रकाश नारायण को गिरफ्तार कर तत्कालीन सरकार ने जेल में डाल दिया। विपक्षी दलों के...
बिहार आंदोलन के नारे
(किसी भी आंदोलन की सबसे ऊर्जस्वी और संक्षिप्ततम अभिव्यक्ति नारों में होती है। नारे धीरे-धीरे उस आंदोलन की पहचान और प्रेरणा भी बन जाते...
हमारे लोकतांत्रिक मूल्य क्या इतने कमजोर हैं!
— शिवानंद तिवारी —
बिहार आंदोलन के दरमियान पटना के गांधी मैदान में जयप्रकाश जी की सभा होने वाली थी। तारीख का स्मरण नहीं है।...
आपातकाल को भूल नहीं सकते
— रामबाबू अग्रवाल —
आजाद भारत के इतिहास में 25 जून की तारीख अहम है। इसी दिन यानी 25 जून 1975 को स्वतंत्र भारत के...
जेपी की कारावास की कहानी – पहली किस्त
(26 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा हुई तो जयप्रकाश नारायण को गिरफ्तार कर तत्कालीन सरकार ने जेल में डाल दिया। विपक्षी दलों के...
विंध्य का वह संघर्ष
— जयराम शुक्ल —
विन्ध्यप्रदेश आज जिंदा होता तो बीते अप्रैल की चार तारीख उसका 73वाँ स्थापना दिवस मनाया गया होता। अब सिर्फ स्मरण का...




















