भावांतर भुगतान योजना के तहत हो रही है लूट – जय किसान आंदोलन

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2 नवंबर। हरियाणा सरकार द्वारा बाजरा की फसल की सरकारी खरीद की जगह भावांतर भरपाई की योजना से प्रदेश के किसानों की लगभग 300 करोड़ रुपए की लूट हुई है। बाजरा उत्पादक जिलों (रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी) की मंडियों का दौरा करने के बाद यह बात किसान नेता और जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कही। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने चोरी-छुपे न्यूनतम समर्थन मूल्य को 2,250 रुपए प्रति क्विंटल से घटाकर ₹2,000 प्रति क्विंटल कर दिया है। भारत सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2250 प्रति क्विंटल घोषित किया था। लेकिन हरियाणा सरकार ने इस रेट पर खरीदने से पल्ला झाड़ते हुए एक नयी “भावांतर भरपाई” योजना की घोषणा की। किसान को कहा गया कि वह अपनी फसल बाजार में बेचे और उसे कम रेट मिलने की भरपाई के रूप में सरकार रजिस्ट्रेशन करनेवाले किसानों के अकाउंट में औसत पैदावार के आधार पर सीधा ₹600 प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसा भेज देगी।

बाजरा उत्पादक क्षेत्रों में किसानों, किसान प्रतिनिधियों, आढ़तियों और मंडी अधिकारियों से बातचीत करने पर यह स्पष्ट सामने आया कि यह नयी योजना किसान को उसका न्यायोचित अधिकार दिलाने में असफल साबित हुई है। इस योजना में किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य तभी मिल सकता था जबकि उसे बाजार में ₹ 1,650 प्रति क्विंटल का दाम मिले। लेकिन वास्तव में मंडियों में यह रेट किसी किसान को नहीं मिला।

मंडी में दाम बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा 25 फीसद उत्पाद की खरीद का दावा झूठा साबित हुआ, क्योंकि सरकार ने 1 फीसद बाजरा की खरीद भी नहीं की। शुरू में मजबूर किसानों ने औसत क्वालिटी का बाजरा 1100 रु से 1200 रु तक में बेचा। पिछले कुछ दिनों में रेट बढ़कर 1400 रु से 1500 रु तक पहुंचा है। अगर औसत दाम को 1400 रु भी मान लें तब भी सरकार से भरपाई राशि पानेवाले किसान को भी ₹250 प्रति क्विंटल का नुकसान हुआ है। यानी कि व्यवहार में हरियाणा सरकार ने एमएसपी को ₹2250 से घटाकर ₹2000 कर दिया जो कि प्रदेश के किसान के साथ धोखा है। पूरे प्रदेश में इसके चलते बाजरा किसानों को लगभग ₹300 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।

इस दौरे में यह भी स्पष्ट हुआ कि भावांतर भरपाई योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में भारी धांधली हुई है। सरकारी खरीद की अनिश्चितता और ऑनलाइन सुविधा की कमी के चलते अनेक किसान रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाये। जिन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाया उनमें से बड़ी संख्या में किसानों के दावे बिना मौके पर जांच किये खारिज कर दिये गये। जिस खेत में बाजरा लगा था उसमें सरकार ने कोई अन्य फसल लगी होने या फिर खेत खाली होने का फैसला सुना दिया। बड़ी संख्या में किसान मुआवजा पाने से वंचित रहे और उन्हें प्रति क्विंटल ₹ 800 से ₹1000 तक का नुकसान हुआ।

जय किसान आंदोलन ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि वह इन तमाम अनियमितताओं की नए सिरे से जांच करवाए और सभी पात्र किसानों को मुआवजे की राशि भेजी जाए। साथ ही बाजार भाव के बारे में सरकार का अनुमान गलत को स्वीकार कर किसानों को कम से कम ₹250 प्रति क्विंटल के हिसाब से मुआवजे की दूसरी किस्त भी भेजी जाए।

जय किसान आंदोलन के प्रतिनिधिमंडल ने इन सब जिलों में डीएपी खाद की किल्लत की भी जांच की और यह पाया कि सरसों की बुवाई के मौसम में इस किल्लत के चलते किसानों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा है, बुजुर्ग और महिला किसानों को भी दिन-रात लाइनों में खड़ा होना पड़ा है, इसके बावजूद जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हुई है और किसानों को उसके विकल्प के रूप में दूसरी खादों का प्रयोग करना पड़ा है जिससे सरसों की पैदावार पर असर होने की आशंका है। जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवीक साहा ने कहा कि खाद की किल्लत सरकार निर्मित संकट है क्योंकि सरकार ने समय पर आयात नहीं किया ताकि खाद पर सबसिडी का पैसा बचाया जा सके। इस संकट की सबसे बड़ी मार दक्षिण हरियाणा में पड़ी है और यह सरकार के इस क्षेत्र के बारे में सौतेले व्यवहार का एक और नमूना है।

हरियाणा में संगठन विस्तार

जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लाम्बा और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर अहलावत ने प्रदेश में संगठन विस्तार के बारे में बताया कि किसान मजदूर शोषण मुक्ति मोर्चा ने जय किसान आंदोलन से सहसंबद्ध (एफिलिएट) होकर जुड़ने का फैसला किया है। जय किसान आंदोलन ने प्रदेश के अनेक जिलों में नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की है। मीना जांगिड़ को हरियाणा राज्य उपाध्यक्ष, विरेंद्र दलाल को रोहतक जिला अध्यक्ष, अमर पाल सांगवान को चरखी दादरी जिला अध्यक्ष, बंटी कुमार को युवा अध्यक्ष चरखी दादरी, राजिंद्र यादव को भिवानी जिला अध्यक्ष, गुरमेल सिंह को जींद जिला अध्यक्ष, जसबीर साहू को बोंद ब्लॉक अध्यक्ष, नरेश को बोंद ब्लॉक युवा अध्यक्ष और जयवीर को बड़हरा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी है।

इस दो दिवसीय यात्रा में जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवीक साहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लाम्बा, प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर अहलावत के साथ-साथ दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजीव यादव, हरियाणा प्रदेश प्रवक्ता संदीप राव, वीरेंद्र बागोरिया और रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, भिवानी जिलों के जय किसान आंदोलन के सदस्यों ने भी भाग लिया।

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