शराबखोरी बढ़ाने की राह पर केजरीवाल सरकार, स्वराज इंडिया ने किया विरोध

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15 नवंबर। स्वराज इंडिया ने केजरीवाल सरकार की नयी आबकारी नीति का विरोध किया है। सोमवार को दिल्ली सरकार की नयी आबकारी नीति के विरोध में स्वराज इंडिया पार्टी दिल्ली इकाई के कार्यकर्ता काली पट्टी बांध कर राजघाट के बाहर शन्तिपूर्वक धरने पर बैठे।

स्वराज इंडिया पार्टी दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष नवनीत तिवारी ने बताया कि “नयी आबकारी नीति 17 नवंबर से लागू हो रही है, जिसके तहत केवल प्राइवेट कम्पनी दिल्ली में नये शराब ठेके खोल सकेगी। आज हमलोग सांकेतिक रूप से इस नीति के विरोध में राजघाट पर पहुँचे हैं, क्योंकि केजरीवाल सरकार ने सारी नीति ऐसी बनायी है जिससे दिल्ली में शराब उपभोग को बढ़ावा मिले और सरकार की कमाई बड़े। दिल्ली सरकार ने शराब बेच कर प्रतिवर्ष 10000 करोड़ की आमदनी करने का लक्ष्य रखा है। हमारा मानना है कि सरकार को अपनी आय बढ़ाने के लिए दिल्ली में नशे को बढ़ावा देने की नीति नहीं बनानी चाहिए।”

धरने के बाद बाद स्वराज इंडिया की तरफ से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के कार्यालय पर ज्ञापन सौपा गया, जिसमें माँग की गयी है कि तत्काल प्रभाव से इस नीति को वापस लिया जाय।

नवनीत तिवारी ने धरने पर बैठे लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार दिल्ली को नशे में डुबाकर और परिवारों को बर्बाद कर अपनी आय बढ़ना चाहती है। आम आदमी पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में नशामुक्त दिल्ली का वादा किया था, लेकिन आज केजरीवाल सरकार का पूरा प्रयास है कि दिल्ली में शराब का कारोबार कैसे बढ़या जाए।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 के अनुसार राज्य मादक पेय पदार्थ के उपभोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करेगा लेकिन ठीक इसके विपरीत आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए शराब उपभोग को बड़वा देनेवाली नीति लागू कर रही है।

नयी नीति के अनुसार दिल्ली के सभी 272 वार्डों में औसतन तीन शराब के ठेके खोले जाएंगे और कुल 849 ठेके निजी क्षेत्र में खोले जाएंगे। मैरेज हॉल आदि को एक साल के लिए लाइसेंस देने का प्रावधान कर दिया गया है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली के लगभग हर मोहल्ले में शराब ठेके खुल जाएंगे। एक तरफ शराब पीने के लिए उम्र सीमा कम कर दी गयी है व दूसरी तरफ दिल्ली में कई जगहों पर लगभग 24 घंटे शराब की बिक्री होगी।

स्वराज इंडिया की माँग है कि नयी आबकारी नीति तत्काल प्रभाव से वापस ली जाए। इसके स्थान पर समाज के सभी वर्गों विशेष तौर पर महिला समूहों से व्यापक विचार-विमर्श करके भारतीय संविधान के अनुसार नयी नीति बनायी जाए।

आज के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में दिल्ली देहात मोर्चा के अध्यक्ष राजीव यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एसके चौबे, वीरेंद्र राय, हसनैन अहमद, स्वराज रेहड़ी पटरी मोर्चा के अध्यक्ष चन्द्रशेखर व प्रदेश सचिव सायरा खान, जय सिंह व अन्य कई साथियों ने हिस्सा लिया।

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