अमेरिका के वेनेज़ुएला पर खुलेआम साम्राज्यवादी हमले के विरुद्ध समाजवादी समागम का प्रस्ताव!

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Socialist convergence proposes action against the openly imperialist attack by the United States on Venezuela!

समाजवादी समागम की राष्ट्रीय समिति द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के साम्राज्यवादी हमले की कड़ी निंदा की जाती है, जिसमें वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास और अन्य शहरों के नागरिक क्षेत्रों पर बमबारी की गई है तथा समुद्री और हवाई मार्गों से वेनेज़ुएला की नाकाबंदी कर दी गई है। समाजवादी समागम वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाने वाले अमेरिकी साम्राज्यवाद के आतंकवादी हमले की भी कड़ी निंदा करता है।

महीनों से अमेरिकी साम्राज्यवाद वेनेज़ुएला के निकट कैरिबियन क्षेत्र में अपनी सेनाओं को जमा कर रहा था। अमेरिका ने विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड फोर्ड तैनात किया था तथा बड़ी संख्या में सैनिक भेजे थे। तीस से अधिक वेनेज़ुएली नौकाओं पर हमला किया गया, जिसमें कई लोग मारे गए, तथा अमेरिका ने दो तेल टैंकरों पर कब्ज़ा कर लिया। कई महीनों से ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला के विरुद्ध युद्धभाषण दे रहा है। इन हमलों के पीछे का वास्तविक उद्देश्य, ट्रंप प्रशासन जो भी दावा करे, वेनेज़ुएला में सत्ता परिवर्तन करना है। अमेरिकी साम्राज्यवाद लैटिन अमेरिकी देशों के समाजों में मौजूद प्रो-अमेरिकी ताकतों को सत्ता में लाना चाहता है।

ट्रंप ने अपने साम्राज्यवादी लक्ष्यों के प्रति बिना किसी पछतावे का रवैया अपनाया है। उनके प्रशासन द्वारा जारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति पश्चिमी गोलार्ध और उसके संसाधनों पर नियंत्रण की खुली बात करती है। ट्रंप ने मुनरो सिद्धांत को उच्चतर स्तर पर ले जाकर न केवल अन्य शक्तियों को पश्चिमी गोलार्ध से प्रतिबंधित किया है, बल्कि इस गोलार्ध के सभी देशों के संसाधनों पर दावा किया है, जो एक प्रकार का ‘डोन्रो’ सिद्धांत है। ट्रंप ने दावा किया है कि दुनिया में सबसे अधिक तेल भंडार वाले वेनेज़ुएला के सभी तेल भंडार अमेरिका के हैं — अतीत में अमेरिकी कंपनियों की भूमिका का हवाला देकर। यह खुला औपनिवेशिक तर्क है।

खुद को शांति का राष्ट्रपति कहने वाले डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी शासक बड़े पूंजीपति वर्ग के सबसे आक्रामक और प्रतिक्रियावादी खंडों का प्रतिनिधित्व करते हैं। साम्राज्यवादी प्रतिद्वंद्वियों के उदय का सामना करते हुए अमेरिकी साम्राज्यवाद एकध्रुवीय विश्व को बहाल करने और बनाए रखने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनकी रणनीतियाँ भिन्न हो सकती हैं, लेकिन लक्ष्य वही है, और वे इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की पूर्ण उपेक्षा के साथ अधिक खुलेआम अपनाते हैं।

घरेलू स्तर पर बढ़ती कठिनाइयों का सामना करते हुए ट्रंप प्रशासन अन्य देशों पर आक्रमण को दोगुना करने का प्रयास कर रहा है। उनका ‘अमेरिका को फिर से महान बनाना’ उनके अधिक बेशर्म औपनिवेशिक पीछा का आवरण सिद्ध हो गया है।

वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमला एक ऐसी महाशक्ति द्वारा वैश्विक प्रभुत्व को पुनः स्थापित करने का प्रयास है जिसका प्रभाव घट रहा है। यह विशेष रूप से लैटिन अमेरिकी देशों में एंटी-अमेरिकी साम्राज्यवादी ताकतों को रोकने और पीछे धकेलने का प्रयास है। यह क्षेत्र अमेरिकी साम्राज्यवाद का पिछवाड़ा होने से अब उनके विरुद्ध मोर्चा बन रहा है। यह पश्चिमी गोलार्ध के सभी देशों सहित सभी देशों के लिए एक संदेश है।

इस हमले का वेनेज़ुएला के लोगों द्वारा कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा तथा दक्षिण और मध्य अमेरिकी देशों के लोगों द्वारा इसका विरोध किया जाएगा। इस हमले का सभी उत्पीड़ित देशों तथा विश्व के शांति और न्याय-प्रेमी लोगों द्वारा विरोध किया जाएगा।
समाजवादी समागम इस संघर्ष में वेनेज़ुएला के लोगों का पूर्ण समर्थन करता है।

भारत में सभी प्रगतिशील, लोकतांत्रिक, शांति-प्रेमी तथा साम्राज्यवाद-विरोधी ताकतों से अपील करता है कि इस देश की संप्रभुता के विरुद्ध इस क्रूर और कपटी हमले का विरोध करें तथा प्रदर्शन करें। ट्रंप प्रशासन अपनी अर्थव्यवस्था में व्यापक प्रभाव तथा अपनी खुफिया एजेंसियों की घुसपैठ के कारण सभी देशों के लोगों की संप्रभुता और संसाधनों के लिए खतरा पैदा करता है।
समाजवादी समागम

सभी क्रांतिकारियों से अपील करता है कि अमेरिकी साम्राज्यवाद के इस हमले के विरुद्ध विरोध-कार्रवाई करें। इस घोर अंतरराष्ट्रीय डकैती के विरुद्ध उठें। जहाँ संभव हो, इस हमले के विरुद्ध सभी ताकतों के साथ प्रदर्शन करें।

समाजवादी समागम


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