समाजवादी समागम की दिल्ली इकाई द्वारा दिनांक 1 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस तथा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और भारतीय समाजवाद के ऋषि कहे जाने वाले मधु लिमय में जी का जन्मदिवस अत्यंत उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही तथा पूरा हॉल खचाखच भरा हुआ था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के प्रख्यात समाजवादी नेता प्रोफेसर राजकुमार जैन ने की। मंच पर हिंद मजदूर सभा के के जनरल सेक्रेटरी श्री हरभजन सिंह सिद्धू, देश के प्रख्यात राजनीतिक-सामाजिक चिंतक श्री योगेंद्र यादव , युवा राजनीतिक कार्यकर्ता डॉ. जयंत जिज्ञासु, चंद्रशेखर जन्मशताब्दी समारोह समिति के सदस्य श्री सुधीन्द्र भदोरिया, श्री रवि मनचंदा, श्री मोहन प्रकाश, वरिष्ठ पत्रकार श्री जयशंकर गुप्ता, श्री मदनलाल हिंद, बृज भारद्वाज तथा समाजवादी समागम के वरिष्ठ सदस्य श्री महेंद्र शर्मा, मंजू मोहन, डॉ. हरीश खन्ना, डॉ. शशि शेखर, डॉ. अनिल ठाकुर और राकेश कुमार सहित दिल्ली के अनेक वरिष्ठ पत्रकार, राजनीतिक कार्यकर्ता और समाजसेवी उपस्थिति में मौजूद रहे।
डॉ. जयंत जिज्ञासु ने मधु लिमये जी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए समाजवादी विचारधारा के प्रवाह और प्रभाव को अत्यंत विचारोत्तेजक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने लोकतंत्र और समाजवादी आंदोलन के समकालीन प्रश्नों पर भी विस्तार से अपने विचार रखे। उनके विचारों ने पूरे आयोजन को एक बौद्धिक वातावरण प्रदान किया।
इसके बाद योगेंद्र यादव जी ने मधु लिमये जी की वैचारिक विरासत को आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के सामने उपस्थित चुनौतियों के संदर्भ में मधु लिमये जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि मधु जी का लेखन न केवल समाजवादी आंदोलन का मार्गदर्शन करता रहेगा, बल्कि राजनीतिक चिंतन को सृजनात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता रहेगा।
हरभजन सिंह सिद्धू ने मजदूर आंदोलन की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं को विस्तार से रखा। इसके बाद सुरेंद्र भदोरिया, रवि मनचंदा तथा अन्य वक्ताओं के उद्बोधनों ने इस विचार गोष्ठी को और अधिक सार्थक एवं यादगार बना दिया।
अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रोफेसर राजकुमार जैन ने मधु लिमये जी से जुड़े अपने संस्मरण साझा किए, जिसने आयोजन को और भी प्रेरणादायक बना दिया। उन्होंने सभी वक्ताओं के विचारों का सारगर्भित विश्लेषण करते हुए आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई दी।
हजारों की संख्या में उपस्थित श्रोताओं में 40 प्रतिशत से अधिक महिलाएं थीं तथा युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
समाजवादी समागम लगातार इस प्रकार की वैचारिक गोष्ठियों के माध्यम से समाजवादी विचारों, लोकतंत्र और जन आंदोलनों को नई दिशा और विस्तार देने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी अनेक माध्यमों से किया जा रहा था, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक वक्ताओं के विचार पहुंच रहे थे। देशभर से फोन और संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएं प्राप्त हुईं।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की वैचारिक गोष्ठियों का आयोजन निरंतर जारी रहेगा तथा नागरिकता बोध के निर्माण की दिशा में इस पहल को और गति दी जाएगी।
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