— परिचय दास —
।। एक ।।
खेल की संस्कृति मनुष्य की सामूहिकता का सबसे प्राचीन और सहज रूप है। जिस क्षण बालक अपने कदमों पर खड़ा होना सीखता है, उसी क्षण वह किसी खेल की ओर आकर्षित होता है—कभी कंकड़...
कार्ल मार्क्स का सर्वहारा इतिहास का वह वर्ग है, जो प्रभुवर्ग द्वारा शोषित, पीड़ित, और अनाहत है। महात्मा गांधी का हरिजन भारतीय समाज का वह वर्ग है, जो सवर्णों द्वारा तिरस्कृत और पददलित है। मगर समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर...
— संजय जोठे —
भारत की सबसे बड़ी और पुरानी समस्या पर एक नयी रोशनी पड़ने लगी है। तकनीकी विकास की मदद से अब एक नयी मशाल जल उठी है जो भारतीय दर्शन और तत्वचिंतन के वेदांती स्कूल की...
— अरुण कुमार गोंड —
बचपन में खेले जाने वाले खेल न केवल शारीरिक विकास को प्रोत्साहित करते है, बल्कि मानसिक और सामाजिक कौशल को भी मजबूत बनाते हैं। परंपरागत रूप से, भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी, गिल्ली-डंडा, छुपन-छुपाई, खो-खो,...
— शंभू नाथ —
हिंदुओं ने बुद्ध को अपना नौवां अवतार मान लिया, पर मुझे आज तक समझ में नहीं आया कि हमने उनके किस वचन को अपनाया। बुद्ध हमें अपने लगते हैं, पर हमने उनका कोई विचार नहीं चुना।...
— शुभनीत कौशिक —
आज इटली के क्रांतिकारी विचारक अंतोनियो ग्राम्शी (1891-1937) का शहादत दिवस है। दुनिया भर में जिन विचारकों ने विषम परिस्थितियों में भी अपने चिंतन से दमनकारी सत्ता के प्रतिरोध का साहस दिखाया और क्रांति की राह...
— डॉ. सुरेश खैरनार —
तुकाराम महाराज का जन्म सत्रहवीं सदी की शुरुआत में पुणे से लगभग 25 किलोमीटर दूर देहू नामक छोटे से गाँव में हुआ था। उनकी जीवन यात्रा कुल बयालीस वर्षों की रही। शूद्र कुणबी समाज में...
— परिचय दास —
स्त्री के होने में ही सृष्टि का संगीत है, उसके स्पर्श में वसंत की पुलक, उसकी वाणी में शब्दों का माधुर्य और उसकी दृष्टि में समुद्र की गहराई। वह केवल शरीर नहीं, आत्मा का विस्तार है;...
— इस्लाम हुसैन —
देश के हजारों कार्यकर्ताओं बच्चों की मां, मौसी और बड़ी दीदी की तरह 91 साल की राधा बहन का नाम 2025 के पद्म पुरस्कारों की सूची में देखकर कुछ अचरज नहीं हुआ। राधा बहन के नाम...
— हिमांशु जोशी —
सार्वजनिक स्थान हों या घर, इन दिनों हर जगह हमें छोटे से बड़े बच्चों के हाथ में स्मार्टफोन दिख जाते हैं। स्मार्टफोन में खोए हुए इन बच्चों के हाथों में घण्टों फोन देखने के बाद भी...

















