जनगणना में जरूरी प्रवासी मजदूर – अरविन्द मोहन
करीब डेढ़ दशक बाद होने जा रही 'जनगणना 2027' में जातियों की बहुप्रचारित मर्दुमशुमारी के अलावा उन असंख्य प्रवासी-मजदूरों का भी महत्व होना चाहिए जो हमारे 'जीडीपी' को अनजाने में आसमान तक पहुंचाने में...
बिहार के युवाओं का पलायन: हर सरकार का वादा, हर पीढ़ी की मजबूरी
— परिचय दास —
“पलायन” शब्द बिहार के संदर्भ में कोई नई घटना नहीं है; यह एक लम्बी, थकी हुई परंपरा है जो हर पीढ़ी के साथ अपने अर्थ और विस्तार को बदलते हुए भी...
बिहार की राजनीति और सत्ता का मनोविज्ञान – परिचय दास
बिहार की राजनीति को समझना केवल घटनाओं, दलों और नेताओं की सूची बनाना नहीं है; यह एक ऐसे जटिल मनोविज्ञान को पढ़ना है जो दशकों से सत्ता, समाज और स्मृतियों के बीच बनता-बिगड़ता रहा...
सामाजिक इंजीनियरिंग की अग्निपरीक्षा: बीजेपी के सामने बिहार का सवाल
— परिचय दास —
।।एक ।।
सत्ता का गणित कभी सीधा नहीं होता। लोग हर बार उम्मीद करते हैं कि राजनीति कोई स्कूल की जोड़-घटाव है। “बीजेपी मुख्यमंत्री बना रही है तो वोट बैंक भी साथ...
खास दर्जा तो बिहार को चाहिए – मोहन गुरुस्वामी
अरस्तू की यह उक्ति मशहूर है कि दो समानों के बीच असमान व्यवहार की तरह ही दो असमानों के साथ समान व्यवहार अन्यायपूर्ण है। माना जाता है कि असमानता अन्यायपूर्ण तो है, पर इससे...
हथियार के विरुद्ध विश्वास का उद्योग लगाएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
इजराइल-अमेरिका और ईरान युद्ध ने विश्व व्यवस्था के लिए जो खतरा पैदा किया है उस पर चिंताएं पैदा हो रही हैं लेकिन उनकी गंभीरता और उनका स्तर वह नहीं है जो होना चाहिए। विशेषकर...
देह की सरहदों पर जंग – मणिमाला
सिर्फ राजनीति नहीं, चमक-धमक-बेहतर कमाई वाले किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महिलाओं से पहली मांग/अपेक्षा हमबिस्तरी की ही की जाती है। कुछ लड़ जाती हैं । कुछ जीत जाती हैं और...
आज की राजनीति: नेतृत्व नहीं, प्रबंधन
— परिचय दास —
(आज का नेता विचारक कम, मैनेजर ज़्यादा है। उसे भीड़ संभालनी है, मीडिया संभालना है, विरोध को संतुलित रखना है। यह ‘नेतृत्व’ का नया मॉडल है—जहाँ भावनाएँ भी एक संसाधन हैं।)
वे...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास मत पर लोकसभा में चर्चा
जैसा कि केंद्रीय मंत्री रिजजु के मुताबिक लोक सभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास मत 40 वर्षों बाद लाया गया है और उनके मुताबिक इस पर पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में पूर्व...
गुनाह कोई करे, शर्मिंदगी सबको उठानी पड़े! – राजकुमार जैन
बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार से मेरा संबंध उस समय से रहा है, जब वे लोहिया विचार मंच से जुड़े एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे। उस दौर में तिगड़ी—वशिष्ठ नारायण...















