राजनीति

भगवान के मामले में क्यों सुनवाई करे सुप्रीमकोर्ट ?

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— राकेश अचल — चलिए एक तरह से अच्छा हुआ कि सुप्रीमकोर्ट ने ये साफ कर दिया कि वो भगवान के मामले में कोई सुनवाई नहीं करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो में भगवान विष्णु की...

विचारधारा की आग आज भी सुलग रही है!

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— प्रोफेसर राजकुमार जैन — 1934 में स्थापित "कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी" से पैदा हुआ समाजवादी विचार दर्शन का लावा कभी ठंडा नहीं पड़ा, यह दीगर बात है कि वक्त के थपेड़ों से कभी मंद तथा...
Nepal Protest

नेपाल में लोकतंत्र की लड़ाई: प्रधान मंत्री के पी शर्मा ओली का इस्तीफा और...

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— परिचय दास — केपी शर्मा ओली का इस्तीफा केवल राजनीतिक घटना नहीं बल्कि नेपाल के वर्तमान सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक परिदृश्य का भी सूचक है। 2025 में नेपाल में सामाजिक मीडिया प्रतिबंध को...
Election of a new Dhankad and Modiji in the last row

नये धनकड का चुनाव और अंतिम पंक्ति में मोदीजी

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— राकेश अचल — मेरे लिए मोदीजी यानि अपने प्रधानमंत्री उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने मोदीजी के लिए नेहरूजी. मोदीजी से दुखी मेरे अनेक पाठकों ने मुझसे कहा है कि उन्हे वे लेख न भेजे...
The courage of Anjana Krishna, IPS

अंजना कृष्णा, आईपीएस का साहस: महाराष्ट्र में अवैध खनन के विरुद्ध प्रशासनिक संघर्ष और...

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— परिचय दास — महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में अवैध खनन एक ऐसी समस्या बनकर उभरी है, जो न केवल पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी...
Punjab Flood

पंजाब में बाढ़ का कहर और हमारी संवेदनहीनता

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— केपी मलिक — हमारे देश की पंचमेल की परंपरा और कृतघ्नता का वर्तमान में जैसे कोई अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। सिख और पंजाबी समाज की पहचान 'सेवा' और 'साझा दुख-सुख' से रही...
Mohan Bhagwat

मोहन भागवत का शताब्दी उद्बोधन और छिपाने की कला

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आरएसएस के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने 26-27 अगस्त 2025 को दो वक्तव्य रखे, तीसरा दिन उन्होंने प्रश्नोत्तर के लिए रखा है। इन दोनों वक्तव्यों में उन्होंने संघ की भूमिका, संघ के कार्यकर्ताओं की...
Dalmianagar: The biggest ruin of Bihar politics

डालमियानगर : बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा खंडहर

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— अरविंद शर्मा — बिहार में चुनाव नजदीक आते ही पुराने टेप बजाए जाने लगे हैं—“बिहार में का बा?” जो पूछ रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपने भीतर झांककर देखना चाहिए कि ऐसे सवाल पूछने...
monsson session

शर्महीन मर्यादा के युग में – डॉ. योगेन्द्र

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कल संसद का सत्र स्थगित हुआ। सभी सांसद अपने-अपने घर वापस लौटे। सरकार को जो मनमानी करनी थी, की, लेकिन पहली बार प्रधानमंत्री को विपक्ष के ज़ोरदार नारे से मुलाक़ात हुई— “वोट चोर, गद्दी छोड़।” ग्यारह...
Congress succeeded in belling the cat of power

सत्ता की बिल्ली के गले में घंटी बांधने में कामयाब कांग्रेस

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— राकेश अचल — वोट चोरी के मुद्दे पर देश का बिखरा विपक्ष पहली बार इतनी मजबूत से प्रकट हुआ है कि सत्ता के होश फाख्ता हो गए हैं. पिछले 11 साल में विपक्ष वोट...