हथियार के विरुद्ध विश्वास का उद्योग लगाएं – अरुण कुमार त्रिपाठी
इजराइल-अमेरिका और ईरान युद्ध ने विश्व व्यवस्था के लिए जो खतरा पैदा किया है उस पर चिंताएं पैदा हो रही हैं लेकिन उनकी गंभीरता और उनका स्तर वह नहीं है जो होना चाहिए। विशेषकर...
देह की सरहदों पर जंग – मणिमाला
सिर्फ राजनीति नहीं, चमक-धमक-बेहतर कमाई वाले किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महिलाओं से पहली मांग/अपेक्षा हमबिस्तरी की ही की जाती है। कुछ लड़ जाती हैं । कुछ जीत जाती हैं और...
आज की राजनीति: नेतृत्व नहीं, प्रबंधन
— परिचय दास —
(आज का नेता विचारक कम, मैनेजर ज़्यादा है। उसे भीड़ संभालनी है, मीडिया संभालना है, विरोध को संतुलित रखना है। यह ‘नेतृत्व’ का नया मॉडल है—जहाँ भावनाएँ भी एक संसाधन हैं।)
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास मत पर लोकसभा में चर्चा
जैसा कि केंद्रीय मंत्री रिजजु के मुताबिक लोक सभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास मत 40 वर्षों बाद लाया गया है और उनके मुताबिक इस पर पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और बाद में पूर्व...
गुनाह कोई करे, शर्मिंदगी सबको उठानी पड़े! – राजकुमार जैन
बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार से मेरा संबंध उस समय से रहा है, जब वे लोहिया विचार मंच से जुड़े एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय थे। उस दौर में तिगड़ी—वशिष्ठ नारायण...
नीतीश कुमार के राज्य सभा में जाने के निहितार्थ – परिचय दास
भारतीय राजनीति में कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जो सतह पर बहुत छोटे दिखते हैं, पर भीतर से पूरे परिदृश्य की रेखाओं को धीरे-धीरे बदलने लगते हैं। सत्ता की दुनिया में हर चाल सीधी...
अब घृणा और युद्ध पर टिका होगा नया विश्व – अरुण कुमार त्रिपाठी
अमेरिका और इजराइल ने रमजान के पवित्र महीने में ईरान पर हमला करके सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति मोहम्मद पेजस्कियां, ईरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडर जनरल पकपोर, रक्षामंत्री अली शमखान को...
गलगोटिया की अपसंस्कृति अचानक नहीं आयी – डॉ योगेन्द्र
भारत में लोगों को काम मिल नहीं रहा है और एआई से काम के घंटे आधे रह जायेंगे और काम पहले से दोगुना होगा। खुश होइए भाई लोग। आर एस एस के संघ सरसंघचालक...
जाति के दड़वों की घुटन – डॉ योगेन्द्र
डॉ अम्बेडकर के नेतृत्व में चवदार तालाब आंदोलन ( महाड़ सत्याग्रह) हुआ 20 मार्च 1927 को।इस महान आंदोलन को पूरे सौ वर्ष होने वाले हैं। चवदार का मराठी में अर्थ होता है स्वादिष्ट। चवदार...
नोबेल, जेल और ईरान की सत्ता-संरचना! – परिचय दास
तेहरान की एक न्यूज़ एजेंसी की खबर है कि ईरान में रविवार को नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को छह साल की सजा सुनाई गई। उनके वकील ने सजा की पुष्टि की है।...
















