देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी इतनी कम क्यों है?
— एड. आराधना भार्गव —
हाल ही में सम्पन्न हुए नगरीय निकाय एवं पंचायतों के चुनाव में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि दम...
कांवड़ यात्रियों ने ही कांवड़ यात्री सैनिक कार्तिक की हत्या कर...
— रवीश कुमार —
आजकल का माहौल ऐसा है कि इस खबर को देखते ही धक से कर गया। सेना का एक जवान कांवड़ लेकर...
सत्य, अहिंसा और प्रेम के साथ बने रहेंगे गांधी
— प्रेम सिंह —
सरकारी संस्था ‘गांधी दर्शन एवं स्मृति’ की मासिक पत्रिका ‘अंतिम जन’ के सावरकर विशेषांक को लेकर कुछ गांधी-जन आक्रोश में हैं।...
गांधी की हत्या का सिलसिला जारी है !
— श्रवण गर्ग —
गांधी को अब उनके घर में घुसकर मारा जा रहा है। अभी तक कोशिशें बाहर से मारने की ही चल रहीं...
रामप्यारी को न्याय मिलेगा द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति होने से?
— योगेन्द्र यादव —
मैंने कहा बधाई हो! श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश की राष्ट्रपति बनने जा रही हैं। उनके चेहरे को सपाट देखकर मैंने स्पष्ट...
जनता की मेधा
— कृष्ण कांत —
यह मेधा पाटकर हैं। अपने ऑफिस में अपने बिस्तर पर बैठी दाल-रोटी खा रही हैं। यह कमरा उनके सोने का भी...
अग्निपथ योजना : हठधर्मिता छोड़े सरकार
— राजू पाण्डेय —
रक्षा विशेषज्ञों और युद्ध तथा सैन्य प्रशासन का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले सेवा निवृत्त अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि...
कुंवरजी का जाना
— कुमार विजय —
मैं मरूंगा तो मुझ पर लिखोगे न !’ समता मार्ग पर सत्यजित राय की जन्मशताब्दी पर लिखे मेरे लेख को पढ़ने...
पी.एन.सिंह का होना और न होना
— रामप्रकाश कुशवाहा —
गत एक जुलाई को ही प्रसिद्ध समालोचक और विमर्शकार डॉ .पी.एन. सिंह का जन्मदिन मनाने तथा उनकी रचनावली के लोकार्पण समारोह...
सुनील भाई की सीख
— गोपाल राठी —
बात 1994 में हुए पिपरिया विधानसभा चुनाव की है। इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से श्री सुरेश राय भाजपा से...

















