Tag: गांधी
गाँधी, लोहिया और समाजवाद! – दीपक मिश्र
महात्मा गाँधी और उनके क्रांतिधर्मी शिष्य राममनोहर लोहिया के सम्बन्ध, वैचारिक साम्य व साझा विरासत पर नए सिरे से उनकी सामयिक प्रासंगिता की कसौटी...
गांधी आज लौटे थे!
— परिचय दास —
सुबह मैंने गांधी को देखा। वे लौटे थे। न कोई जुलूस था, न कोई घोषणा। न आकाश से कोई दिव्य प्रकाश...
सौ साल की आत्मकथा/ सत्य के प्रयोग का शताब्दी वर्ष
— अरुण कुमार त्रिपाठी —
यह गांधी की आत्मकथा यानी ‘सत्य के मेरे प्रयोग’ का शताब्दी वर्ष है। हालांकि गांधी की आत्मकथा का शताब्दी वर्ष...
गांधी के गांव गणराज्य का सपना आज भी अधुरा – राज...
अगस्त 1947 को देश की पहली स्वतंत्रता दिवस पर गांधीजी ने कहा था 'मेरे सपनों का भारत सात लाख गांव गणराज्यों का संघ' होगा।...
गांधी ने पत्रकारिता को जनसेवा और सत्य का हथियार बनाया
हिंदी पत्रकारिता दिवस हमें केवल पत्रकारिता की परंपरा का स्मरण नहीं, बल्कि उसके मूल उद्देश्य पर भी विचार करने का अवसर देता है। पत्रकारिता...
जब गांधी के शब्दों ने हिला दिया ‘राजसी’ सिंहासन: बीएचयू का...
4 फरवरी, 1916। स्थान: वाराणसी। अवसर था काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के शिलान्यास का। मंच पर तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग, एनीबेसेंट और देश के...
द्रोह का दायित्व / मो.क.गांधी
सक्रिय निष्ठा और सक्रिय द्रोह के मध्य कोई बीच का रास्ता नहीं हुआ करता है । ' यदि किसी व्यक्ति को खुद को मनमुटाव...
‘गांधी: युद्धरत दुनिया के लिए उम्मीद’
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम घोषित हुआ है, मगर विराम और समाप्ति में बड़ा अंतर है। ऐसे समय में महात्मा गांधी की याद...
गांधी से हमारे वादे… जो केवल तोड़ने के लिए किए गए...
क्या 18 जनवरी 1948 को गांधीजी ने अपना उपवास केवल इसलिए तोड़ा था कि हम उनके जाने के बाद उन वादों को कागजी साबित...
गाँधी या गोडसे: हरिशंकर परसाई
यह चिट्ठी महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी को पहुंचे. महात्माजी, मैं न संसद-सदस्य हूँ, न विधायक, न मंत्री, न नेता. इनमें से कोई कलंक मेरे...




















