Tag: श्रवण गर्ग
‘नागरिकों’ को ‘शरणार्थियों’ में बदलने का षड्यंत्र तो नहीं है? –...
बात कोलकाता के प्रसिद्ध सत्ता-विरोधी अंग्रेज़ी दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ के पूर्व संपादक-पत्रकार आर राजगोपाल की पीड़ा से शुरू करते हैं।राजगोपाल की पीड़ा हालाँकि काफ़ी...
नेहरू के पुण्य स्मरण के बहाने ‘भारतीयता’ की खोज! – श्रवण...
शायद यही सही समय है पूछे जाने का कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आज़ादी के पहले अहमदनगर क़िले के कारावास...
चापलूसी और झूलेबाज़ी के ज़रिए विदेश नीति के असफल प्रयोग !...
डॉनल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा की विफलता के कारणों को लेकर अमेरिकी मीडिया में जो विश्लेषण प्रकाशित हो रहे हैं हमारे लिए इस नज़रिए...
कब तक डर-डर कर जीना चाहता है देश? – श्रवण गर्ग
हमने इस बात पर शायद ही कभी गौर किया हो कि आपसी बातचीत या ‘गोदी चैनलों’ की बहसों को देखने-सुनने के दौरान हम दिन...
स्मृतियों के कैमरे में क़ैद रघु रॉय! – श्रवण गर्ग
रघु राय को लेकर मन में कई तरह की स्मृतियाँ हैं। शुरुआत अनुपम मिश्र से करते हैं। साल 1971 में इंदौर छोड़कर प्रभाष जोशीजी...
मोदी-शाह के भाषणों में ‘पीके’ पर हमला सुना क्या? – श्रवण...
चौदह नवंबर को जिस रहस्य से पर्दा उठने वाला है वह यह नहीं होगा कि बिहार के कश्मकश भरे चुनावों में जीत किसकी होने...
राम को तो रोज़ अपने घर लौटना चाहिए! – श्रवण गर्ग
हमें एक ऐसी दीपावली की दरकार है जो साल भर अविराम चलती रहे। हमने अनुभव कर लिया है कि जिस रावण का ‘विजयदशमी’ के...
मौजूद है हर जगह एक ग़ज़ा,एक नेतन्याहू ?
— श्रवण गर्ग —
फ़लिस्तीन किसी एक तबाह मुल्क और
ग़ज़ा किसी एक ‘क़ब्रगाह’ का नाम नहीं है !
मौजूद हैं फ़लिस्तीन और ग़ज़ा
हमारे ईर्द-गिर्द ,चारों तरफ़...
हमें सिर्फ़ कश्मीर चाहिए, कश्मीरी नहीं?
— श्रवण गर्ग —
देश के नागरिकों की रुचि इस हक़ीक़त को जानने में होगी कि सत्तारूढ़ दल की नज़रों में कश्मीर और कश्मीरियों की...
अब प्रतीक्षा किसके रिटायरमेंट की की जाए, मोदी के या भागवत...
— श्रवण गर्ग —
धनखड़ एपिसोड के पहले तक जनता के बीच दो तरह की चर्चाएँ चल रही थीं ! उन पर बहसें भी हो...




















