Tag: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’
जिस मौन में अज्ञेय रहते थे – परिचय दास
सुबह का एक ऐसा क्षण होता है जब हवा अभी पूरी तरह जागी नहीं होती। पेड़ों की पत्तियाँ हल्की-सी खनक के साथ हिलती हैं...
अज्ञेय-जयंती : शब्दों के अन्वेषक, अनुभूतियों के यायावर
— परिचय दास —
साहित्य के विस्तृत आकाश में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपनी काव्यात्मक चेतना और चिंतन की गहराइयों से एक युग...












