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सम्पूर्ण क्रांति दिवस पर धीरेन्द्र नाथ श्रीवास्तव की कविता!
एक मांग है बन्द दमन
हो किसी शर्त पर
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खुशबू से गुलज़ार चमन
हो किसी शर्त पर।
ख़ुशियों से लबरेज वतन
हो किसी शर्त पर।
पीला, लाल, सफेद, हरा
हो या...
जयप्रकाश नारायण और आज का भारत : स्मृति और उत्तरदायित्व
— परिचय दास —
।। एक ।।
आज की तारीख़ इतिहास के पन्नों में एक गहरी साँस की तरह दर्ज है—वह साँस जो कभी जयप्रकाश नारायण...












