उमंग और उल्लास के चंद्रशेखर जन्म शताब्दी समारोह का शुभारंभ

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Launch of the Joyous and Enthusiastic Centenary Celebrations of Chandrashekhar

— ऋषिकेश रजोरिया —

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का जन्म शताब्दी समारोह 17 अप्रैल को बड़े पैमाने पर मनाया गया। एक कार्यक्रम भारत यात्रा केंद्र, भोंडसी, गुड़गांव में हुआ। वहां सुसज्जित चंद्रशेखर समाधि स्थल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सुधीन्द्र भदोरिया की अध्यक्षता में चंद्रशेखर के साथ भारत यात्रा करने वाले तमाम पदयात्री और सैकड़ों अन्य लोग जुटे, जिनमें सुबोध कांत सहाय, केसी त्यागी, राजकुमार जैन सहित कई लोग शामिल थे। चंद्रशेखऱ के पुत्र भाजपा सांसद नीरज शेखर विशेष रूप से उपस्थित हुए।

पदयात्रियों में ब्रह्मदत्त गौड़, किशोर पोत्तनवार, उमेश चतुर्वेदी, रोजलीन, सूर्य कुमार, शंकर और अन्य शामिल थे। इस अवसर पर भारत यात्रा ट्रस्ट के अध्यक्ष सुधीन्द्र भदोरिया ने पदयात्रियों को शाल और स्मृति चिन्ह प्रदान करते हुए सम्मानित किया।

17 अप्रैल को ही दूसरा कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से दिल्ली के मावलंकर सभागार में हुआ। सुबोध कांत सहाय ने अध्यक्षता की। कुछ लोग गैर हाजिर रहे, जिनके उपस्थित होने की सूचना थी। कार्यक्रम में बहुत देर तक भाषण चलते रहे। अनेक लोग भाषण देने से वंचित रह गए। करीब चार सौ से ज्यादा लोग थे। सभागार की कई कुर्सियां खाली थी। राजकमल प्रकाशन की तरफ से चंद्रशेखर पर छापी गई एक किताब को सौ से ज्यादा लोगों ने खरीदा।

मावलंकर हाल में हुए कार्यक्रम में प्रस्ताव पारित किया गया कि चंद्रशेखर को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए और संसद भवन में उनकी कांस्य प्रतिमा की स्थापना की जाए।

18 अप्रैल को पदयात्रियों ने सुधीन्द्र भदोरिया के नेतृत्व में प्रधानमंत्री संग्रहालय का भ्रमण किया। वहां नीरज शेखर भी पहुंचे। चंद्रशेखर के जीवन पर आधारित एक फिल्म का प्रदर्शन देखा। वहां उनसे जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शित किए गए हैं। सभी प्रधानमंत्रियों की गैलरियां हैं, जिनमें चंद्रशेखर की गैलरी भी है। इसमें पदयात्रा से जुड़ी तस्वीरों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

1983 में चंद्रशेखर की कन्याकुमारी से शुरू हुई पदयात्रा में शुरू से शामिल रहने वाले पदयात्री सुधीन्द्र भदोरिया, उमेश चतुर्वेदी, ब्रह्मदत्त गौड़, किशन सिंह तोमर, शंकर आदि इन तस्वीरों में दिखाई देते हैं। ज्यादातर तस्वीरें केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में खींची गई थीं।

प्रधानमंत्री संग्रहालय के भ्रमण के बाद विश्व युवा केंद्र में सुधीन्द्र भदोरिया की अध्यक्षता में भारत यात्रा ट्रस्ट की बैठक हुई, जिसमें चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले संभावित कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। चंद्रशेखर को भारत रत्न देने की मांग उठी। उनके जीवन और विचारधारा पर आधारित पुस्तकों के प्रकाशन की बात हुई। चंद्रशेखऱ के विचार ज्यादा से ज्यादा लोगों तक कैसे पहुंचे, इस पर विस्तार से बातचीत हुई। अगले वर्ष तक एक स्मारक ग्रंध प्रकाशित करने का प्रस्ताव भी बैठक में आय़ा।

प्रकाशन और प्रचार संबंधी कार्यों के लिए रणधीर गौतम के नेतृत्व में एक समिति बनाई गई है, जिन्होंने चंद्रशेखर जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर विभिन्न हिंदी और अंग्रेजी लेखों का संकलन करते हुए एक पुस्तक भी प्रकाशित की है।


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