लोहिया विचार मंच ने पुण्यतिथि पर आयोजित की विचार गोष्ठी वक्ताओं ने किया समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने का आह्वान

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Lohia Vichar Manch organized a symposium on his death anniversary. Speakers called for strengthening socialist ideology.

इंदौर। समाजवादी आंदोलन के पुरोधा एवं प्रखर चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की 59वीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोहिया विचार मंच, मध्यप्रदेश द्वारा इंदौर में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मंच के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल ने बताया कि गोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. लोहिया के व्यक्तित्व, कृतित्व और समाजवादी विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धांतों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया।

वक्ताओं ने कहा कि देश में गैर-बराबरी, अन्याय और शोषण के विरुद्ध चल रहे आंदोलन तथा अपने अधिकारों के लिए आगे आ रहे युवाओं की सक्रियता डॉ. लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में हर प्रकार की असमानता के खिलाफ संघर्ष किया और आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक विषमताओं को समाप्त कर समतामूलक समाज की स्थापना का वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया का समाजवाद केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं था। वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान अवसर, सम्मान और अधिकार पहुंचाने के पक्षधर थे। जातिगत भेदभाव, आर्थिक विषमता, सामाजिक अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनका संघर्ष आज भी समाज को नई दिशा देने में सक्षम है। उनके विचार सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और समानता के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को प्रेरणा प्रदान करते हैं।

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समाजवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना और युवाओं को डॉ. लोहिया के विचारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। जब भी युवा अन्याय और असमानता के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तब डॉ. लोहिया के संघर्षशील विचारों की प्रासंगिकता स्वतः सामने आती है। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समानता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राम मनोहर लोहिया के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके पश्चात आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने उनके जीवन-संघर्ष, सिद्धांतों और सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों को याद करते हुए सामाजिक न्याय एवं समानता की स्थापना के लिए उनके विचारों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में निमाड़ी भाषा को प्रतिष्ठा दिलाने के लिए विशेष पहचान रखने वाले पद्मश्री जगदीश जोशीला, लोहिया विचार मंच के अध्यक्ष रामबाबू अग्रवाल, सुभाष रानाडे, समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष राजेंद्र यादव, रामस्वरूप मंत्री, जीवन मंडलेचा, डी.के. यादव, गोपालदास अग्रवाल, दिनेश पुराणिक, रावल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

गोष्ठी का संदेश स्पष्ट था कि डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे आज भी एक न्यायपूर्ण, समतामूलक और लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए प्रासंगिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर ही समाज में व्याप्त असमानताओं को दूर करने तथा प्रत्येक व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान दिलाने की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।

सादर प्रकाशनार्थ
रामबाबू अग्रवाल
अध्यक्ष, लोहिया विचार मंच, मध्यप्रदेश
श्रीमान संपादक महोदय
दैनिक समाचार पत्र __________
इंदौर


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