पत्रकार हृदयेश जोशी और श्याम मीरा सिंह कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान से किए जाएंगे सम्मानित

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Hridayesh Joshi

 

नई दिल्ली। कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान के लिए देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार टीवी समाचार एंकर हृदयेश जोशी और श्याम मीरा सिंह चुने गए हैं। चयनित पत्रकारों के नामों की घोषणा गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में आयोजित एक प्रेस वार्ता में वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक और गांधी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कुमार प्रशांत ने की । इस मौके पर प्रेस वार्ता में शामिल थे विजय प्रताप, जयशंकर गुप्त, संजय पारीख और आशिक कुमार। अब तक कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान से रवीश कुमार, निखिल वागले, अजीत अंजुम, आरफा खानम शेरबानी और उर्मिलेश सम्मानित हो चुके हैं। चयनित पत्रकारों को यह सम्मान गांधी शांति प्रतिष्ठान के सभागार में 24 अक्टूबर को आयोजित एक समारोह में दिया जाएगा। प्रेस वार्ता में सम्मान समिति के संचालक अशोक कुमार ने बताया कि चयनित पत्रकारों को सम्मान स्वरुप एक एक लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह दिया जायेगा।
इस सम्मान की परिकल्पना के बारे में विजय प्रताप ने कहा कि कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान की शुरुआत

Shyam Meera Singh

गांधी शांति प्रतिष्ठान तथा उससे संबंध रखने वाले कुछ साथियों ने स्वतंत्र और प्रगतिशील पत्रकारिता को समर्थन व प्रोत्साहन देने के लिए महात्मा गांधी की पत्रकारिता को ध्यान में रखते हुए की है। सम्मान चयन समिति के सदस्यों में कुमार प्रशांत, नीरज चौधरी, ओम थानवी, विजय प्रताप, संजय पारीख, जयशंकर गुप्त प्रियदर्शन, प्रमोद रंजन, अनिल सिन्हा और अशोक कुमार के नाम शामिल हैं।

मौके पर मौजूद जयशंकर गुप्ता और संजय पारीक ने चयन के आधार, मौजूदा पत्रकारिता के ढांचे और मिजाज के साथ उनकी चुनौतियों की चर्चा की और सभी पत्रकार से आग्रह किया कि वह सत्य साहस और ईमानदारी के साथ पत्रकारिता करें। महात्मा गांधी ऐसी पत्रकारिता के आदि पुरुष रहे हैं भारत की आजादी का पूरा संघर्ष सत्य, न्याय और स्वाभिमान के बल पर लड़ा गया, जिसमें महात्मा गांधी की कलम का सशक्त योगदान रहा ।

चयनित पत्रकारों में हृदय जोशी ने करीब तीन दशक से पत्रकारिता में समाचारों और सरोकारों की लंबी यात्रा तय की है। दूरदर्शन से शुरुआत कर उन्होंने एनडीटीवी जैसे समूह में 15 साल से अधिक गुजारे, फिर विभिन्न माध्यमों में पत्रकारिता करते रहे। उन्होंने वाम राजनीति को बहुत करीब से देखा और लाल लकीर जैसा उपन्यास लिखा। कई महत्वपूर्ण किताबों का अनुवाद किया। पर्यावरण केंद्रित इनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ईको एंड एनर्जी टॉक एक गंभीर उपक्रम है। पत्रकारिता के प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार सहित उन्हें कई अन्य सम्मान भी मिले। उनकी पत्रकारिता समाज व राजनीति की और असामाजिक प्रवृत्तियों से लोहा लेती है । वही श्याम मीरा सिंह अभिव्यक्ति की आजादी पर बढ़ते अंकुश और एक अघोषित आपातकाल की त्रासदी लिखने सोचने कहने वालों को लगातार डरा रही है ऐसे समय में श्याम मीरा सिंह जैसे साहसी युवा पत्रकार की उपस्थिति आश्वस्त करती है। मथुरा के श्याम मीरा सिंह ने साल 2017-18 में दिल्ली से हिंदी में पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद ईटीवी भारत, इकोनामिक टाइम्स, आज तक और न्यूज क्लिक जैसे संस्थानों में काम किया है ।उन्होंने स्ट्राइक नाम से एक चैनल भी शुरू किया है। कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर आंदोलन के दौरान भी उनकी रिपोर्टिंग ने लाखों का ध्यान खींचा।


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