10 नवम्बर। भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने मेनिफेस्टो जारी कर वादों का पुलिंदा पेश कर दिया है, लेकिन हिमाचल की जनता आज भी पीने के पानी को तरस रही है, जबकि स्वास्थ्य व्यवस्था भी वेंटिलेटर पर पड़ी हुई है। वादों की फहरिस्त लेकर इन दिनों प्रधानमंत्री से लेकर गृहमंत्री तक हिमाचल की पहाड़ियों में भाजपा के लिए प्रचार कर रहे हैं, हेलीकॉप्टर पर बैठकर पहाड़ियों पर बसे बड़े शहरों के बड़े मैदान में जाते हैं और भाषण देकर वापस चले जाते हैं, लेकिन कभी उन गाँवों की ओर नहीं देखते, जहाँ लोग पीने के पानी तक को तरस रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अगस्त 2022 तक प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 100 फीसदी जल उपलब्ध करवाने की योजना बनाई थी, लेकिन आज की तारीख में भी लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। पहाड़ियों पर बहुत ऊपर बसे लोग नीचे की ओर पानी लेने जाने को मजबूर हैं।
बहुत से गाँवों में नल हैं, लेकिन उसमें पानी नहीं आता। कनेक्शन के लिए कई किलोमीटर दूर से पाइपें आई हैं, जिनके खराब होने पर कई हफ्तों तक फॉल्ट समझ नहीं आता। कई ग्रामीणों ने मीडिया के हवाले से बताया, कि जब उनसे समस्याओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया, कि शौच के लिए, खाना बनाने के लिए, यहाँ तक पीने तक के लिए पानी नहीं है। वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र में अस्पताल तक की व्यवस्थ्या ठीक से नहीं है। कोई बीमार हो जाता है, तो इलाज के लिए 200 किलोमीटर दूर कुल्लू जाना पड़ता है। यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था के बुरे हाल हैं। यहाँ किसी भी तरह की कोई मशीनरी नहीं है, किसी भी तरह का कोई डॉक्टर नहीं है। इन हालात के बावजूद हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी राज नहीं रिवाज बदलने का दावा कर रही है।
(‘न्यूज क्लिक’ से साभार)
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