छात्र आंदोलन के प्रति नागरिक अभिनन्दन और एकजुटता!

0

जनांदोलन एकजुटता मंच के बैनर तले जंतर मंतर से शुरू हुए और पूरे देश में फैल रहे छात्र आंदोलन के प्रति नागरिक अभिनन्दन और एकजुटता जाहिर करने के लिए दो घंटे का धरना दिया गया। इस धरने का मकसद नीट और अन्य परीक्षाओं की धांधली के कारण हताशा में अपनी जान देनेवाले तमाम छात्रों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करना भी था। और आंदोलित छात्रों पर चले और चल रहे दमन के के खिलाफ विरोध प्रकट करना और दमन चला रही सरकारों को चेतावनी देना भी था। उल्लेखनीय है कि जनांदोलन एकजुटता मंच का गठन शहर के अनेकानेक समुदायों और संगठनों के प्रतिनिधियों की खुली और व्यापक उपस्थिति और सहमति से हुआ है।

धरना का आरंभ शिक्षा व्यवस्था की गड़बड़ियों के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ।

इस धरना में कुछ विशेष मांगें रखी गयी थीं। वे मुखरता से बार बार उठीं। वे मांगें थीं: आंदोलन के दमन के योजनाकार गृहमंत्री अमित शाह इस्तीफा दें, दमन में सीधे शामिल पुलिसकर्मियों को कड़ी सजा दें, बिना वर्दी और बिना नाम तैनात संदिग्ध या निजी सुरक्षाकर्मियों को चिन्हित कर उन पर आपराधिक मामले दर्ज करें, परीक्षा की गड़बड़ियों के कारण आत्महत्या करनेवाले छात्रों को 1-1 करोड़ का मुआवजा दें, छात्र आंदोलन में शामिल और सहयोग करनेवाले लोगों पर दर्ज सारे मुकदमे बिना शर्त तत्काल खारिज हों और उन पर नये मुकदमे लादना एवं प्रताड़ना बंद हो।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की सीधी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बनती है। वे अब दुख का दिखावा कर छात्रों और युवाओं के प्रति अपनी भावना प्रकट कर रहे हैं। नरेन्द्र मोदी को अपने मन की बात कहने के बजाय सच्चे मन से माफी मांगनी चाहिए। सच्ची माफी शायद न मांग सकें तो बनावटी ही सही, देश के छात्रों से माफी मांगें।

सभा का संचालन रवीन्द्र प्रसाद, सुमित राय, गौतम बोस, सुजय राय, जसवंत सिंह और मंथन ने किया। इनके साथ ही डा.आर के सिंह, ,अर्पिता, लक्ष्मी , लिली शर्मा, बिन्दा सोरेन, असलम मल्लिक, तौहीद्दुल हसन, रईस अफरीदी, भगवान सिंह, जसवंत सिंह, अशोक शुभदर्शी, राजकुमार यादव, शत्रुघ्न प्रसाद, लगनजित गांगुली, शंभु मुखी, अम्बिका यादव, सतीश,आर डी राय, सोहन महतो, मनोज गुप्ता, जितेन्द्र यादव, मुश्ताक अहमद, विजय यादव, शंभु सिंह, बिंदे सोरेन, धनंजय शुक्ला आदि ने सम्बोधित किया । इस कार्यक्रम को अपने सहभाग से सफल बनाने में निधि, राजश्री, चिन्मयी, अनिमा बोस, वृहस्पति सरदार, राजकुमार दास आदि का भी योगदान रहा।


Discover more from समता मार्ग

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Comment