पंत प्रधान की लज्जाजनक शब्दावली – राकेश अचल
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के पहले ही दिन पंत प्रधान श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी की शब्दावली सुनकर मुझे एक बार फिर एक भारतीय होने के नाते शर्मिंदगी महसूस हुई. पहली बार लगा कि...
इन दिनों सनातनियों की बंद आंखें – डॉ योगेन्द्र
सनातन धर्म में ईश्वर के सामने सब बराबर है या सबकी हैसियत अलग-अलग है? चमार, दुसाध, भंगी आदि के ईश्वर और ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार के ईश्वर एक हैं या वे भी अलग अलग हैं?...
देश से ज्यादा विदेश में क्यों बोलते हैं मुख्य न्यायाधीश? – राकेश अचल
भरी इजलास में अपनी और हवा में उछाला हुआ जूता देखकर अविचलित रहे मुख्य न्याधीश जस्टिस बीआर गवई उन गिने लोगों में शुमार किए जा सकते हैं जो राहुल गांधी जैसे हैं. जस्टिस गवई...
कांशीराम की पुण्यतिथि व बसपा का भविष्य – परिचय दास
।। एक ।।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर बहुजन राजनीति के अर्थ को फिर से समझने की ज़रूरत है। वे उस भारत से निकले व्यक्ति थे जो जाति की परछाइयों में पिस रहा था पर उन्होंने...
‘ओपीनियन पोल’ अर्थात ‘पोल के ढोल’
— राकेश अचल —
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही चुनाव से पहले जनता का ओपीनियन बदलने की गरज से जो ओपीनियन पोल आए हैं उन्हे देखकर मैं पूरे विश्वास...
सोनम को खलनायक बनाकर गलती कर रही है दिल्ली
— राकेश अचल —
लेह-लद्दाख के अधिकारों के लिए गांधीवादी तरीके से आंदोलनकारी सोनम वांगचुक को खलनायक बनाकर भारत सरकार शायद उसी गलती को दोहरा रही है जो उसने मणिपुर के मामले में की.गृह मंत्रालय...
समाजवादी आंदोलन के 90 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समाजवादी एकजुटता सम्मेलन
— प्रोफेसर राजकुमार जैन —
मांग रहा है हिंदुस्तान
रोजी-रोटी और मकान।
धन और धरती बट के रहेगी
भूखी जनता अब ना सहेगी।*कमाने वाला खाएगा, लूटने वाला जाएगा,नया जमाना आएगा।
सोशलिस्टों ने बांधी गांठ पिछड़े पावे सो मे साठ।
राष्ट्रपति...
ऐसे कायर न बनो, फिलिस्तीन को मान्यता दो
— राकेश अचल —
भारत सनातन देश है और शुरू से उसकी विदेश नीति बहुत स्पष्ट रही है. भारत ने हमेशा से शरणागति और निबल का बल होने के मूल्यों की रक्षा की है लेकिन...
इन दिनों पूंजीपति, रामभद्राचार्य और गिद्ध
— डॉ योगेन्द्र —
सामान्य- सी सुबह । रांची की सड़कों पर चाय और फल वाले । कच्चे नारियल के अनेक ठेले। ऊँची बिल्डिगें और उन पर कोचिंग के अनेक पोस्टर । रांची के दो...
ज्ञानेश कुमार : कितनी और जिल्लत झेलोगे?
— राकेश अचल —
ज्ञानेश कुमार भारत के भले ही 26 वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं लेकिन वे सबसे ज्यादा जिल्लत झेलने वाले पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिके ऊपर सरकारी पार्टी के लिए वोट...
















