पत्रकारिता की मानक भाषा और स्थानीयता
— डॉ. हेमंत जोशी —
हिंदी भाषा और विशेषकर पत्रकारिता की भाषा के संदर्भ में आज हो रही बहस कोई नई नहीं है, तर्क वितर्क...
स्वामिभक्त बुलबुल
— रमाशंकर सिंह —
बुलबुल बगैर किसी रास्ते और छेद के कोठरी में घुस आती थी फिर सावरकर को अपने पंखों पर बिठा कर मातृभूमि...
बिलकिस बानो अगर बिमला देवी होती
— योगेन्द्र यादव —
पंद्रह अगस्त से बार-बार मेरे जेहन में हिंदी के महान कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की प्रसिद्ध कविता ‘देश कागज पर बना...
क्या आजादी के पचहत्तर साल के यही मायने हैं!
— डॉ सुरेश खैरनार —
बिलकिस बानो, 21 साल की उम्र और तीन महीने की गर्भवती के साथ आज से बीस साल पहले के गुजरात...
राष्ट्रप्रेम, आवरण नहीं आचरण में दीखे
— जयराम शुक्ल —
इन दिनों तिरंगा अभियान चल रहा है, घर-घर तिरंगा, हर घर तिरंगा। सबकुछ पचहत्तर-पचहत्तर। यह उत्सव मनाने की भारतीय अदा है।...
देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी इतनी कम क्यों है?
— एड. आराधना भार्गव —
हाल ही में सम्पन्न हुए नगरीय निकाय एवं पंचायतों के चुनाव में महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि दम...
कांवड़ यात्रियों ने ही कांवड़ यात्री सैनिक कार्तिक की हत्या कर...
— रवीश कुमार —
आजकल का माहौल ऐसा है कि इस खबर को देखते ही धक से कर गया। सेना का एक जवान कांवड़ लेकर...
सत्य, अहिंसा और प्रेम के साथ बने रहेंगे गांधी
— प्रेम सिंह —
सरकारी संस्था ‘गांधी दर्शन एवं स्मृति’ की मासिक पत्रिका ‘अंतिम जन’ के सावरकर विशेषांक को लेकर कुछ गांधी-जन आक्रोश में हैं।...
गांधी की हत्या का सिलसिला जारी है !
— श्रवण गर्ग —
गांधी को अब उनके घर में घुसकर मारा जा रहा है। अभी तक कोशिशें बाहर से मारने की ही चल रहीं...
















