कांवड यात्रा का इतना विद्रुप चेहरा!

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— राकेश अचल — भक्ति और आस्था में सराबोर, कांवड़ यात्रा शुरु तो हो गई है लेकिन इस बार ये यात्रा और यात्री पहले से...

पाठ्य पुस्तकों के जरिए ‘हिस्ट्री’ बदलने का ‘हिस्टीरिया’

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— राकेश अचल — आजकल देश के भाग्य विधाताओं को हिस्टीरिया के दौरे फिर पडने लगे हैं. सरकार पाठ्य पुस्तकों के जरिए देश की हिस्ट्री...

महात्मा गांधी की एक दुलर्भ पेटिंग हुई ऑनलाइन नीलाम

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— डॉ परशुराम तिवारी — ब्रिटेन की राजधानी लंदन में महात्मा गांधी की एक दुलर्भ पेटिंग की नीलामी हुई है। कहा जाता है कि यह...

अमेरिका के कैफेटेरिया में रंगभेद के खिलाफ सिविलनाफरमानी !

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— प्रोफेसर राजकुमार जैन — 1964 में लोहिया मिसिसिपी अमेरिका में कई कॉलेजों के निमंत्रण पर भाषण देने गए थे। अमेरिका में लोहिया के अनेक...

जननायक अभी भी यात्रा में हैं, बहुतेरे एकलव्य भी!

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— संतोष सिंह — कल (१३ जुलाई) को आरा में "भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर: बेजुबानों की आवाज" पर परिचर्चा हुई। जिस तरह से संवाद...

टैन्ट वाला कॉफी हाउस

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— प्रोफेसर राजकुमार जैन — कनाट प्लेस (अब राजीव चौक) का इन्डियन कॉफी हाउस, जहाँ अब नई दिल्ली का भूमिगत पालिका बाज़ार है, पहले वहाँ...

धर्मग्रंथ + देवी-देवता : महात्मा गांधी

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— कलानंद मनी — मैं स्वयं पुराणों को धर्मग्रंथों के रूप में मानता हूँ । देवी-देवताओं को भी मानता हूँ। लेकिन पुराणपंथी उन्हें जिस रूप...

धम्मचक्र प्रवर्तन दिन

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आषाढ़ पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। राजकुमार सिद्धार्थ गौतम ने आषाढ़ पूर्णिमा के दिन २९ वर्ष की आयु...

उर्दू के प्रसिद्ध आलोचक और सम्पादक सी.एम. नईम की याद में

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— शुभनीत कौशिक — उर्दू के प्रसिद्ध आलोचक, अनुवादक और सम्पादक सी.एम. नईम (1936-2025) के इंतक़ाल की ख़बर मिली। ख़बर सुनकर मेरे ज़ेहन में उनके...

आपातकाल में आरएसएस का दोहरा चरित्र – भाग 1

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— जयशंकर गुप्त — आपातकाल से मुक्ति के बाद तकरीबन हर साल 25-26 जून को देश को इंदिरा गांधी के ‘अधिनायकवाद’ के हवाले किए जाने...