बंगाल के किसान राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन में अहम भूमिका निभाएँगे – जय किसान आंदोलन

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17 नवंबर। 12 राज्यों में फैला किसान संगठन जय किसान आंदोलन पश्चिम बंगाल में जय किसान महापंचायत के नाम से 3 विशाल किसान रैलियों का आयोजन कर रहा है। पहली महापंचायत का आयोजन दक्षिण 24 परगना जिले के कुलतली ब्लॉक में किया जा चुका है, दूसरी महापंचायत 17 नवंबर को हुगली जिले के पंडुआ ब्लॉक और तीसरी महापंचायत 18 नवंबर को उत्तर दिनाजपुर जिले के गोआलपोखर-I ब्लॉक में आयोजित है। जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव सभी महापंचायतों में उपस्थित रहेंगे। जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविक साहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लाम्बा और पश्चिम बंगाल जय किसान आंदोलन के अध्यक्ष प्रबीर मिश्रा भी महापंचायतों में उपस्थित रहेंगे। 11 राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली देहात, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब जय किसान आंदोलन का वरिष्ठ नेतृत्व भी महापंचायतों में शामिल होगा।

महापंचायतों में पश्चिम बंगाल के किसानों को दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन की स्थिति से अवगत कराते हुए उन्हें संघर्ष के आगामी कार्यक्रमों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही, फलों और सब्जियों जैसी स्थायी फसलों के लिए राज्यस्तरीय एमएसपी गारंटी और इस बार धान की खरीद में सभी किसानों को एमएसपी दिलाने जैसे पश्चिम बंगाल के किसानों के ज्वलंत मुद्दे रेखांकित किए जाएंगे।

इस मौके पर योगेंद्र यादव ने कहा, एक अवधारणा बन गयी है कि किसान आंदोलन का विस्तार पूर्वी भारत में नहीं हुआ है। पश्चिम बंगाल के तीन सुदूर इलाकों में विशाल महापंचायतों का आयोजन कर जय किसान आंदोलन इस भ्रम को तोड़ रहा है। जय किसान आंदोलन पश्चिम बंगाल के किसानों का आह्वान करता है कि वो राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन से जुड़कर तीन काले कृषि कानूनों को वापिस लेने और एमएसपी गारंटी कानून बनाने की माँग को मजबूत करें। बंगाल के किसान राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन में बहुत अहम भूमिका निभाएंगे।

अविक साहा ने कहा, बंगाल के किसान अधिकारों और स्वतंत्रता के कई आंदोलनों में अग्रणी भूमिका में रहे हैं। बंगाल के किसान भी देश के अन्य किसानों की तरह आज खतरे में हैं, इसलिए किसान आंदोलन को बंगाल के हर गांव में फैलाने की जरूरत है। इसी मकसद से जय किसान आंदोलन इन महापंचायतों का आयोजन कर रहा है।

दीपक लांबा ने कहा, किसान आंदोलन पंजाब और हरियाणा में बहुत मजबूत है, और हम उतना ही मजबूत पाश्चिम बंगाल में देखना चाहते हैं। जय किसान आंदोलन बंगाल में आंदोलन को खड़ा करने और मजबूत करने में पूरा ध्यान केंद्रित करेगा।

प्रबीर मिश्रा ने कहा, जय किसान आंदोलन की 8 जिलों के 500 गांवों में ग्राम स्तर की यूनिट बन चुकी है और इसी ताकत के साथ आगे बढ़ रही है। इसी ताकत व जमीनी स्तर पर किसानों के समर्थन के आधार पर इन महापंचायतों का आयोजन किया जा रहा है।

गौरतलब है कि जय किसान आंदोलन, संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संस्थापक सदस्यों में से एक है और 2015 से किसानों के मुद्दों पर यात्रा, रैली, प्रदर्शन और अन्य जमीनी गतिविधियों द्वारा लड़ाई लड़ रहा है।

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