लाखों गाँवों में सहकारी संस्थाएं बनाना अमित शाह के लिए बड़ी चुनौती
— हरीश शिवनानी —
पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने जो घोषणा की है वो शहरों और महानगरों में रहने वाले लोगों लिए शायद कोई महत्व नहीं रखती हो,...
राजनीतिक शर्म निरपेक्षता और बकवासवाद
— ध्रुव शुक्ल —
कुछ दिनों से यूट्यूब के संग्रह में संचित श्री अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण सुन रहा हूॅ़ं। उन्होंने यह तथ्य स्वीकार किया है कि एक समय अपराध करने वाले लोग राजनीतिक...
बेशक बेबाकी से झूठ बोलती है हमारी सरकार
— राकेश अचल —
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद जैसे शब्दों को बर्दास्त न कर पाने वाली सरकार यदि कहे कि- भारत सरकार आस्था और धर्म से जुड़े विश्वासों और परंपराओं पर...
नोटबंदी के बाद अघोषित वोटबंदी की ओर देश
— राकेश अचल —
लिखने के लिए विषय और मुद्दे कभी समाप्त नहीं होते. बीती रात मैने मप्र की राजनीति पर लिखने का मन बनाया था किंतु लिख रहा हूं बिहार की राजनीति के बहाने...
नो ईडी, नो सीबीआई, मानसून खोलता है भ्रष्टाचार की पोल
— राकेश अचल —
भारत में भ्रष्टाचार की जांच के लिए बना प्रवर्तन निदेशालय हो या सीबीआई फेल हो सकता है लेकिन वर्षा इकलौती एजेंसी है जो निर्माण कार्यों में हुए बडे से बडे भ्रष्टाचार...
फ़ारूक़ अब्दुल्ला जी से एक यादगार मुलाकात
— रणधीर कुमार गौतम —
भारतीय कश्मीरी आवाम का भारत के लोगों और भारत की सरकार के साथ संबंध अलग-अलग तरीकों से बना हुआ है। भारत की वर्तमान राजनीति में, जहाँ नेतृत्व में स्टेट्समैनशिप (राजनीतिक...
परिवारवादी पार्टियों के संकट
— परिचय दास —
भारतीय राजनीति में परिवारवादी पार्टियों का प्रभाव गहराई से जुड़ा हुआ है। इन दलों की संरचना सत्ता के उत्तराधिकार को एक परिवार के भीतर सुरक्षित रखने की मंशा पर आधारित होती...
इतिहास खुद को दोहराता है!
— मनोज अभिज्ञान —
सैकड़ों शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और लेखकों ने एक बार फिर दुनिया को चेतावनी देने के लिए इतिहास की ओर रुख किया है। ठीक सौ साल पहले, जब फासीवाद यूरोप को निगल रहा...
निर्माणाधीन गंगा पुल का नाम ‘लोहिया सेतु’ हो
— सुरेंद्र किशोर —
गांधी सेतु (पटना) के समानांतर निर्माणाधीन गंगा पुल का नाम डा.राम मनोहर लोहिया के नाम पर रखा जाना चाहिए। इस तरह आसपास के तीन पुल के नाम हो जाएंगे --गांधी-लोहिया -जय...
आपातकाल की याद में
— सुरेंद्र किशोर —
आॅस्टे्रलिया के राष्ट्रीय पुस्तकालय से मोदी सरकार मंगवाएगी आपातकाल पर शाह आयोग की रपट जिसे गायब करा दिया था 1980-84 की इंदिरा सरकार ने कब मंगाएगी शाह आयोग की रपट की...
















