सुभाषचन्द्र बोस के नाम पर संघी खेल!

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— प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी — कुछ समय पहले सुभाषचन्द्र बोस की 100 गोपनीय फाइल मोदी सरकार ने सार्वजनिक कीं। इसके पहले कुछ फाइल ममता सरकार...

स्मृति : राममनोहर लोहिया

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— परिचय दास — डॉ. राममनोहर लोहिया को प्रायः असुविधाजनक प्रश्नकर्ता और सत्ता से निरंतर टकराने वाले राजनेता के रूप में याद किया जाता है...

तकनीक की राजनीति – शुभनीत कौशिक

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वर्ष 1980 में राजनीति विज्ञानी लैंगडन विनर ने प्रभावशाली पत्रिका डैडलस में ‘तकनीक की राजनीति’ पर केंद्रित पर एक विचारोत्तेजक लेख लिखा था। दिलचस्प...

पुस्तक मेले का नायाब तोहफा! – राजकुमार जैन

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दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे पुस्तक मेले में पहले दिन ही दो मकसद ध्यान में रख कर गया था। एक तो नयी...

विनय कुमार सिंन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि!

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विनय कुमार सिंन्हा का जाना,  समाजवादी आंदोलन के एक वैचारिक,आस्थावान खंबे का  ढहना है।  किसी भी विचारधारा केप्रचार प्रसार ‌ की ध्वजा फहराने में...

श्रद्धांजलि : पर्यावरणविद माधव गाडगिल की याद में

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— डॉ. शुभनीत कौशिक — प्रख्यात पर्यावरणविद प्रो. माधव गाडगिल का कल 7 जनवरी को निधन हो गया। वे प्रो. यशपाल, जयंत नार्लीकर जैसे समकालीन...

श्रद्धांजलि : ज्ञान रंजन

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— परिचय दास — ज्ञान रंजन के न रहने की सूचना किसी एक व्यक्ति के जाने की सूचना नहीं है, यह उस बेचैन चेतना के...

जीने की कला में छेद – डॉ योगेन्द्र

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निराला ने एक कविता लिखी है- ‘स्नेह निर्झर बह गया है।’ उस कविता की कुछ पंक्तियां हैं - ‘स्नेह-निर्झर बह गया है ! रेत ज्यों तन...

विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि!

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— परिचय दास — ।। एक ।। विनोद कुमार शुक्ल का न रहना किसी एक व्यक्ति का न रहना नहीं है, यह उस मौन का उठ...

रिश्तों की मृत्यु कहीं आदमी की मृत्यु तो नहीं! – डॉ...

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जापान में एक कंपनी है - फैमिली रोमांस। यह कंपनी लोगों को पिता, पति, दोस्त और अन्य रिश्तेदार उपलब्ध करवाती है। ऐसी कई पेशेवर...