Tag: परिचय दास
विजय देव नारायण साही का प्रस्थान-बिंदु : सूफी, सत्ता और जायसी...
— परिचय दास —
विजयदेवनारायण साही की आलोचना~पुस्तक-- ‘जायसी’ को केवल मलिक मुहम्मद जायसी पर लिखी गई आलोचनात्मक पुस्तक मानना उसके वास्तविक महत्व को कम...
राखी की डोरी और मनुष्य की स्वतंत्रता
— परिचय दास —
रक्षाबंधन आते ही घर के भीतर एक बहुत पुरानी ध्वनि लौट आती है। कहीं थाली में रोली सजती है, कहीं अक्षत की...
परंपरा से परे नहीं, समय के भीतर : तुलसी की कविता...
— परिचय दास —
“नाना पुराण निगमागम सम्मतं यद् रामायणे निगदितं क्वचिदन्यतोऽपि।
स्वान्तःसुखाय तुलसी रघुनाथगाथा भाषानिबन्धमतिमञ्जुलमातनोति॥”
और इसी विनम्र आत्मस्वीकार को तुलसी एक दूसरी जगह और अधिक...
तुलसी : एक जीवित पाठ के भीतर प्रवेश
— परिचय दास —
।। एक ।।
समकालीन तुलसी-पाठ में पाठ की बहुस्तरीयता, सत्ता-संरचनाएँ, भाषा, वंचित आवाज़ें, जेंडर, जाति, प्रकृति, कथन-तकनीक, अंतर्पाठीयता, पाठक-समुदाय और बदलते अर्थ-संदर्भ...
गिरधर राठी: कविता की महीन आवाज़
— परिचय दास —
गिरधर राठी का अस्सीवाँ वर्ष किसी कैलेंडर पर चढ़ी हुई एक संख्या भर नहीं है। यह उस कवि की यात्रा का...
प्रेमचंद : राजनीति से संवाद करता साहित्य, राजनीति के अधीन नहीं
— परिचय दास —
प्रेमचंद का साहित्य जिस समय विकसित हुआ, वह भारतीय इतिहास का असाधारण संक्रमणकाल था। औपनिवेशिक सत्ता, राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलन, सामंती अवशेष, जमींदारी...
तर्क, विज्ञान और मिथक – परिचय दास
।। एक।।
तर्क, विज्ञान और मिथक तीन ऐसे ज्ञान-क्षेत्र हैं, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे का विरोधी मान लिया जाता है। तर्क को विवेक का पर्याय, विज्ञान...
पावर, पैसा और पब्लिक : मनमर्जी का त्रिकोण
— परिचय दास —
।। एक ।।
मनुष्य ने जब पहली बार किसी पत्थर को हथियार बनाया होगा, उसी दिन शक्ति का पहला बीज धरती पर पड़ा...
प्रभाष जोशी की पत्रकारिता की भाषा – परिचय दास
प्रभाष जोशी की पत्रकारिता का सबसे विलक्षण पक्ष उनकी भाषा है। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को केवल समाचारों की भाषा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे...
भिखारी ठाकुर के पुनर्पाठ!
— परिचय दास —
।। एक ।।
भिखारी ठाकुर के साहित्य पर विचार करत समय उनकर रचनात्मक संसार अउरी स्पष्ट रूप से उभर के सामने आवेला।...




















